कला-संस्कृति जय जगदीश हरे आरति के रचयिता पण्डित श्रद्धाराम फिल्लौरी

जय जगदीश हरे आरति के रचयिता पण्डित श्रद्धाराम फिल्लौरी

आत्माराम यादव पीव भारतवर्ष ही नहीं अपितु देश-दुनिया में कई देशों के सनातन धर्मावलम्बियों, वैष्णवों, साधु-संतों व ईश्वर के प्रति उत्कट प्रेम करने वाले भक्तों…

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राजनीति किसान आंदोलन :: जातिवाद और राजनैतिक महत्वकांक्षा की पूर्ति का जरिया बना आंदोलन

किसान आंदोलन :: जातिवाद और राजनैतिक महत्वकांक्षा की पूर्ति का जरिया बना आंदोलन

भगवत कौशिक। पिछले आठ महीने से देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों के विरोध मे चल रहा किसान आंदोलन अब पूरी…

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कविता बत्तियां गुल हैं

बत्तियां गुल हैं

जल पड़ी ।सब और फ़ैलाने उजाला चल पड़ी ।डूबते वालों को तिनका मिल गया ।मन कमल सूखा हुआ था खिल गया। ढूंढ ली माचिस तुरत…

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धर्म-अध्यात्म सृष्टि की आदि-ज्ञान-पुस्तक वेद का महत्व और हमारा कर्तव्य

सृष्टि की आदि-ज्ञान-पुस्तक वेद का महत्व और हमारा कर्तव्य

–मनमोहन कुमार आर्य                 ऋषि दयानन्द ने अपना जीवन ईश्वर के सत्यस्वरूप की खोज एवं मृत्यु पर विजय पाने के उपायों को जानने के लिये…

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पर्यावरण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ा रही आकाशीय बिजली की तीव्रता और आवृत्ति

ग्लोबल वार्मिंग बढ़ा रही आकाशीय बिजली की तीव्रता और आवृत्ति

हाल ही में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) से कम से कम 74 लोगों की मौत हो गई। इनमें…

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महिला-जगत बेटी बोझ नहीं, बेटी बरक्कत का सबब

बेटी बोझ नहीं, बेटी बरक्कत का सबब

मनोज कुमारमन के अंधियारे को दूर करने के लिए एक दीपक जलाना जरूरी होता है. और जब भारतीय समाज बेटी की बात करता है तो…

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लेख स्टार्टअप के जरिए रोजगार सृजन कर रहे हैं युवा

स्टार्टअप के जरिए रोजगार सृजन कर रहे हैं युवा

सौम्या ज्योत्सना मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार हमेशा नये कदम उठाती है ताकि युवा अपना रोज़गार का सृजन स्वयं कर सकें।…

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राजनीति कुपोषण एवं भूख की शर्म को दुनिया कैसे धोएं

कुपोषण एवं भूख की शर्म को दुनिया कैसे धोएं

ललित गर्ग कोरोना वायरस महामारी से आर्थिक गिरावट आई है और दशकों से भुखमरी एवं कुपोषण के खिलाफ हुई प्रगति को जोर का झटका लगा…

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राजनीति बढ़ती जनसंख्या – घटते संसाधन

बढ़ती जनसंख्या – घटते संसाधन

आज यह सर्वविदित है कि हमारे प्रिय देश भारत में बढ़ती जनसँख्या एक भयानक रुप ले चुकी है ? जिससे देश में विभिन्न धार्मिक जनसँख्या…

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आर्थिकी आर्थिक क्षेत्र में सुधार कार्यक्रम लागू करने की रफ्तार हुई तेज

आर्थिक क्षेत्र में सुधार कार्यक्रम लागू करने की रफ्तार हुई तेज

भारत में 30 वर्ष पूर्व, वर्ष 1991 में, आर्थिक क्षेत्र में सुधार कार्यक्रम लागू किए गए थे। उस समय देश की आर्थिक स्थिति बहुत ही…

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कविता मृत्यु एक अवस्था है जीवन की तरह

मृत्यु एक अवस्था है जीवन की तरह

—विनय कुमार विनायकमृत्यु एक अवस्था है जीवन की तरह हींजीवित देह जीव के लिए दृश्यमान स्थिति,जबकि मृत्यु एक अदृश्य अवस्था है! लंबी उम्र जीनेवाले व्यक्ति…

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राजनीति नया खतरा बनकर सामने आता ‘कप्पा’

नया खतरा बनकर सामने आता ‘कप्पा’

योगेश कुमार गोयलभारत में कोरोना की दूसरी लहर भले ही काफी कम हो गई हो लेकिन इसका खतरा अभी टला नहीं है। अभी भी देशभर…

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