लेख क्यों वेतनभोगी दुधारू गाय कर के लिए बार-बार दूध दुही जाती है?

क्यों वेतनभोगी दुधारू गाय कर के लिए बार-बार दूध दुही जाती है?

-प्रियंका ‘सौरभ’ वेतन पाने वाले आय का उच्चतम प्रतिशत करों में देते हैं, बदले में कम मिलता है और उनके कर का रुपया वोटों के…

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कविता एक ॐकार सतनाम बांकी सब सिर्फ नाम

एक ॐकार सतनाम बांकी सब सिर्फ नाम

—विनय कुमार विनायकएक ॐकार सतनाम, बाकी सब सिर्फ नाम,एक ॐ उच्चार सत सत्व सद् सत्य काम! एक ॐ अनाहत अनहद नाद, बांकी आहत,एक ॐ धुन…

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लेख कमाई की होड़ में शिक्षण संस्थान, शिक्षा का बाजार या बाजार की शिक्षा।

कमाई की होड़ में शिक्षण संस्थान, शिक्षा का बाजार या बाजार की शिक्षा।

-प्रियंका ‘सौरभ’ “शिक्षा का उद्देश्य तथ्य नहीं बल्कि मूल्यों का ज्ञान है।”  युवा मन में इन मूल्यों को विकसित करने में स्कूल और कॉलेज एक…

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पर्यावरण बड़ी चुनौती है नासूर बन चुके प्लास्टिक प्रयोग को नियंत्रित करना

बड़ी चुनौती है नासूर बन चुके प्लास्टिक प्रयोग को नियंत्रित करना

                                                                          निर्मल रानी                                                 पॉलीथिन और प्लास्टिक का दिनोंदिन बढ़ता जा रहा उपयोग इस समय पूरे देश और देशवासियों के लिये विकराल समस्या का रूप…

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राजनीति साम्प्रदायिक उन्माद व नफ़रत की भेंट चढ़ते इंसान व इंसानियत 

साम्प्रदायिक उन्माद व नफ़रत की भेंट चढ़ते इंसान व इंसानियत 

दीपक कुमार त्यागी विश्व के कई देशों में आज भी धर्म के नाम पर बड़े पैमाने पर इंसान व इंसानियत की हत्या करके रक्तपात करवाने…

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आर्थिकी आर्थिक प्रगति के बल पर भारत पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर

आर्थिक प्रगति के बल पर भारत पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर

यदि भारत के प्राचीन अर्थतंत्र के बारे में अध्ययन किया जाय तो ध्यान आता है कि प्राचीन भारत की अर्थव्यस्था बहुत समृद्ध थी। ब्रिटिश आर्थिक…

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व्यंग्य चलो हम पेड़ लगाएं और वे कैमरा चमकाएं

चलो हम पेड़ लगाएं और वे कैमरा चमकाएं

                      प्रभुनाथ शुक्ल हमारे देश में बरसात का मौसम हरियाली उगाने का मौसम होता है।…

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लेख अब तो इस बर्बर मानसिकता पर कठोर नियंत्रण हो

अब तो इस बर्बर मानसिकता पर कठोर नियंत्रण हो

-ललित गर्ग- उदयपुर में एक दर्जी की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं पड़ा था कि महाराष्ट्र से भी ऐसी ही दिल दहला देने…

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कविता आदमी आज क्या क्या भूल गया।

आदमी आज क्या क्या भूल गया।

आदमी आज क्या क्या भूल गया।नई आने पर वह पुरानी भूल गया।। जब से टूथ पेस्ट बाजार में आया है।वह नीम की दातुन करना भूल…

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पर्यावरण एनसीईआरटी द्वारा पर्यावरण पाठ्यक्रम में बदलाव कितना सही? 

एनसीईआरटी द्वारा पर्यावरण पाठ्यक्रम में बदलाव कितना सही? 

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों पर नज़र डालें पता चलता है कि दुनिया भर में करीब 100 करोड़ बच्चों पर जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के बढ़ते…

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राजनीति बहुसंख्य समाज अपमान के घूंट कब तक पीता रहेगा?

बहुसंख्य समाज अपमान के घूंट कब तक पीता रहेगा?

-ललित गर्ग-हमारे देश के कुछ समूहों, वर्गों, राजनीतिक-गैर राजनीतिक संगठनों एवं सम्प्रदायों में राष्ट्रवाद का अभाव ही अनेक समस्याओं की जड़ है। इसी से धार्मिक…

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लेख सिर्फ़ सर्दियों में नहीं, गर्मियों में भी वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या  

सिर्फ़ सर्दियों में नहीं, गर्मियों में भी वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या  

जहां आमतौर पर यह माना जाता है कि वायु प्रदूषण सर्दियों के दौरान होने वाली समस्या है, वहीं 10 शहरों के गर्मियों के दौरान जुटाये…

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