राजनीति समाजवाद से ही टलेगा सामाजिक-आर्थिक संकट

समाजवाद से ही टलेगा सामाजिक-आर्थिक संकट

अरविंद जयतिलकराष्ट्र-समाज व्यवस्था में बेहतर बदलाव के लिए डा0 लोहिया ने सामाजिक-आर्थिक संरचना में आमूलचूल परिवर्तन की बात कही थी। उनका स्पष्ट मानना था कि…

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आर्थिकी ग्रामों को केंद्र में रखकर आत्म निर्भरता को दिया जा सकता है व्यापक स्वरूप

ग्रामों को केंद्र में रखकर आत्म निर्भरता को दिया जा सकता है व्यापक स्वरूप

21वीं सदी में यदि भारत को पुनः एक वैश्विक शक्ति बनाना है तो हर क्षेत्र में हमें आत्म निर्भरता हासिल करना ज़रूरी है। आत्म निर्भरता…

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राजनीति देश की दिनचर्या को नियोजित करने की जरूरत

देश की दिनचर्या को नियोजित करने की जरूरत

-ललित गर्ग –नैशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (एनएसओ) ने पहली बार एक ऐसा सर्वे करवाया है जिससे पता चलता है कि देशवासी रोज के 24 घंटों में…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्यों के दो प्रमुख आवश्यक कर्तव्य सन्ध्या एवं देवयज्ञ अग्निहोत्र

मनुष्यों के दो प्रमुख आवश्यक कर्तव्य सन्ध्या एवं देवयज्ञ अग्निहोत्र

–मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्य एक मननशील प्राणी है। इसके पास विचार करने तथा सत्य व असत्य का निर्णय करने के लिए परमात्मा से बुद्धि…

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कविता दानवगुरु भार्गव शुक्राचार्य कन्या : यदुकुलमाता देवयानी

दानवगुरु भार्गव शुक्राचार्य कन्या : यदुकुलमाता देवयानी

—–विनय कुमार विनायकहे देवयानी!तुम्हें किस संज्ञा से विभूषित करुंकौन सा संबोधन दूं?एक पूर्वजा माता!एक पूर्वज पिता की प्रेयसी-पत्नी!या नारी एक स्वेच्छाचारिणी!तुम प्रेयसी और पत्नी थीचन्द्रवंशी…

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लेख जब ‘‘धूनीवाला रायट केस’’ 2 साल होशंगाबाद में रहकर जीते थे हरिहरानन्द छोटे दादाजी

जब ‘‘धूनीवाला रायट केस’’ 2 साल होशंगाबाद में रहकर जीते थे हरिहरानन्द छोटे दादाजी

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दोहे अब मैं आता हूँ मात्र!

अब मैं आता हूँ मात्र!

अब मैं आता हूँ मात्र अपनी, विश्व वाटिका को झाँकने; अतीत में आयोजित रोपित कल्पित, भाव की डालियों की भंगिमा देखने! उनके स्वरूपों की छटा…

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कविता मगध साम्राज्य पाटलीपुत्र के राजवंश

मगध साम्राज्य पाटलीपुत्र के राजवंश

—विनय कुमार विनायकमहाभारत कालीन बृहद्रथ पुत्र जरासंध केवंशजों की राजधानी गिरिव्रज थी मगध कीपांच सौ चौवालीस ई.पू.हर्यकवंशी भट्टी नेअपने पुत्र बिम्बिसार को गिरिव्रज की गद्दी…

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राजनीति सेवा के बहाने किसी का धर्म लूटने का अधिकार नहीं

सेवा के बहाने किसी का धर्म लूटने का अधिकार नहीं

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कविता एक ही ईश्वर-रब-खुदा-भगवान राम है!

एक ही ईश्वर-रब-खुदा-भगवान राम है!

—–विनय कुमार विनायकनुक़ता के हेर-फेर से जब खुदा जुदा हो जाता,ऐसे में एक ही ईश्वर-रब-खुदा-राम-भगवान है!राम कहो, रहमान कहो,आदम की संतान कहो! राम हीं हैं…

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राजनीति राष्ट्रवाद के लिए लोकपथ को अपनाने वाली राजनेता थीं राजमाता विजयाराजे सिंधिया

राष्ट्रवाद के लिए लोकपथ को अपनाने वाली राजनेता थीं राजमाता विजयाराजे सिंधिया

विवेक कुमार पाठक“मैं अब बिना किसी ग्लानि के परलोक जा सकती हूं। मैंने अपने सपने को सच होते देख लिया है।” रामजन्मभूमि आंदोलन के समय…

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लेख सामाजिक खाई पैदा करते ये संकीर्ण मानसिकता के लोग

सामाजिक खाई पैदा करते ये संकीर्ण मानसिकता के लोग

तनवीर जाफ़रीभारत वर्ष की समाजिक व्यवस्था सदियों से धार्मिक व सामाजिक सद्भाव व सौहार्द पर आधारित रही है। देश के ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं जो…

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