व्यंग्य भ्रष्टाचार अमर रहे …..

भ्रष्टाचार अमर रहे …..

वीरेंद्र परमार आजकल सभी लोग भ्रष्टाचार का उन्मूलन करने के लिए प्राणपण से जुटे हुए हैं I देश की एक सौ तीस करोड़ जनता भ्रष्टाचार…

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शख्सियत स्वामी अग्निवेश के  निधन से देश के एक क्रांतिकारी पक्ष का अंत

स्वामी अग्निवेश के निधन से देश के एक क्रांतिकारी पक्ष का अंत

–अशोक “प्रवृद्ध” सामाजिक कार्यकर्ता इकासी वर्षीय स्वामी अग्निवेश का शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलिअरी साइंसेस (आईएलबीएस) में निधन हो जाने…

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शख्सियत हिंदी के कोहिनूर- बाबा कामिल बुल्के

हिंदी के कोहिनूर- बाबा कामिल बुल्के

     श्याम सुंदर भाटिया बेल्जियम में जन्मे फादर कामिल बुल्के की जीवनभर कर्मभूमि हिंदुस्तान की माटी रही। हिंदी के पुजारी बुल्के मृत्युपर्यंत हिंदी, तुलसीदास और…

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आर्थिकी डरा रहे हैं आर्थिक गिरावट के आंकड़े

डरा रहे हैं आर्थिक गिरावट के आंकड़े

-ललित गर्ग-कोरोना महामारी के कारण न केवल भारत बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं चरमरा गयी है।   भारत में लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था की स्थिति न…

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राजनीति ग्लोबल टाइम्स, चीन और भारत

ग्लोबल टाइम्स, चीन और भारत

डॉ. मयंक चतुर्वेदी चीन और भारत का सीमा विवाद कोई नया नहीं है। 1962 में चीन-भारत के बीच हुए युद्ध में जिस तरह से चीन…

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कविता कंगना के मन की पीड़ा

कंगना के मन की पीड़ा

तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे,हां,तुम मुझे भुला ना पाओगे।पंगा लिया है तुमने मुझसेउसका खामियाजा तो उठाओगे। यह देश है सभी वासियों काअकेला नहीं हैं…

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कविता है हिंदी यूं हीन ।।

है हिंदी यूं हीन ।।

बोल-तोल बदले सभी, बदली सबकी चाल ।परभाषा से देश का, हाल हुआ बेहाल ।। जल में रहकर ज्यों सदा, प्यासी रहती मीन ।होकर भाषा राज…

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लेख नई शिक्षा नीति के चक्रव्यूह में हिन्दी

नई शिक्षा नीति के चक्रव्यूह में हिन्दी

प्रो. अमरनाथचकित हूँ यह देखकर कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 में संघ की राजभाषा या राष्ट्रभाषा का कहीं कोई जिक्र तक नहीं है. पिछली सरकारों…

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राजनीति आखिर किसकी ताकत पर सवार कंगना?

आखिर किसकी ताकत पर सवार कंगना?

शिवसेना को उसी की भाषा में पहली बार किसी फिल्मी सितारे ने कड़ी चुनौती दी है। शिवसेना सन्न है। क्योंकि उसकी ताकतवर छवि को कंगना…

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हिंदी दिवस मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी

मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी

 सत्यवान सौरभ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों में “बड़े पैमाने पर परिवर्तनकारी सुधार” लाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर, जीव व प्रकृति न होते तो संसार का अस्तित्व न होता

ईश्वर, जीव व प्रकृति न होते तो संसार का अस्तित्व न होता

–मनमोहन कुमार आर्य                 संसार में तीन अनादि सत्तायें हैं। यह सत्तायें नित्य अर्थात् सदा रहने वाली हैं। इनका अभाव कभी नहीं होता। जो पदार्थ…

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हिंदी दिवस हिन्दी के बिना देश की तरक्की अधूरी

हिन्दी के बिना देश की तरक्की अधूरी

– ललित गर्ग- प्रत्येक 14 सितबंर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। देश की आजादी के पश्चात 14 सितंबर, 1949 को भारतीय संविधान सभा ने…

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