आर्थिकी कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते प्रवासी भारतीय

कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते प्रवासी भारतीय

हम सभी भारतीयों के लिए यह गर्व का विषय है कि आज लगभग समस्त विकसित देश भारतीय मूल के नागरिकों को अपने देशों की नागरिकता…

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राजनीति भारत में गरीबी-अमीरी की खाई

भारत में गरीबी-अमीरी की खाई

डॉ. वेदप्रताप वैदिक आजकल हम भारतीय लोग इस बात से बहुत खुश होते रहते हैं कि भारत शीघ्र ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने…

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लेख ऋषि दयानन्द रचित सत्यार्थप्रकाश आदि ग्रन्थ मनुष्यों को सद्ज्ञान देकर ईश्वर का सच्चा भक्त व मोक्षगामी बनाते हैं

ऋषि दयानन्द रचित सत्यार्थप्रकाश आदि ग्रन्थ मनुष्यों को सद्ज्ञान देकर ईश्वर का सच्चा भक्त व मोक्षगामी बनाते हैं

–मनमोहन कुमार आर्य                 ऋषि दयानन्द (1825-1883) सच्चे ऋषि, योगी, वेदों के पारदर्शी विद्वान, ईश्वरभक्त, वेदभक्त, देशभक्त, सच्चे समाज सुधारक, वेदोद्धारक, वैदिकधर्म व संस्कृति के…

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मनोरंजन नेतागिरी : रील लाईफ और रियल लाईफ में है जमीन आसमान का अंतर

नेतागिरी : रील लाईफ और रियल लाईफ में है जमीन आसमान का अंतर

रील लाईफ से रियल लाईफ की नेतागिरी में आए तो सितारे, पर सफल नहीं हो पाए! लिमटी खरे रील लाईफ अर्थात फिल्मों का जीवन, इसमें…

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आर्थिकी भारतीय आर्थिक चिंतन के सहारे मुद्रा स्फीति शीघ्र ही नियंत्रण में लाई जा सकती है

भारतीय आर्थिक चिंतन के सहारे मुद्रा स्फीति शीघ्र ही नियंत्रण में लाई जा सकती है

लगातार बढ़ रही मुद्रा स्फीति की परेशानी पूरा विश्व ही महसूस कर रहा है। परंतु, भारत ने अपने आर्थिक चिंतन के सहारे मुद्रा स्फीति को…

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पर्यावरण क्यों जरूरी है पर्यावरण आधारित विकास की

क्यों जरूरी है पर्यावरण आधारित विकास की

-ललित गर्ग- पर्यावरण एवं प्रकृति की दृष्टि से हम बहुत ही खतरनाक दौर में पहुंच गए हैं क्योंकि संभव है कि मानव की गतिविधियां ही…

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लेख बच्चों के प्रति बढ़ती संवेदनहीनता को रोका जाये

बच्चों के प्रति बढ़ती संवेदनहीनता को रोका जाये

-ललित गर्ग- बच्चों के प्रति समाज को जितना संवेदनशील होना चाहिए, उतना नहीं हो पाया है। कैसा विरोधाभास है कि हमारा समाज, सरकार और राजनीतिज्ञ…

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राजनीति राजनीतिक नींव एवं मील के पत्थर थे शरद यादव

राजनीतिक नींव एवं मील के पत्थर थे शरद यादव

 ललित गर्ग  नए साल ने अभी अपनी गति पूरी तरह से पकड़ी भी नहीं है, लेकिन हिंदुस्तान की सियासत ने अपना एक धुरंधर,…

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राजनीति “बिन पानी सब सून” कहावत हमारे जीवन में कहीं वास्तविकता न बन जाए

बिन पानी सब सून” कहावत हमारे जीवन में कहीं वास्तविकता न बन जाए

ऐसा कहा जा रहा है कि आगे आने वाले समय में विश्व में पानी को लेकर युद्ध छिड़ने की स्थितियां निर्मित हो सकती हैं, क्योंकि…

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लेख जोशी मठ की स्थिति रातों रात इस तरह की नहीं है बनी!

जोशी मठ की स्थिति रातों रात इस तरह की नहीं है बनी!

क्या प्रशासनिक तंत्र सालों से ध्रतराष्ट्र की भूमिका में रहा! देश भर में इस तरह के स्थल करने होंगे चिन्हित लिमटी खरे उत्ताराखण्ड में आदि…

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राजनीति संघप्रमुख का कहा सज्जन राष्ट्रवादी मुस्लिमों को तो सदा से स्वीकार है

संघप्रमुख का कहा सज्जन राष्ट्रवादी मुस्लिमों को तो सदा से स्वीकार है

——————–  “तोड़ दूंगा ये सारे बुत ए खुदा पहले यह तो बता तुझको इनसे इतनी जलन क्यों है।  आए हैं कहां से ये बुत तेरी…

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टेलिविज़न गंभीर घाव वाली टीवी बहसों पर रोक जरूरी

गंभीर घाव वाली टीवी बहसों पर रोक जरूरी

ललित गर्ग समाज एवं राष्ट्र-निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाला मीडिया विशेषतः इलेक्ट्रोनिक मीडिया आजकल बहस के ऐसे अखाडे़ बन गये हैं, जहां राष्ट्र-विरोधी, नफरत…

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