पर्यावरण किगाली संशोधन को मंज़ूरी के साथ एक बार फिर दिखाया भारत ने नेतृत्व

किगाली संशोधन को मंज़ूरी के साथ एक बार फिर दिखाया भारत ने नेतृत्व

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में किगाली संशोधन हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (एचएफसी) की खपत और उत्पादन को धीरे-धीरे कम करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है। इस प्रोटोकॉल में अकेले सदी…

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कविता मेरी बहना

मेरी बहना

कभी वो दोस्त जैसी है, वो दादी मां भी बनती हैबचाने की मुझे खातिर, वो डांटे मां की सुनती हैअभी सर्दी नहीं आई, वो रखती…

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कविता बहनों की शुभकामना ——————–

बहनों की शुभकामना ——————–

रक्षा बंधन प्रेम का,हृदय का त्योहार !●●●●●इसमें बसती द्रौपदी,है कान्हा का प्यार !!●●●●●कहती हमसे राखियाँ,तुच्छ है सभी स्वार्थ !बहनों की शुभकामना,तुमको करे सिद्धार्थ !!●●●●●भाई-बहना नेह…

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विश्ववार्ता औचित्य खोते वैश्विक संगठन

औचित्य खोते वैश्विक संगठन

दृश्य 1: सुरक्षित स्थान की तलाश में अपने ही देश से पलायन करने के लिए एयरपोर्ट के बाहर हज़ारों महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों की भीड़ लगी…

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लेख सौहार्द्र के प्रतीक हैं केरल की मस्जिद और झारखण्ड का इमामबाड़ा

सौहार्द्र के प्रतीक हैं केरल की मस्जिद और झारखण्ड का इमामबाड़ा

उत्तम मुखर्जी आज मुहर्रम है। आज मस्ज़िद पर, इमामबाड़ा और दरगाह पर लिखता हूं।ये सबकुछ मुस्लिम से नहीं बल्कि हिंदू समुदाय से जुड़े हुए हैं।पहले…

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राजनीति उदारता पर कट्टरता की जीत मनुष्य के लिए घातक है

उदारता पर कट्टरता की जीत मनुष्य के लिए घातक है

व्यक्तिगत-स्वतंत्रता और सामाजिक-अनुशासन का नियंत्रण सतही स्तर पर दो परस्पर विरोधी विषय लगते हैं किंतु जीवन में इन दोनों का ही बराबर महत्व है और…

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लेख भारत में हथकरघा उद्योग के गौरवशाली दिन वापिस लाने हेतु किए जा रहे हैं कई प्रयास

भारत में हथकरघा उद्योग के गौरवशाली दिन वापिस लाने हेतु किए जा रहे हैं कई प्रयास

प्राचीन समय में भारत में प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध था। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में कृषि के साथ साथ हथकरघा उद्योग भी फल…

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कविता मां तुम कितना कुछ सहती हो

मां तुम कितना कुछ सहती हो

—विनय कुमार विनायकमां तुम कितना कुछसहती हो,फिरभी तुमकुछनाकहती हो,खाना हम सबको खिलाने तक,तुम मांदिनभर भूखी रहती हो! इस जहां में कहांकोईरचना,जो तेरे जैसेभूख-प्यास, नींदऔर ढेर…

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राजनीति तालीबानी राष्ट्र, दुनिया के लिए आफत

तालीबानी राष्ट्र, दुनिया के लिए आफत

प्रमोद भार्गव      राजधानी काबुल पर कब्जे के बाद अफगानिस्तान क्रूर तालीबानी शासकों के हाथ आ गया है। इसके साथ ही इस देश में भारी…

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राजनीति क्या तालिबान का उदय भारत को घेरने की बड़ी साज़िश…?

क्या तालिबान का उदय भारत को घेरने की बड़ी साज़िश…?

                              , अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कूटनीति जिस प्रकार से अपने पैर पसार रही है वह पूरी तरह से संकेत दे रही है कि इसके…

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विश्ववार्ता तालिबान औऱ भारत के क्षद्म सेक्यूलरवादी

तालिबान औऱ भारत के क्षद्म सेक्यूलरवादी

डॉ राघवेंद्र शर्माअफगानिस्तान में तालिबान राज से उपजे हालातों ने भारत के छद्म धर्मनिरपेक्षतावादियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बहुलता,सहिष्णुता,जेंडर औऱ धार्मिक…

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कविता मेरे दिल का दर्द

मेरे दिल का दर्द

तेरी आंखों में मुझे अपना हाल दिखता है।लगता है मुझे भी तू भी बेहाल दिखता है।। बहाना ढूंढती रहती हूं,मैं बात करूं तुझसे।वो बात क्या…

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