कौन है असली चाचा……?
Updated: December 24, 2011
बीते दिनों मुम्बई में दो आतंकियों को गिरफ्तार किया, जो धमाके की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आतंकी अब्दुल लतीफ और रियाज़ अली पाकिस्तान के…
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बजट, महंगाई और आम आदमी
Updated: December 24, 2011
बजट की सही समीक्षा बजट पेश किये जाने के कुछ दिनों बाद ही हो सकती है। तत्काल प्रतिक्रियाएं तो क्षणिक होती हैं तथा सही आकलन…
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देश की न्यायपालिका को चुनौती देते खाप पंचायतों के तालिबानी फैसले
Updated: December 24, 2011
खापों एवं पंचायतों का प्रचलन दरअसल हमारे समाज में आम लोगों के परस्पर मतभेदों को सुलझाने, उन्हें कोर्ट कचेहरी के चक्कर लगाने से बचाने तथा…
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खिलाड़ी, बहू और मीडिया
Updated: December 24, 2011
सानिया स्टार टेनिस खिलाड़ी हैं। अपनी रैंकिंग में उतार-चढ़ाव के बावजूद सानिया मीडिया का पसंदीदा चेहरा रही हैं। सफल और स्टार खिलाड़ी के पीछे लगकर…
Read moreबुद्धिजीवियों की आंतरिक गुलामी की मुक्ति तलाश में
Updated: December 24, 2011
आंतरिक गुलामी से मुक्ति के प्रयासों के तौर पर तीन चीजें करने की जरूरत है, प्रथम, व्यवस्था से अन्तर्ग्रथित तानेबाने को प्रतीकात्मक पुनर्रूत्पादन जगत से…
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रक्षा मंत्रालय में घुसा पाकिस्तानी एजेंट?
Updated: December 24, 2011
नई दिल्ली। भारत सरकार पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक और 26/11 हमलों के मुख्य षड्यंत्रकर्ता डेविड कोलमैन हेडली की सुपुर्दगी के लिए जहां एक ओर…
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देवी उपासना वैदिक काल से भी प्राचीन – हृदयनारायण दीक्षित
Updated: December 24, 2011
माँ सृष्टि के अणु परमाणु की जननी है। माँ प्रत्येक जीव की आदि अनादि अनुभूति है। माँ की देह का विस्तार ही हम सबकी काया…
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व्यक्तिगत जीवन में दखलंदाजी न करे मीडिया
Updated: December 24, 2011
सानिया मिर्जा शोएब मलिक से शादी करेंगी। यह ख़बर है पर इसने एक साथ ही कई मसलों को जन्म दे दिया है। पड़ोसी देश के…
Read moreऑनर किलिंग : अदालती फ़ैसले से उम्मीदें जगीं
Updated: December 24, 2011
हरियाणा में ऑनर किलिंग मामले में दोषियों को कड़ी सज़ा दिए जाने से खाप पंचायतों की तानाशाही पर कुछ अंकुश लगेगा, ऐसी उम्मीद की जा…
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इस पौरूषपूर्ण समय में साधारण नहीं है स्त्री को समान अधिकार देने का संघर्ष
Updated: December 24, 2011
नारे हों या प्रतीक, राजनीति उन्हें इस्तेमाल कर निस्तेज होते ही कूड़ेदान में फेंक देती है। ‘राजनीति’ में ‘स्त्री’ का नारा भगवान करे वैसे ही…
Read moreसमीक्षा का अतिवाद है ‘प्रशंसा’ और ‘खारिज करना’
Updated: December 24, 2011
हिन्दी साहित्यालोचना में मीडिया में व्यक्त नए मूल्यों और मान्यताओं के प्रति संदेह,हिकारत और अस्वीकार का भाव बार-बार व्यक्त हुआ है। इसका आदर्श नमूना है…
Read moreभोगवाद का चक्रवात और मुक्ति – डॉ. रामजी सिंह
Updated: December 24, 2011
सत्ता, संपत्ति एवं ज्ञान के भोग के त्रिदोष हैं। जो आधुनिक सभ्यता के भी प्रतीक हैं। इसी के कारण असीम हिंसा, अखंड सत्ता और अनंत…
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