आर्थिकी अर्थव्यवस्था में प्राण फूंकने का तीसरा पैकेज

अर्थव्यवस्था में प्राण फूंकने का तीसरा पैकेज

-ललित गर्ग –कोरोना महामारी के कारण अस्तव्यस्त हुई अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये केन्द्र सरकार की ओर से एक बार फिर प्रोत्साहन…

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कविता भारत का पहला आक्रांता ईरानी साइरस

भारत का पहला आक्रांता ईरानी साइरस

—विनय कुमार विनायकभारत का पहला आक्रांताईरानी हखमीवंशी साइरस;कुरोश राजा था फारस का!तबतक इस्लाम का उदय नहीं हुआ थाईरानी था भारतीय आर्यों की भातृ शाखाअग्नि पूजक,…

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लेख कैसे रुक पाएंगे बाल तस्करी और बाल विवाह ?

कैसे रुक पाएंगे बाल तस्करी और बाल विवाह ?

— डॉo सत्यवान सौरभ, नेशनल चाइल्ड लाइन -1098 द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, बाल अपराध के मामलों में कोरोना लॉकडाउन के दौरान भारी वृद्धि…

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राजनीति न्याय की चौखट पर शाहीनबाग धरना

न्याय की चौखट पर शाहीनबाग धरना

देश की राजनीति में अराजक व शरारती तत्वों की बढ़ती सक्रियता हमारी लोकतांत्रिक व संवैधानिक व्यवस्था को आहत करने वाली है। लोकसभा व राज्यसभा से…

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लेख यह राक्षसीय विचार आख़िर आते कहाँ से हैं ?

यह राक्षसीय विचार आख़िर आते कहाँ से हैं ?

निर्मल रानीसोशल मीडिया पर अपनी औक़ात दिखाने की एक और बेहद शर्मनाक व चिंताजनक घटना इन दिनों देश का ध्यान आकर्षित कर रही है। यह…

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धर्म-अध्यात्म यज्ञमय शाकाहार युक्त वैदिक जीवन ही सर्वोत्तम जीवन है

यज्ञमय शाकाहार युक्त वैदिक जीवन ही सर्वोत्तम जीवन है

-मनमोहन कुमार आर्यवेद सृष्टि के प्राचीनतम ग्र्रन्थ हैं। वेदों के अध्ययन से ही मनुष्यों को धर्म व अधर्म का ज्ञान होता है जो आज भी…

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गजल गजल है कि दिल में सीधे उतरती

गजल है कि दिल में सीधे उतरती

—विनय कुमार विनायकतेरे मेरे सपनों की उड़ान है गजलकविता सुबह है तो शाम है गजल! गजल में शिकवा शिकायत होती हैये दर्द-ए-दिल की पहचान है…

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कविता कुछ कहता है सावन

कुछ कहता है सावन

कुछ कहता है सावन,मेरे मन के आँगन मे,साजन से तेरा मिलन करा दूक्या दोगी मुझे निछावन मे. मैं एक ऐसा सावन हूँ,तेरे तन मे अग्नि…

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राजनीति फ़ारुक़ के सुरों में देशद्रोह की बू

फ़ारुक़ के सुरों में देशद्रोह की बू

श्याम सुंदर भाटिया भारत माता की जय बोलने वाले डॉ. फ़ारुक़ अब्दुल्ला की जुबां अब शोले उगल रही है। स्वर एकदम देशद्रोह सरीखे हैं। भाव-भंगिमाएं…

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धर्म-अध्यात्म आत्मा, अनादि, अविनाशी व जन्म-मरण धर्मा है तथा मोक्ष की कामना से युक्त है

आत्मा, अनादि, अविनाशी व जन्म-मरण धर्मा है तथा मोक्ष की कामना से युक्त है

-मनमोहन कुमार आर्य                 संसार में तीन अनादि तथा नित्य पदार्थ हैं। यह पदार्थ हैं ईश्वर, जीवात्मा तथा प्रकृति। ईश्वर सत्य चित्त आनन्दस्वरूप एवं सर्वज्ञ…

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व्यंग्य उंगली मत दिखा, न उठा रे

उंगली मत दिखा, न उठा रे

आत्माराम यादव पीव व्यक्ति कोई भी हो, समाज कोई भी हो, देश कोई भी हो, छोटा हो या गरीब। अमीर हो या नेता स्त्री हो…

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लेख हिंदूओं की मॉब लिन्चिंग पर चुप्पी क्यों?: डॉ सुरेन्द्र जैन

हिंदूओं की मॉब लिन्चिंग पर चुप्पी क्यों?: डॉ सुरेन्द्र जैन

नई दिल्ली अक्तूबर 12, 2020। दिल्ली में पिछड़े वर्ग के एक गरीब ड्राइवर के लड़के राहुल कंडेला की कुछ कट्टरपंथी मुसलमानों के द्वारा की गई…

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