राजनीति क्या कांग्रेस में वास्तविक लोकतंत्र आ सकेगा?

क्या कांग्रेस में वास्तविक लोकतंत्र आ सकेगा?

कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर नेताओं में जिस प्रकार से उत्सुकता बढ़ रही है, उसी प्रकार से कई नेता अपने आपको इस…

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पर्यावरण गुजरात और राजस्थान दे रहे देश में एनेर्जी ट्रांज़िशन को बल

गुजरात और राजस्थान दे रहे देश में एनेर्जी ट्रांज़िशन को बल

इस साल के अंत तक भारत ने अपने लिए 175 गीगावाट की रिन्यूबल एनेर्जी क्षमता स्थापना का लक्ष्य रखा था। मगर बीती अगस्त तक भारत…

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राजनीति आज पूरे विश्व में एकात्म मानववाद के सिद्धांत को अपनाने की सबसे अधिक आवश्यकता   

आज पूरे विश्व में एकात्म मानववाद के सिद्धांत को अपनाने की सबसे अधिक आवश्यकता   

पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय का जन्म दिनांक 25 सितम्बर 1916 को नगला चंद्रभान गांव उत्तर प्रदेश में हुआ था। आपके पिता का नाम श्री भगवतीप्रसाद…

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पर्यावरण नीति निर्माताओं ने राष्ट्रीय विद्युत नीति में किया सौर पर गौर

नीति निर्माताओं ने राष्ट्रीय विद्युत नीति में किया सौर पर गौर

जलवायु परिवर्तन के खिलाफ़ जारी इस वैश्विक जंग में प्रधान मंत्री मोदी ने लगातार एक शीर्ष भूमिका निभाई है। बदलती जलवायु के प्रति उनकी चिंता…

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राजनीति ईरान में हिजाब पर कोहराम

ईरान में हिजाब पर कोहराम

मुस्लिम औरतें हिजाब पहने या नहीं, इस मुद्दे को लेकर ईरान में जबर्दस्त कोहराम मचा हुआ है। जगह-जगह हिजाब के विरूद्ध प्रदर्शन हो रहे हैं।…

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राजनीति स्वच्छता से ही स्वस्थ एवं सशक्त भारत संभव

स्वच्छता से ही स्वस्थ एवं सशक्त भारत संभव

विश्व सफाई दिवस- 24 सितम्बर, 2022 पर विशेष ललित गर्ग हर साल 24 सितंबर को विश्व सफाई दिवस होता है, इस दिवस का उद्देश्य सफाई कार्यों…

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शख्सियत कश्मीरी पंडित नेता अश्विनी कुमार चरंगू

कश्मीरी पंडित नेता अश्विनी कुमार चरंगू

कश्मीरी पंडित समुदाय के जिन सामाजिक कार्यकर्त्ताओं और नेताओं की चर्चा और प्रशंसा मुक्त-कंठ से होती है, उनमें उल्लेखनीय हैं: सर्वश्री कश्यप बन्धु,शिवनारायण फोतेदार,बीरबल धर,श्यामलाल…

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राजनीति प्रजातंत्र के इतिहास में नारी सम्मान का अमिट आलेख

प्रजातंत्र के इतिहास में नारी सम्मान का अमिट आलेख

 ललित गर्ग उत्तर प्रदेश विधानसभा ने गुरुवार को पूरा एक दिन महिला जन प्रतिनिधियों को समर्पित कर नारी शक्ति को जो सम्मान दिया है, उसका…

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पर्यावरण आधी हो सकती है बिजली की कीमत

आधी हो सकती है बिजली की कीमत

अगर ऊर्जा क्षेत्र में कोयले पर निर्भरता चरणबद्ध तरीके से की जाती है कम तो साल 2050 तक हो सकती है बिजली की कीमत आधी…

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Tech बहुत ही करीने से आपका पासवर्ड और कुकीज को चोरी करता है यह वायरस

बहुत ही करीने से आपका पासवर्ड और कुकीज को चोरी करता है यह वायरस

(लिमटी खरे) विज्ञान लोगों के वरदान है तो अभिषाप से कम भी नहीं है। जब से इंटरनेट आया है तब से सायबर ठगी के प्रकरणों…

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धर्म-अध्यात्म स्वस्थ, सुखी व दीर्घ जीवन का आधार सन्ध्योपासना व इसके मन्त्रों का अर्थ सहित चिन्तन

स्वस्थ, सुखी व दीर्घ जीवन का आधार सन्ध्योपासना व इसके मन्त्रों का अर्थ सहित चिन्तन

–मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्य जीवन परमात्मा से हम सबको अपनी आत्मा और शरीर की उन्नति के लिये मिला है। आत्मा की उन्नति का साधन…

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लेख जब बेटी हो बेटी की दुश्मन,तब बेटी को कौन बचाये ?

जब बेटी हो बेटी की दुश्मन,तब बेटी को कौन बचाये ?

                                                                                                                       निर्मल रानी                                            पुरुषों द्वारा महिलाओं पर अत्याचार,उनका शोषण व उत्पीड़न करने की अनेक घटनायें आये दिन सुर्ख़ियों में रहती हैं। अक्सर महिलाओं द्वारा संगठित होकर ऐसे अपराधों व अपराधियों के विरुद्ध आवाज़ भी उठाई जाती है। ऐसे अवसरों पर महिलाओं के प्रति सहानुभूति रखने वाले व उनके मान सम्मान व महिला अधिकारों की क़द्र करने वाले तमाम पुरुष,युवक व छात्र उनके साथ उनकी आवाज़ से आवाज़ मिलाते भी देखे जाते हैं। क्योंकि हर न्यायप्रिय मानवतावादी पुरुष यह भी जानता है कि वह भी किसी महिला का पुत्र उसका भाई,पति या पिता है। महिलाओं की शिकायतों के समाधान हेतु सरकार द्वारा महिला आयोग गठित किये गये हैं। कई जगह महिला थाने बनाये गये हैं।  परन्तु हमारे ही देश में यह कहावत भी ख़ूब प्रचलित है कि औरत की सबसे बड़ी दुश्मन औरत ही होती है। ज़ाहिर है आम भारतीय परिवारों में प्रायः होने वाले सास-बहू,ननद-भाभी,जेठानी आदि से होने वाले घरेलू झगड़ों के चलते यह कहावत प्रचलन में आई होगी। यह भी सच है कि एक महिला अपनी बहू से बेटा पैदा करने के लिये जितनी आस लगाकर रखती है उतना उसका बेटा भी नहीं रखता। और ख़ुदा न ख़्वास्ता किसी औरत ने एक या दो तीन बेटियों को लगातार जन्म दे दिया तो सबसे अधिक सास की नज़रों में वह बहू खटकने लगती है। उसकी नज़रों से गिर जाती है। जहालत भरी इस सोच ने न जाने कितने घरों को बर्बाद किया है। तमाम बहुओं को इन्हीं परिस्थितियों में ख़ुदकशी तक करनी पड़ी है। नारी संबंधी अपराध की भी यदि पड़ताल करें तो हमारे ही समाज में अनेकानेक ऐसी महिलायें भी मिलेंगी जो कभी प्रेमिका के रूप में दूसरी महिला का घर उजाड़ देती हैं। कहीं महिलायें ही युवतियों को देह व्यापर में धकेल देती हैं, कहीं पेशेवर अपराधी बनकर महिलायें समाज को कलंकित करती और वह भी महिलाएं ही होती हैं जो अपने नवजात शिशुओं विशेषकर नवजात कन्याओं को कभी कूड़े के ढेर पर तो कभी नालों में…

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