ऋषि दयानन्द ने सत्य के निर्णयार्थ सब धर्माचार्यों से शास्त्रार्थ किये थे
Updated: October 7, 2020
–मनमोहन कुमार आर्य सभी मनुष्य बुद्धि रखते हैं जो ज्ञान प्राप्ति में सहायक होने के साथ सत्य व असत्य का निर्णय कराने में भी…
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विष्णुगुप्त चाणक्य कौटिल्य
Updated: October 7, 2020
—विनय कुमार विनायकईसा पूर्व तीन सौ पचास में चमकाएक सितारा भारत भूमि मगध में,ब्राह्मण चणक का पुत्र विष्णुगुप्तचाणक्य कौटिल्य; कूटनीतिज्ञ गुरुमगध सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य का!…
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समान नागरिक संहिता से ही संभव है सबका साथ सबका विकास
Updated: October 7, 2020
-अशोक “प्रवृद्ध” संसार के किसी भी देश में पन्थ, मजहब के आधार पर पृथक- पृथक कानून नहीं होते, बल्कि सभी नागरिकों के लिए एक समान…
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परिवर्तन
Updated: October 7, 2020
अचानक कैसे बदल जाता है सब कुछराह चलते चलते आदमी तक बदल जाता है।गांव से शहर जाने वाले का पता बदल जाता हैऔर तो और…
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रिश्तों का भ्रम
Updated: October 7, 2020
हर रिश्ते की बुनियाद में स्वार्थ छिपा है,हर बात के पीछे कुछ न कुछ भावार्थ छिपा है,पैसों की इस दुनिया में भावनाओं का क्या काम,खोखले…
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नारी
Updated: October 7, 2020
उठो, जागो और लड़ोखुद के आत्मसम्मान के लिएखुद के अस्तित्व के लिए।सुना है न, भगवान भीउनकी मदद करता हैजो अपनी मदद खुद करते है।तो फिर…
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आर्य कौन, कहां से आए
Updated: October 7, 2020
—विनय कुमार विनायकआर्य कौन है?आर्य कहां से आए?यह आज भी पहेली हैकोई नही बुझा पाए हैंयह गुत्थी खुलती नहीकोई खोल नही पाए हैंसभी धारणा भटकाए!…
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कितने कल्पों से संग रहा!
Updated: October 7, 2020
कितने कल्पों से संग रहा,कितने जीवन ग्रह छुड़वाया;रिश्ते नाते कितने सहसा,मोड़ा तोड़ा छोड़ा जोड़ा! परिवार सखा जीवन साथी,वह बना रहा सब में साक्षी;हर राही से…
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झरने की हर झरती झलकी!
Updated: October 7, 2020
झरने की हर झरती झलकी,पुलकी ललकी चहकी किलकी;थिरकी महकी कबहुक छलकी,क्षणिका की कूक सुनी कुहकी! कब रुक पायी कब देख सकी,रुख़ दुख सुख अपना भाँप…
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वनाग्नि व समुद्र में तेल रिसाव से नष्ट हो रही है जैव विविधता
Updated: October 7, 2020
–अशोक “प्रवृद्ध” इस पृथ्वी पर विकसित विविध जीवन मानव की अनेक आवश्यकताओं को आदिकाल से ही पूर्ण करता रहा है, और आज भी कर रहा…
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हिन्दी पत्रकारिता के ‘माणिक’ मामाजी
Updated: October 7, 2020
प्रखर संपादक माणिकचंद्र वाजपेयी उपाख्य ‘मामाजी’ की 101वीं जयंती पर विशेष लोकेन्द्र सिंह ‘मन समर्पित, तन समर्पित और यह जीवन समर्पित। चाहता हूँ देश की…
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मामा माणिकचंद: एक ध्येय समर्पित पत्रकार
Updated: October 6, 2020
डॉ. पवन सिंह मलिक भारतीय पत्रकारिता में मूल्यों को स्थापित करने में अनेक नामों की एक लंबी श्रृखंला हमको दिखाई देती है। लेकिन उन मूल्यों…
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