वृहद घोटाले करके उसे छिपाने में पूरी तरह नाकाम संप्रग सरकार की फजीहत
Updated: December 19, 2011
धाराराम यादव संसद का शीतकालीन सत्र, संप्रग सरकार द्वारा किये गये वृहद घोटालों को छिपाने में नाकाम रहने की भेंट चढ़ रहा है। सम्प्रति तीन…
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तुष्टीकरण की नीति से भगवा आतंकवाद का भय
Updated: December 19, 2011
डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के द्वारा भगवा आतंकवाद देश में फैलने का भय व्यक्त किया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्री…
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भगवा आतंकवाद की व्याख्या
Updated: December 19, 2011
धाराराम यादव गत् 25 अगस्त, 2010 से देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों एवं महानिरीक्षकों के तीन दिवसीय सम्मेलन का…
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भारत में कौन बनेगा जूलियन असांजे, कौन करेगा विकिलीक्स
Updated: December 19, 2011
अविनाश दास फेसबुक पर टीवी पत्रकार रवीश कुमार ने एक सोसा छोड़ा कि भारत का विकिलीक्स कौन हो सकता है। उन्होंने कुछ वेबसाइट्स के नाम…
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भ्रष्टाचार : हम किसी से कम नहीं…
Updated: December 19, 2011
फ़िरदौस ख़ान पिछले काफ़ी अरसे से देश की जनता भ्रष्टाचार से जूझ रही है और भ्रष्टाचारी मज़े कर रहे हैं. पंचायतों से लेकर संसद तक…
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आदिवासी जीवन में परिवर्तन का विरोध क्यों ?
Updated: December 19, 2011
-जगदीश्वर चतुर्वेदी आदिवासियों के जब भी सवाल उठते हैं तो एक सवाल मन में आता है कि क्या आदिवासी अपरिवर्तनीय हैं ? क्या वे जैसे…
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लोकतंत्र के मंदिर से टूटती आस
Updated: December 19, 2011
–पंकज चतुर्वेदी पिछले कुछ दिनों से भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत में जो कुछ हो रहा है, वो सीधे –सीधे इस देश की…
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जनता के पैसे के दुरूपयोग पर चुप्पी, क्यों..?
Updated: December 19, 2011
-नन्दलाल शर्मा हालियॉ रिलीज फिल्म ‘नाँकआउट’ का एक चरित्र कहता है। ‘ क्या तुम्हें पता है कि हजार रुपए का नोट ‘ गुलाबी क्यों होता…
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वाराणसी में विस्फोट: आस्था और विश्वास पर हमला
Updated: December 19, 2011
लिमटी खरे आस्था के केंद्र वाराणसी में मंगलवार को हुए बम हादसे ने कुछ दिनों की खामोशी को तोड़ दिया है। बनारस में जो कुछ…
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श्रीराम तिवारी की कविता : हारे को हरिनाम है …
Updated: December 19, 2011
अब न देश-विदेश है, वैश्वीकरण ही शेष है। नियति नहीं निर्देश है, वैचारिक अतिशेष है।। जाति-धरम-समाज की जड़ें अभी भी शेष हैं। महाकाल के आँगन…
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सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक
Updated: December 19, 2011
ओ. पी. उनियाल मित्रता एवं सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक मजार एवं गुरुध्दारा। जिनका धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व अपने आप में एक उदाहरण हैं। दर्शनार्थी टेकते…
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साम्यवाद एवं पूंजीवाद का विकल्प है एकात्म मानवतावाद
Updated: December 19, 2011
-राजीव मिश्र स्वतंत्रता के उपरांत के अपने आर्थिक इतिहास के खतरनाक दौर में हम पहूंच गए हैं जबकि सारी व्यवस्था ही टूटती हुई दिखायी पड़ रही…
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