लेख मनुष्य की चहुंमुखी उन्नति का आधार विद्या की वृद्धि से ही सम्भव

मनुष्य की चहुंमुखी उन्नति का आधार विद्या की वृद्धि से ही सम्भव

-मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य के जीवन के दो यथार्थ हैं, पहला कि उसका जन्म हुआ है और दूसरा कि उसकी मृत्यु अवश्य होगी। मनुष्य को जन्म…

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धर्म-अध्यात्म विश्व के कंेद्र बिंदु पर नटराज-नृत्य

विश्व के कंेद्र बिंदु पर नटराज-नृत्य

प्रमोद भार्गव भगवान शिव का विश्व के केंद्र बिंदु पर तांंडव नृत्य करना ही इस तथ्य का ठोस प्रतीक है कि नटराज-प्रतिमा का संबंध प्रकृति…

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विश्ववार्ता तालिबान से भारत सरकार सीधा संवाद क्यों नहीं करती ?

तालिबान से भारत सरकार सीधा संवाद क्यों नहीं करती ?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक अफगानिस्तान में अशरफ गनी सरकार गिर चुकी है लेकिन तालिबान की सरकार ने अभी तक औपचारिक सत्ता-ग्रहण नहीं किया है। किसी भी…

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लेख महिलायें ही सबसे अधिक धार्मिक अतिवाद व रूढ़िवादिता का  शिकार क्यों ?

महिलायें ही सबसे अधिक धार्मिक अतिवाद व रूढ़िवादिता का शिकार क्यों ?

                                                                                            निर्मल रानी  अफ़ग़ानिस्तान में तालिबानों द्वारा दो दशक बाद बलपूर्वक किये गये सत्ता नियंत्रण के बाद एक बार फिर अफ़ग़ानिस्तान की हुकूमत के अंधकार…

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लेख पंद्रह अगस्त के दिन आपने क्या किया

पंद्रह अगस्त के दिन आपने क्या किया

सच-सच बताओ आपने पंद्रह अगस्त के दिन क्या किया ? क्या आपने दो मिनट के लिए भी तिरंगे झंडे के पास जाकर नमन किया, हमारी…

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कविता जीवन की कुछ सच्चाईयां

जीवन की कुछ सच्चाईयां

रुक जाता है,नदी का प्रवाह समुंद्र में आकर।चैन मिलता है,मुसाफिर को अपने घर आकर।। पेट नही भरता लोगो का दौलत कमाकर।पेट तो भर जाता है,चार…

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कविता एक और नई सुबह

एक और नई सुबह

एक और नई सुबह सुरभित गर्वित स्वतंत्र स्वछंद। उन्मुक्त गगन मन आतुर अधीर आसमान छूने को भरने नई उड़ान। जाना किधर किञ्चित विचलित, दिखेगी जो…

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लेख रिश्ते कब और क्यों स्थाई या अस्थाई होते है

रिश्ते कब और क्यों स्थाई या अस्थाई होते है

“दो व्यक्तियों में रिश्ता तभी लंबे समय तक टिकता है, जब दोनों के विचार समान हों, और दोनों की रिश्ता बनाए रखने की इच्छा हो।”…

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विश्ववार्ता अफगान को चाहिए मानवता का प्रकाश

अफगान को चाहिए मानवता का प्रकाश

-ललित गर्ग- प्रतिवर्ष 19 अगस्त को मनाया जाने वाला विश्व मानवीय दिवस इस वर्ष अफगानिस्तान में हुई तालीबानी अमानवीयता, क्रूरता एवं बर्बरता की घटनाओं से…

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विश्ववार्ता काबुलः भारत की बोलती बंद क्यों है?

काबुलः भारत की बोलती बंद क्यों है?

डॉ. वेदप्रताप वैदिकपिछले दो हफ्तों से मैं बराबर लिख रहा हूं और टीवी चैनलों पर बोल रहा हूं कि काबुल पर तालिबान का कब्जा होने…

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राजनीति तालिबान, शरिया कानून और भारत

तालिबान, शरिया कानून और भारत

: डॉ. मयंक चतुर्वेदी पटकथा लिख चुकी है, अभी सरकार नहीं बनी लेकिन यह तय हो गया है कि प्रारंभ से ही कौन से देश…

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कविता परशुराम की सेना

परशुराम की सेना

—विनय कुमार विनायकतेरी महिमा अपरंपारकौन पाएतुमसे पारचाटुकार से करते प्यारस्वाभिमानी को देते मारबिना उठाए ही हथियारसेना रखते तुम तैयार! कभी वाहिनी थी तेरीवीर क्षत्रियों की…

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