राजनीति वृहद घोटाले करके उसे छिपाने में पूरी तरह नाकाम संप्रग सरकार की फजीहत

वृहद घोटाले करके उसे छिपाने में पूरी तरह नाकाम संप्रग सरकार की फजीहत

धाराराम यादव संसद का शीतकालीन सत्र, संप्रग सरकार द्वारा किये गये वृहद घोटालों को छिपाने में नाकाम रहने की भेंट चढ़ रहा है। सम्प्रति तीन…

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राजनीति तुष्टीकरण की नीति से भगवा आतंकवाद का भय

तुष्टीकरण की नीति से भगवा आतंकवाद का भय

डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के द्वारा भगवा आतंकवाद देश में फैलने का भय व्यक्त किया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्री…

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राजनीति भगवा आतंकवाद की व्याख्या

भगवा आतंकवाद की व्याख्या

धाराराम यादव गत् 25 अगस्त, 2010 से देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों एवं महानिरीक्षकों के तीन दिवसीय सम्मेलन का…

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प्रवक्ता न्यूज़ भारत में कौन बनेगा जूलियन असांजे, कौन करेगा विकिलीक्‍स

भारत में कौन बनेगा जूलियन असांजे, कौन करेगा विकिलीक्‍स

अविनाश दास फेसबुक पर टीवी पत्रकार रवीश कुमार ने एक सोसा छोड़ा कि भारत का विकिलीक्‍स कौन हो सकता है। उन्‍होंने कुछ वेबसाइट्स के नाम…

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विविधा भ्रष्टाचार : हम किसी से कम नहीं…

भ्रष्टाचार : हम किसी से कम नहीं…

फ़िरदौस ख़ान पिछले काफ़ी अरसे से देश की जनता भ्रष्टाचार से जूझ रही है और भ्रष्टाचारी मज़े कर रहे हैं. पंचायतों से लेकर संसद तक…

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समाज आदिवासी जीवन में परिवर्तन का विरोध क्यों ?

आदिवासी जीवन में परिवर्तन का विरोध क्यों ?

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी आदिवासियों के जब भी सवाल उठते हैं तो एक सवाल मन में आता है कि क्या आदिवासी अपरिवर्तनीय हैं ? क्या वे जैसे…

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राजनीति लोकतंत्र के मंदिर से टूटती आस

लोकतंत्र के मंदिर से टूटती आस

–पंकज चतुर्वेदी पिछले कुछ दिनों से भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत में जो कुछ हो रहा है, वो सीधे –सीधे इस देश की…

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विविधा जनता के पैसे के दुरूपयोग पर चुप्पी, क्यों..?

जनता के पैसे के दुरूपयोग पर चुप्पी, क्यों..?

-नन्‍दलाल शर्मा हालियॉ रिलीज फिल्म ‘नाँकआउट’ का एक चरित्र कहता है। ‘ क्या तुम्हें पता है कि हजार रुपए का नोट ‘ गुलाबी क्यों होता…

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विविधा वाराणसी में विस्‍फोट: आस्था और विश्वास पर हमला

वाराणसी में विस्‍फोट: आस्था और विश्वास पर हमला

लिमटी खरे आस्था के केंद्र वाराणसी में मंगलवार को हुए बम हादसे ने कुछ दिनों की खामोशी को तोड़ दिया है। बनारस में जो कुछ…

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कविता श्रीराम तिवारी की कविता : हारे को हरिनाम है …

श्रीराम तिवारी की कविता : हारे को हरिनाम है …

अब न देश-विदेश है, वैश्वीकरण ही शेष है। नियति नहीं निर्देश है, वैचारिक अतिशेष है।। जाति-धरम-समाज की जड़ें अभी भी शेष हैं। महाकाल के आँगन…

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धर्म-अध्यात्म सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक

सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक

ओ. पी. उनियाल मित्रता एवं सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक मजार एवं गुरुध्दारा। जिनका धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व अपने आप में एक उदाहरण हैं। दर्शनार्थी टेकते…

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विविधा साम्‍यवाद एवं पूंजीवाद का विकल्‍प है एकात्‍म मानवतावाद

साम्‍यवाद एवं पूंजीवाद का विकल्‍प है एकात्‍म मानवतावाद

-राजीव मिश्र स्वतंत्रता के उपरांत के अपने आर्थिक इतिहास के खतरनाक दौर में हम पहूंच गए हैं जबकि सारी व्यवस्था ही टूटती हुई दिखायी पड़ रही…

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