व्यंग्य “खेला होबे “

“खेला होबे “

पूर्वी भारत से हमारे राम जय बाबू पधारे । मैंने उनको रोसगुल्ला देकर कहा- “राम राम  राम जय  बाबू “।जय राम बाबू चिहुंक उठे ,पसीना -पसीना…

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कला-संस्कृति वर्ष प्रतिपदा ही भारत का नव वर्ष

वर्ष प्रतिपदा ही भारत का नव वर्ष

सुरेश हिन्दुस्थानीवर्तमान भारत में जिस प्रकार से सांस्कृतिक मूल्यों का क्षरण हुआ है, उसके चलते हमारी परंपराओं पर भी गहरा आघात हुआ है। यह सब…

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कविता कलाइयों पर ज़ोर देकर ?

कलाइयों पर ज़ोर देकर ?

लोगइतने सारे लोगजैसे लगा होलोगो का बाजारजहां ख़रीदे और बेचेजाते है लोगकुछ बेबस,कुछ लाचारलेकिन सब हैहिंसक, जो चीखना चाहते हैज़ोर से, लेकिनभींच लेते है अपनीमुट्ठियां…

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कविता हे राम…

हे राम…

राम तुम वन में रहो!राम तुम कौशल्या की कोख़ में रहो!राम तुम पिता के स्वभिमान में रहो!राम तुम सीता के तन-मन में रहो!राम तुम लक्ष्मण…

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राजनीति दलित मसीहा एवं क्रांतिकारी महामानव : भीमराव आम्बेडकर

दलित मसीहा एवं क्रांतिकारी महामानव : भीमराव आम्बेडकर

डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयन्ती- 14 अप्रैल, 2021 ललित गर्ग-दुुनिया-जहान और विशेषतः भारत की परिस्थितियों को एक संतुलित, भेदभावरहित एवं समतामूलक समाज की निगाह से देखने…

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लेख ज्योतिबा का संवाद संदेश एवं कर्म दीपशिखा बने

ज्योतिबा का संवाद संदेश एवं कर्म दीपशिखा बने

महात्मा ज्योतिबा फुले जन्म जयन्ती- 11 अप्रैल, 2021 ललित गर्ग- ‘मनुष्य जाति एक है’ इस आदर्श को आचरण तक लाने एवं अस्पृश्यता के संस्कारों को…

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राजनीति मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना :  शाहजहां की हिंदू विरोधी नीति

मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना : शाहजहां की हिंदू विरोधी नीति

शाहजहाँ की हिन्दू विरोधी नीति जहाँगीर के बाद उसके पुत्र शाहजहाँ ने उसकी विरासत को संभाला । शाहजहाँ के शासनकाल में को भारत के कई…

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राजनीति 8 अप्रैल की याद, वीर सपूतों तुम्हें सलाम!

8 अप्रैल की याद, वीर सपूतों तुम्हें सलाम!

भारत की भूमि का एक-एक कण खून से सींचा गया है। भारत की मिट्टी को वीर सपूतों ने अपने खून से सींचकर तैयार किया है।…

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लेख दूसरी लहर के हमले की बढ़ती रफ्तार की चिन्ता

दूसरी लहर के हमले की बढ़ती रफ्तार की चिन्ता

ललित गर्ग- देश में कोरोना की दूसरी लहर से जुड़ी डराने वाली खबरों के बावजूद केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारें गहरी नींद में हैं, पिछली…

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कविता डॉक्टर और साहित्यकार

डॉक्टर और साहित्यकार

सब बीमारियांअलसा कर बूढी हो गयी हैसब दवाईयाँ स्वर्ग चली गयी हैऔरकुछ डॉक्टरसाहित्यकार बन गए हैवो बीमारियों की किताब से चुराते हैअलंकारिक शब्दऔरमरी हुई कविता…

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कविता मानव सभ्यताएं

मानव सभ्यताएं

उसकी आँखे खुली थी या बंदये कह पाना मुश्किल सा ही थाक्योकि उसकी आँखो के बाहरबड़ी बड़ी तख्तियां लटक रही थीजिस पर लिखा था मानव…

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लेख मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना,  जब तोड़ा गया था मथुरा के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर को

मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना, जब तोड़ा गया था मथुरा के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर को

मथुरा के प्रसिद्ध मन्दिर को तोड़ा गया औरंगजेब को यह भली प्रकार जानकारी थी कि उसके पूर्वज बाबर ने किस प्रकार 1528 ई0 में भारतीय…

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