लेख वैश्विक परिपेक्ष्य में हिन्दी

वैश्विक परिपेक्ष्य में हिन्दी

हिन्दी भाषा का इतिहास साढ़े तीन हजार वर्षों पुराना है ,लेकिन आज जिस हिन्दी भाषा को हम लिखते बोलते है ये केवल 121 वर्ष पुरानीं…

Read more
व्यंग्य कहने से नहीं, अपनाने से होगी हिंदी की सार्थकता

कहने से नहीं, अपनाने से होगी हिंदी की सार्थकता

सुशील कुमार ‘नवीन’ आप सभी जेंटलमैन को ‘ हिंदी दिवस’ की मैनी मैनी कांग्रेचुलेशन। यू नो वेरी वेल कि हिंदी हमारी मदरटेंग है। इसकी रिस्पेक्ट…

Read more
राजनीति G20 बैठक संपन्न, दुनिया ने देखी भारत की कूटनीतिक जीत, जलवायु नेतृत्व

G20 बैठक संपन्न, दुनिया ने देखी भारत की कूटनीतिक जीत, जलवायु नेतृत्व

रविवार को दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा को G20 की गैवेल दिये जाने के…

Read more
लेख मनुष्य की मनुष्य के प्रति कृतज्ञता है क्षमा !

मनुष्य की मनुष्य के प्रति कृतज्ञता है क्षमा !

मनुष्य जीवन में क्षमा(माफ करना )का बहुत बड़ा महत्व है। जो व्यक्ति क्षमा करना जानता है वह जीवन में सदैव आगे बढ़ता है, उन्नति प्रगति…

Read more
कविता भारत से इंडिया बनने तक हमने क्या क्या खोया

भारत से इंडिया बनने तक हमने क्या क्या खोया

—विनय कुमार विनायक जब हमारे देश का नाम भारतवर्ष था तब सिंधु रावी चिनाव झेलम सतलज ये पंच नद से हिन्दुकुश के आगे कैश्पियन सागर…

Read more
लेख विश्व बाज़ार में भारत की प्रतिनिधि ‘हिन्दी’

विश्व बाज़ार में भारत की प्रतिनिधि ‘हिन्दी’

·         डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ मानक बदल रहे हैं, इमारतों का क़द बढ़ रहा है, सीमाएँ विस्तारित हो रही हैं, आदमी चाँद पर जा रहा है, भारत चाँद के…

Read more
लेख राजस्थान, गांव और पानी

राजस्थान, गांव और पानी

सरिता आचार्यबीकानेर, राजस्थान भारत जैसे विशाल भूभाग पर भिन्न भिन्न जलवायु और भौगोलिक परिस्थिति देखने को मिलती है. मेघालय स्थित मासिनराम और चेरापूंजी जहां सबसे…

Read more
लेख हिन्दी है भारत के मस्तिष्क का तिलक  

हिन्दी है भारत के मस्तिष्क का तिलक  

हिंदी दिवस, 14 सितबंर, 2023 पर विशेष– ललित गर्ग-राजभाषा कही जाने वाली हिंदी भाषा अपने ही देश में घोर उपेक्षा की शिकार है, बावजूद आज दुनिया…

Read more
राजनीति दक्षिणी राज्यों में भी सदा से स्वीकार्य रही है हिंदी

दक्षिणी राज्यों में भी सदा से स्वीकार्य रही है हिंदी

प्रवीण गुगनानीहिंदी का देश की मातृभाषा के स्थान पर आरूढ़ होना कोई एकाएक नहीं हुआ था. स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान ही समस्त देशभक्तों, स्वतंत्रता संग्राम…

Read more
कला-संस्कृति भारत का सांस्कृतिक वैभव एक नया आकार ले रहा है

भारत का सांस्कृतिक वैभव एक नया आकार ले रहा है

 भारतीय सनातन संस्कृति, सभ्यता और परम्पराएं विश्व में सबसे अधिक प्राचीन मानी जाती है। भारतीय संस्कृति को विश्व की अन्य संस्कृतियों की जननी भी माना…

Read more
व्यंग्य हिंदी की खाइए और अंग्रेजी की गाइए

हिंदी की खाइए और अंग्रेजी की गाइए

गजोधर भईया हिंदी की उन्नति को लेकर बेहद परेशान रहते हैं। बेचारे हिंदी के विकास में खुद का विकास खोजते हैं। सितंबर का पुण्य मास…

Read more
पुस्तक समीक्षा राजेन्द्र अवस्थी की कविताएँ

राजेन्द्र अवस्थी की कविताएँ

राजेन्द्र अवस्थी की कविताएँडॉ- शिवशंकर अवस्थीमहासचिव, ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया मेरे पिताजी डॉ- राजेन्द्र अवस्थी ने अपनी साहित्यिक यात्र का प्रारम्भ एक कवि के रूप…

Read more