राजनीति दीनदयाल उपाध्याय: राजनीति में संस्कृति के राजदूत

दीनदयाल उपाध्याय: राजनीति में संस्कृति के राजदूत

–    डॉ. पवन सिंह मलिक आप देश की सबसे बड़ी नौकरी (भारतीय प्रशासनिक सेवा) के लिए साक्षात्कार देने आये हैं। क्या आपको पता नहीं था कि साक्षात्कार…

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कविता पीड़ा के दो छोर

पीड़ा के दो छोर

१ज़िंदगी समय मेंघुलती जा रही है।समय में घुलने कीअनंत पीड़ा है।पीड़ा से बचने के लिये,शब्दों और सुर तालका सहारा है।संगीत में डूब जाऊं याकाव्य में…

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राजनीति चतुरी चाची और पगला राजकुमार

चतुरी चाची और पगला राजकुमार

आर्यावर्त नामक एक लोकतांत्रिक चरागाह थी I वहाँ खूब हरी- हरी घास उगती थी I इस चरागाह में अभिव्यक्ति की आज़ादी थी जिसका उपयोग करते…

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धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द एवं आर्यसमाज भक्त श्री ललित मोहन पाण्डेय जी

ऋषि दयानन्द एवं आर्यसमाज भक्त श्री ललित मोहन पाण्डेय जी

–मनमोहन कुमार आर्य                 हम अपने पचास वर्षों के आर्यसमाज से जुड़े जीवन में अनेक ऋषिभक्तों के सम्पर्क में आये हैं और उनसे वैदिक विषयों…

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लेख स्कूली शिक्षा के बदहाली और प्राइवेट स्कूल

स्कूली शिक्षा के बदहाली और प्राइवेट स्कूल

जावेद अनीस भारत में जब भी स्कूली शिक्षा के बदहाली की बात होती है तो इसका सारा ठीकरा सरकारी स्कूलों के मत्थे मढ़ दिया जाता…

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धर्म-अध्यात्म सब विद्या पढ व धर्मात्मा होकर सद्धर्म का उपदेश करें: महाराज मनु

सब विद्या पढ व धर्मात्मा होकर सद्धर्म का उपदेश करें: महाराज मनु

                 मनुस्मृति एक प्रसिद्ध एवं चर्चित ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ की शिक्षायें मनुष्य जीवन का कल्याण करने वाली है। यह सत्य है कि मनुस्मृति अति…

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कविता हे ईश्वर यदि तुम एक हो

हे ईश्वर यदि तुम एक हो

—विनय कुमार विनायकहे ईश्वर! यदि तुम एक हो,मानव-मन में एकता भर दे!असिधर को मसीधर कर दे!मसीधर में सद्विवेक भर दे! हे ईश्वर! यदि तुम नेक…

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राजनीति किसान विधेयकों पर व्यर्थ का टकराव

किसान विधेयकों पर व्यर्थ का टकराव

ललित गर्ग राज्यसभा में विपक्ष द्वारा कृषि विधेयकों के विरोध प्रकट करने का असंसदीय एवं आक्रामक तरीका, सत्तापक्ष एवं विपक्ष के बीच तकरार, आठ सांसदों…

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राजनीति एकात्म मानववाद के प्रवर्त्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय

एकात्म मानववाद के प्रवर्त्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय

–अशोक “प्रवृद्ध” एक प्रखर विचारक, उत्कृष्ट संगठनकर्ता तथा जीवनपर्यंन्त अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी व सत्यनिष्ठा को अत्यधिक महत्त्व देते हुए उस पर सदा आरूढ़ रहने वाले…

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कविता जब अपने सृष्टा कवियों से दुखी हो कविताओं ने की सामूहिक आत्महत्या

जब अपने सृष्टा कवियों से दुखी हो कविताओं ने की सामूहिक आत्महत्या

आत्माराम यादव पीव विश्व के तमाम देश के कवि अपना दिमाग लगाकर जितनी कविताए एक साल में लिखते है, उतनी कविताए भारत देश के तथाकथित…

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राजनीति क्या भारत की अपेक्षाओं पर खरा उतरती है मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति ?

क्या भारत की अपेक्षाओं पर खरा उतरती है मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति ?

केंद्र की मोदी सरकार ने अपनी नई शिक्षा नीति लागू कर दी है । इस शिक्षा नीति पर अनेकों शिक्षाशास्त्रियों, समाजशास्त्रियों, विद्वानों और मनीषियों ने…

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व्यंग्य ‘माल’ से मालामाल सिनेमा की थाली!

‘माल’ से मालामाल सिनेमा की थाली!

सिनेमावालों की इज्जत की पूंजी चौराहों पर नीलामी के इंतजार में है। क्योंकि उनकी दमित कामनाएं दुर्गंध की नई सड़ांध रच रही है। चेहरों से…

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