जन-जागरण आज 11/9 है: इतिहास के सबसे चर्चित भाषण का दिन

आज 11/9 है: इतिहास के सबसे चर्चित भाषण का दिन

–    डॉ. पवन सिंह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ व्याख्यानों में से एक, स्वामी विवेकानंद जी के भाषण की तारीख 11 सितंबर। क्या था वो भाषण जिसने अमेरिका को…

Read more
पर्यावरण संयुक्त राष्ट्र: वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ‘प्रगति अब भी अपर्याप्त’

संयुक्त राष्ट्र: वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ‘प्रगति अब भी अपर्याप्त’

संयुक्त राष्ट्र ने 2015 के ऐतिहासिक पेरिस समझौते के बाद से जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक प्रगति का अपना पहला आधिकारिक मूल्यांकन या ग्लोबल स्टॉक टेक…

Read more
राजनीति  बसपा अकेले के चक्कर में वोटकटुआ पार्टी बनकर न रह जाये

 बसपा अकेले के चक्कर में वोटकटुआ पार्टी बनकर न रह जाये

संजय सक्सेना        उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट का नतीजा भारतीय जनता पार्टी से कहीं अधिक बहुजन समाज पार्टी…

Read more
लेख रंग लाया हमारा संघर्ष, ‘भारत’ नाम के लिए सरकार ने आगे बढ़ाए कदम।.

रंग लाया हमारा संघर्ष, ‘भारत’ नाम के लिए सरकार ने आगे बढ़ाए कदम।.

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’ जी-20 के लिए राष्ट्राध्यक्षों के लिए भारत की माननीय राष्ट्रपति की ओर से तैयार निमंत्रण पत्र में अंग्रेजी में भी प्रेज़िडेंट…

Read more
लेख वायु प्रदूषण के हाईरिस्क जोन में भारत की बड़ी आबादी

वायु प्रदूषण के हाईरिस्क जोन में भारत की बड़ी आबादी

भारत में बढ़ता प्रदूषण कितना जानलेवा हो चुका है इसे पिछले साल लेंसेट कमीशन ऑन पॉल्यूशन एंड हेल्थ रिपोर्ट ने साबित कर दिया। लेंसेट रिपोर्ट…

Read more
कविता मैं मुमुक्षु हूं सत्य का

मैं मुमुक्षु हूं सत्य का

जो लिखूंगासत्य लिखूंगाऐसा लिखूंगा किसत्य की कसौटी परसत्य को गवाही की जरूरत न हो ।ये क्या ?मैंने तो सत्य लिखने कासत्य प्रकट करने काखुद से…

Read more
आर्थिकी भारतीय संस्कृति वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु बनने की ओर अग्रसर  

भारतीय संस्कृति वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु बनने की ओर अग्रसर  

 भारत आदि काल से ही एक जीता जागता राष्ट्र पुरुष है, यह मात्र एक जमीन का टुकड़ा नहीं है। भारत के कंकड़ कंकड़ में शंकर…

Read more
कविता आत्मा की निरंतरता काया के बाहर भी होती

आत्मा की निरंतरता काया के बाहर भी होती

–विनय कुमार विनायक आत्मा की निरंतरता काया में ही नहीं काया के बाहर भी होती जिसकी अनुभूति सोने के बाद भी होती! जीवित जीवंत काया…

Read more
कला-संस्कृति हिंदी हमारी सनातन संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक है

हिंदी हमारी सनातन संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक है

प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। दरअसल भारत में हिंदी को आधिकारिक दर्जा मिलने की खुशी में यह दिवस मनाया…

Read more
कला-संस्कृति आत्मशुद्धि एवं जीवन-उत्थान का पर्व है पर्युषण

आत्मशुद्धि एवं जीवन-उत्थान का पर्व है पर्युषण

पर्युषण महापर्व- 12-19 सितम्बर, 2023-ललित गर्ग-जीवन सभी जीते हैं, लेकिन उसे खुली आंखों से देखते नहीं, जागते मन से जीते नहीं। इसीलिये जैन परम्परा में…

Read more
लेख अब अदालतें भी चिन्तित हैं माता-पिता की उपेक्षाओं पर

अब अदालतें भी चिन्तित हैं माता-पिता की उपेक्षाओं पर

– ललित गर्ग –नये बन रहे समाज एवं पारिवारिक संरचना में माता-पिता का जीवन एक त्रासदी एवं समस्याओं का पहाड़ बनता जा रहा है, समाज…

Read more
कविता अब ब्रज नहीं है वैसों

अब ब्रज नहीं है वैसों

(ब्रजदर्शन के बाद )जे वृन्दावन धाम नहीं है वैसो,कान्हा के समय रहो थो जैसोसमय बदलते बदले सब हालवृन्दावन हुओ अब बेहाल।कान्हा ग्वालों संग गैया चराई,वो…

Read more