आर्थिकी  संबल देगा बहुक्षेत्रीय आर्थिक क्षेत्रों को बिम्सटेक सम्मेलन

 संबल देगा बहुक्षेत्रीय आर्थिक क्षेत्रों को बिम्सटेक सम्मेलन

कोलंबो में 18वां बिम्सटेक शिखर सम्मेलन चल रहा है। प्रतीक्षित इस सम्मेलन का आयोजन श्रीलंका में हो रहा है जिसका एक खास मकसद भी है।…

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कला-संस्कृति नारी के अखंड सौभाग्य का पर्व है गणगौर  

नारी के अखंड सौभाग्य का पर्व है गणगौर  

– ललित गर्ग- राजस्थान की उत्सव संस्कृति जहां समृद्ध है वहीं उसमें जीवन के रंग, कला, शौर्य, पराक्रम एवं बलिदान की भावना देखने को मिलती…

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राजनीति भारत में रोजगार निर्माण हेतु संघ एवं अन्य कई संगठन मिलकर कर रहे हैं प्रयास

भारत में रोजगार निर्माण हेतु संघ एवं अन्य कई संगठन मिलकर कर रहे हैं प्रयास

भारत आज विश्व का सबसे युवा राष्ट्र कहा जा रहा है क्योंकि देश की दो तिहाई जनसंख्या की उम्र 35 वर्ष से कम है। देश…

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राजनीति संकल्प के प्रति समर्पित शख्सियत थे “डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार”

संकल्प के प्रति समर्पित शख्सियत थे “डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार”

दीपक कुमार त्यागी “डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार” एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपने दृढ़संकल्प के बलबूते देश को “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” के…

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कला-संस्कृति हिन्दू नववर्ष- गौरवशाली भारतीय संस्कृति के परिचायक का पर्व

हिन्दू नववर्ष- गौरवशाली भारतीय संस्कृति के परिचायक का पर्व

दीपक कुमार त्यागी दुनिया में “वसुधैव कुटुंबकम्” के सिद्धांत को मानने वाले सबसे प्राचीन गौरवशाली सनातन धर्म व संस्कृति का आम जनमानस के बीच अपना…

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राजनीति क्या है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ?

क्या है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ?

डा. हेडगेवार जी की जयंती पर विशेष आ सिंधु-सिंधु पर्यन्ता, यस्य भारत भूमिका l पितृभू-पुण्यभू भुश्चेव सा वै हिंदू रीति स्मृता ll इस श्लोक के…

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कला-संस्कृति विक्रम सम्वत् के प्रवर्तक हैं सम्राट विक्रमादित्य

विक्रम सम्वत् के प्रवर्तक हैं सम्राट विक्रमादित्य

श्रीराम तिवारीस्वाधीन भारत में संविधान स्वीकार करते समय राष्ट्र गान एवं राष्ट्र ध्वज के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर दो सम्वत् अंगीकार किये गये हैं. पहला…

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धर्म-अध्यात्म अविद्या मनुष्य, समाज, देश और संसार सबका प्रमुख व प्रबल शत्रु

अविद्या मनुष्य, समाज, देश और संसार सबका प्रमुख व प्रबल शत्रु

-मनमोहन कुमार आर्यवर्ण व्यवस्था के सम्बन्ध में कहा जाता है कि संसार के तीन प्रमुख शत्रु हैं। प्रथम अज्ञान व अविद्या, दूसरा अन्याय, शोषण वा…

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समाज अस्पताल में सुविधाओं की कमी से जूझ रहा पहाड़ का गांव

अस्पताल में सुविधाओं की कमी से जूझ रहा पहाड़ का गांव

हंसी गोस्वामी पिंगलो, गरुड़ उत्तराखंड उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआती चार महीने के बजट के लिए लगभग 21…

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राजनीति कौन लोकतंत्र को जीवंतता एवं भ्रष्टाचार मुक्ति देगा

कौन लोकतंत्र को जीवंतता एवं भ्रष्टाचार मुक्ति देगा

-ललित गर्ग-राष्ट्र में अन्याय, शोषण, भ्रष्टाचार, अनाचार और राजनीतिक अराजकता के विरुद्ध समय-समय पर क्रांतियां होती रही हैं। लेकिन उनका साधन और उद्देश्य शुद्ध न…

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कला-संस्कृति भारतीय नववर्ष: हमारा गौरव, हमारी पहचान

भारतीय नववर्ष: हमारा गौरव, हमारी पहचान

डॉ. पवन सिंह भारतीय नववर्ष हमारी संस्कृति व सभ्यता का स्वर्णिम दिन है. यह दिन भारतीय गरिमा में निहित अध्यात्म व विज्ञान पर गर्व करने का अवसर है. जिस भारत भूमि पर हमारा जन्म हुआ, जहां हम रहते हैं, जिससे हम जुड़े हैं उसके प्रति हमारे अंदर अपनत्व व गर्व का भाव होना ही चाहिए. भारतीय नववर्ष, इसे नव संवत्सर भी कह सकते हैं. इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था और सभी देवताओं ने सृष्टि के संचालन का दायित्व संभाला था. यह भारतीय या हिंदू रीति से नववर्ष का शुभारंभ है. यह उत्सव चैत्र शुक्ल प्रथमा को मनाया जाता है. जब पूरा विश्व एक जनवरी को नए वर्ष का आरंभ मानता है और भारत में भी 31 दिसंबर की रात को बारह बजे नए वर्ष का जश्न मनाया जाता है, उस मदहोशी में अपने देश की विस्मृत परंपरा को बनाए रखना अँधेरी रात में दिया जलाने के समान है. लेकिन जागरूक भारतीय समाज के प्रयासों से पिछले कई दशकों से इस परंपरा को कायम रखने में सज्जन शक्ति अपने-अपने स्थान पर लगी हुई है. यदि जापान अपनी परंपरागत तिथि…

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लेख युद्ध की विभीषिका की भेंट चढ़ता बचपन

युद्ध की विभीषिका की भेंट चढ़ता बचपन

दुनिया में शांति सिर्फ बुद्ध के रास्ते से आएगी युद्ध से नहीं।युद्ध का सबसे बुरा प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। पूरे विश्व भर में अब…

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