प्रवक्ता न्यूज़ टेलीविजन का तालिबानी मुक्तराज्य

टेलीविजन का तालिबानी मुक्तराज्य

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी टेलीविजन में तालिबानी तांडव चल रहा है। भारत के विभिन्न समाचार चैनल टीवी समाचारों के सभी किस्म के एथिक्स और कानूनों को त्यागकर…

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कविता कविता/ यह कैसा लोकतंत्र ?

कविता/ यह कैसा लोकतंत्र ?

-राजीव दुबे मानवीय संवेदनाओं पर होता नित निर्मम प्रहार, सीधे चलता जन निर्बल माना जाता, रौंदा जाता जनमत प्रतिदिन…, यह कैसा लोकतंत्र – यह कैसा…

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राजनीति फासिस्ट कौन ?

फासिस्ट कौन ?

-विजय कुमार न जाने कब से दिग्विजय सिंह, अर्जुन सिंह, राहुल गांधी, सोनिया और उनके दुमछल्ले संघ पर झूठे आरोप लगा रहे थे। दिग्विजय सिंह…

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आर्थिकी रक्‍त मुद्रा की समानांतर अर्थव्‍यवस्‍था

रक्‍त मुद्रा की समानांतर अर्थव्‍यवस्‍था

–रामदास सोनी धन वैध हो या अवैध, मनुष्य के ईमान को हिलाकर रख देता है। अकूत धन कमाने की लालसा निंरतर बढ़ती जाती है, यह…

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राजनीति अल्पसंख्यक वोट राजनीति और संघ

अल्पसंख्यक वोट राजनीति और संघ

-आर.एल.फ्रांसिस भारतीय राजनीति ने समाज को जोड़ने की जगह तोड़ने का काम ज्यादा किया है। नेताओं ने वोट बैंक के लालच में भारतीय समाज को…

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प्रवक्ता न्यूज़ साहित्यिक पत्रकारिता के नए आयाम

साहित्यिक पत्रकारिता के नए आयाम

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी साहित्य और साहित्यिक पत्रकारिता में थीम का महत्वपूर्ण होना स्वयं में समस्यामूलक है।हिन्दी की अनेक साहित्यिक पत्रिकाओं ने फासीवाद, प्रेम,बेबफाई , साम्प्रदायिकता, आतंकवाद,भूमंडलीकरण…

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व्यंग्य व्यंग्य/विपक्ष का मुंह बंद कर दिया रे……

व्यंग्य/विपक्ष का मुंह बंद कर दिया रे……

-अशोक गौतम ‘मेरे पास आओ मेरे दोस्तों एक किस्सा सुनाऊं….. मेरे पास आओ मेरे दोस्तों एक किस्सा सुनाऊं। किसका किस्सा सुनोगे? राष्‍ट्रमंडल खेलों में खिलाड़ियों…

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विविधा व्यर्थ ही बीत गया जैव –विविधता वर्ष

व्यर्थ ही बीत गया जैव –विविधता वर्ष

–पंकज चतुर्वेदी संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष २०१० को जैव –विविधता वर्ष घोषित किया है। ऐसा इस लिए की विश्व भर में जैव –विविधता गहरे…

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साहित्‍य हिन्दी का भाषा वैभव – डॉ. मधुसूदन उवाच

हिन्दी का भाषा वैभव – डॉ. मधुसूदन उवाच

भाषा की क्षमता के क्या निकष (कसौटियां) होने चाहिये? मैंने इस विषय में कुछ विचार, चिन्तन, मनन किया है और भी करता रहूंगा। अभी तक…

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साहित्‍य अवसाद के युग में साहित्य

अवसाद के युग में साहित्य

साहित्य का वर्तमान बदला रूप अधिकतर लोगों की समझ में नहीं आ रहा । इन दिनों भाषिक प्रयोगों और मध्यकालीन विषयवस्तुओं की प्रासंगिकता नजर आ…

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टेलिविज़न मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता का परोसा जाना…

मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता का परोसा जाना…

सूचना एंव संचार के क्षेत्र में आई ज़बरदस्त क्रांति ने टेलीविज़न के क्षेत्र में भी तमाम नए आयाम जोड़े हैं। समय के आगे बढ़ने के…

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राजनीति संघ से जंग कांग्रेस की राजनैतिक चाल

संघ से जंग कांग्रेस की राजनैतिक चाल

जो अखण्ड भारत की मॉग, स्वदेशी अपनाने पर बल, अपने पूर्वजों को नमन, भगवद्वज (भगवा घ्वज) को गुरू, भारतवर्ष को भूमि का टुकडा न मानते…

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