सिकुड़ती धरती, पसरता शहर
Updated: December 23, 2011
-सतीश सिंह तेज शहरीकरण की आपाधापी में इंसान उन बुनियादी तथ्यों को भूल चुका है जो प्रकृति द्वारा प्रदत्ता संसाधनों की हदों से वास्ता रखते…
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मिड डे मील : पौष्टिक बनाम दूषित भोजन खाने को मजबूर बच्चे
Updated: December 23, 2011
-फ़िरदौस ख़ान स्कूलों में मिलने वाला दोपहर का भोजन ‘मिड डे मील’ भी बच्चों को कुपोषण से बचाने में सहायक साबित नहीं हो पा रहा…
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नेपाल के लिए घातक हैं माओवादी
Updated: December 23, 2011
– पवन कुमार अरविंद नेपाल में माओवादियों की धैर्यहीन सत्ताभिमुखी राजनीति देश को बर्बाद करके रख देगी। राजतंत्र के दौर में माओवादी नेता पुष्प कमल…
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संकटग्रस्त सुन्दरवन और न्यू मूर द्वीप अब सागर के आगोश की ओर
Updated: December 23, 2011
-मनोज श्रीवास्तव ”मौन’‘ दुनिया में अपने सदाबहार वनों के कारण 3500 किमी. के क्षेत्रफल में फैले और तटबन्ध से सुरक्षित वन्यक्षेत्र सुन्दरवन के रूप में…
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त्याग, करूणा व ज्ञान के भण्डार – महात्मा बुद्ध
Updated: December 23, 2011
– विनोद बंसल बालक सिद्धार्थ अपने चचेरे भाई के साथ जंगल की ओर निकले। भाई देवदत्त के हाथ में धनुष बाण था। ऊपर उडते एक…
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मैंने मंजिल को तलाशा मुझे बदज़ात मिले
Updated: December 23, 2011
– पंकज झा महिलाओं-बच्चियों के साथ किये जा रहे उत्पीड़न की शृंखला में टेनिस खिलाड़ी रही रुचिका गहरोत्रा का मामला एक बार और चर्चा में…
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अंडमान : बदलाव की बयार के तीस साल
Updated: December 23, 2011
-एस. बालाकृष्णन बंगाल की खाड़ी के पूर्व में स्थित भारत के पन्ना द्वीपों की यह दूसरी यात्रा थी। जब इंडियन एयरलाइन्स का जहाज वीर सावरकर…
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कम्प्यूटर और स्वावलंबन
Updated: December 23, 2011
-तिलक कम्प्यूटर आज के समय का सर्वाधिक विश्वसनीय व महत्वपूर्ण उपकरण है जिस पर हम पूर्णतया निर्भर करते हैं! सर्च इंजन से कुछ भी खोज…
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हमारे देश की सारी समस्या का हल – हिन्दी है
Updated: December 23, 2011
-सतीश कुमार आर. रावत “हमारा देश सन 1947 में आजाद हुआ” यह शब्द हमें हर जगह और हर दिन सुनने को मिलता है पर यह…
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यूं ही गुजरा साल
Updated: December 23, 2011
-संजय द्विवेदी डा. मनमोहन सिंह की सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा करने जा रही है किंतु बताने के लिए उसके पास क्या…
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नंदीग्राम से वेदांत विश्वविद्यालय तक- सरकारी दमन की एक ही गाथा
Updated: December 23, 2011
-डॉ कुलदीप चंद अग्निहोत्री 12 मई 2004 को मुम्बई में वर्ली में रहने वाले चार लोगों ने मिलकर भारतीय कम्पनी अधिनियम की धारा 25 के…
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ज़िन्दगी से भागते लोग
Updated: December 23, 2011
-फ़िरदौस ख़ान यह एक विडंबना ही है कि ‘जीवेम शरद् शतम्’ यानी हम सौ साल जिएं, इसकी कामना करने वाले समाज में मृत्यु को अंगीकार…
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