कविता आओ फिर से एक नया मानवीय धर्म बनाएँ

आओ फिर से एक नया मानवीय धर्म बनाएँ

—विनय कुमार विनायकआओ फिर से एक नया मानवीय धर्म बनाएँ,सब मानव मात्र में मानवता का अलख जगाएँ! जिसमें हो भक्ति माँ पिता और गुरु के…

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राजनीति गरीबी उन्मूलन एवं आर्थिक उन्नति के सुखद संकेत

गरीबी उन्मूलन एवं आर्थिक उन्नति के सुखद संकेत

– ललित गर्ग-आजादी के अमृत काल में सशक्त भारत एवं विकसित भारत को निर्मित करते हुए गरीबमुक्त भारत के संकल्प को भी आकार देने के…

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राजनीति विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिलेगा महिलाओं का साथ

विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिलेगा महिलाओं का साथ

मध्यप्रदेश में कुछ समय पहले तक कहा जा रहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का सरकार में लौटना बहुत कठिन दिख रहा है।…

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राजनीति सुविधा की सड़कों पर जान क्यों इतनी सस्ती है?  

सुविधा की सड़कों पर जान क्यों इतनी सस्ती है?  

– ललित गर्ग- भारत का सड़क यातायात तमाम विकास की उपलब्धियों एवं प्रयत्नों के असुरक्षित एवं जानलेवा बना हुआ है, सुविधा की खूनी एवं हादसे…

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बच्चों का पन्ना नये शिक्षा सत्र का हम करें अभिनंदन

नये शिक्षा सत्र का हम करें अभिनंदन

-डॉ. सौरभ मालवीय  शिक्षण संस्थानों में नया शिक्षा सत्र प्रारंभ हो चुका है। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में प्राय: नया शिक्षा सत्र अप्रैल महीने में…

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पर्यावरण हरित आवरण से ही जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण संभव

हरित आवरण से ही जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण संभव

अमृतांज इंदीवरमुजफ्फरपुर, बिहार मौसम की मार झेलते किसान एक बार और आस खो चुके हैं. खरीफ फसलों की तैयारी बेकार हो गई है. उप्र, बिहार,…

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लेख आखिर क्यों नदियां बनती हैं खलनायिकाएं?

आखिर क्यों नदियां बनती हैं खलनायिकाएं?

हाल के वर्षों में नदियों के पानी से डूबने वाले क्षेत्रों में शहरी बस्तियां बसने की रफ़्तार तेज़ हो गई है. इस कारण से भी…

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लेख आदिवासी समाज में भी बढ़ रहा है लैंगिक भेदभाव

आदिवासी समाज में भी बढ़ रहा है लैंगिक भेदभाव

प्रेम विजयधार, मध्य प्रदेश सदियों से आदिवासी समाज भले ही आर्थिक रूप से सशक्त नहीं हुआ है, लेकिन सामाजिक रूप से वह हमेशा सभ्य समाज…

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पर्यावरण गर्मी से राहत नहीं, आफत बन रही है मॉनसून की बारिश। वजह है जलवायु परिवर्तन।

गर्मी से राहत नहीं, आफत बन रही है मॉनसून की बारिश। वजह है जलवायु परिवर्तन।

बारिश की आमद गर्मी से राहत देने के लिए जानी जाती थी। मगर अब, यह राहत बन रही है आफत। भारत में चरम मौसम की…

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कविता क्या है जिंदगी?

क्या है जिंदगी?

डॉली गढ़ियापोथिंग, कपकोटबागेश्वर, उत्तराखंडदो पल की हसीन ये जिंदगीजिसे लफ़्ज़ों में बयां ना कर सके कोई,पल में जीना, पल में मरना जिसे पता न हो,वह…

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कविता सुनो, बरसात आयी रे !

सुनो, बरसात आयी रे !

अंजली शर्मामुजफ्फरपुर, बिहार बरसात का मौसम आया,सबके मन को भाया,कुछ लोगों को छोड़ो भाई,मैं भी हूं एक प्रेयसी तुम्हारी।तुम्हें देखते मैं हुई बावरी,सुनो, बरसात आई…

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कविता अगली पीढ़ी

अगली पीढ़ी

कह दो अगली पीढ़ी सेएक वक्त ऐसा भी आया था जहां सोच कैसी हो फ़र्क नहींपरम धर्म बस माया था पैसे वाला भगवान हुआगरीब शैतान…

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