यथार्थ, वास्तव और सत्य के फर्क
Updated: December 22, 2011
– हृदयनारायण दीक्षित सच क्या है? सत्य का सत्य आधुनिक विज्ञान की बड़ी चुनौती है। पंथिक पुस्तकों के अनेक तथ्य विज्ञान की खोजों में सत्य…
Read more
भारत में रेडियो के बढ़ते कदम
Updated: December 22, 2011
– अशोक बजाज जन संपर्क के माध्यम से रेडियो का मत्वपूर्ण स्थान है। अतः प्रसारण दिवस मनाने का प्रचलन जोरों पर है। देश के लिए…
Read moreयुद्धिष्ठिर का न्याय
Updated: December 22, 2011
– विजय कुमार एक बार राजा युद्धिष्ठिर के पास एक किसान का मामला आया। उसके खेत में चोरी करते हुए चार लोग पकड़े गये थे।…
Read more
क्यों बने आक्रांता का मकबरा?
Updated: December 22, 2011
बाबर कोई मसीहा नहीं अत्याचारी, अनाचारी, आक्रमणकारी और इस देश के निवासियों का हत्यारा है -लोकेन्द्र सिंह राजपूत सितम्बर में अयोध्या (अयुध्या, जहां कभी युद्ध…
Read more
अब न जागे तो बहुत देर हो जाएगी ….. !
Updated: December 22, 2011
हर हाल में स्थापित होगी ‘ रामलला प्रतिमा ‘ -डॉ0 नवीन आनंद श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण का जन आन्दोलन एक बार फिर प्रचण्ड वेग से…
Read more
कोटि हिन्दु जन का ज्वार, मंदिर के लिए सब तैयार ……
Updated: December 22, 2011
-डॉ0 नवीन जोशी क्या सूरज को सूरज होने का प्रमाण देना पड़ता है या चाँद को अपनी चांदनी साबित करना पड़ती है, मगर ये भारतीय…
Read moreजब तक ’अंग्रेजी’ राज रहेगा, स्वतंत्र भारत सपना रहेगा
Updated: December 22, 2011
– विश्वमोहन तिवारी (पूर्व एयर वाइस मार्शल) 1947 तक हमारा हृदय परतंत्र नहीं था, बाहर से हम परतंत्र अवश्य थे। 1947 के बाद हम बाहर…
Read more
भगवा आतंक का नया शिगूफा
Updated: December 22, 2011
-विजय कुमार भारत में स्वाधीनता के बाद भी अंग्रेजी कानून और मानसिकता जारी है। इसीलिए इस्लामी, ईसाई और वामपंथी आतंकवाद के सामने ‘भगवा आतंक’ का…
Read more
हाय गाय, अब तुम फिर कटोगी…? / गिरीश पंकज
Updated: June 6, 2012
दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेल होने जा रहे है. खेल के पहले भ्रष्टाचार के तरह-तरह के जो महान खेल हो रहे है, उनसे पूरा देश परिचित…
Read more
राहुल का करिश्मा कब तक
Updated: December 22, 2011
-डा. सुभाष राय कांग्रेस के भीतर राहुल गांधी की भूमिका प्रतिपक्ष जैसी है। सरकार जो नहीं कर सकती, वह राहुल करने की कोशिश करते हैं।…
Read moreवेदांता को समर्थन, उड़ीसा सरकार का छल
Updated: December 22, 2011
–पंकज चतुर्वेदी भारत अपने विकास के पथ पर तो बढ़ता जा रहा है लेकिन साथ-साथ देश में अमीर-गरीब के बीच की दूरियां भी लगातार बढती…
Read moreसवालों के घेरे में एनआईए की विश्वसनीयता एवं तटस्थता
Updated: December 22, 2011
-गौतम चौधरी विगत दिनों गुजरात के मोंडासा बम विस्फोट मामले की जांच का जिम्मा राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अपने हाथ में ले लिया। उसके…
Read more