कविता रिश्तों का भ्रम

रिश्तों का भ्रम

हर रिश्ते की बुनियाद में स्वार्थ छिपा है,हर बात के पीछे कुछ न कुछ भावार्थ छिपा है,पैसों की इस दुनिया में भावनाओं का क्या काम,खोखले…

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कविता नारी

नारी

उठो, जागो और लड़ोखुद के आत्मसम्मान के लिएखुद के अस्तित्व के लिए।सुना है न, भगवान भीउनकी मदद करता हैजो अपनी मदद खुद करते है।तो फिर…

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कविता आर्य कौन, कहां से आए

आर्य कौन, कहां से आए

—विनय कुमार विनायकआर्य कौन है?आर्य कहां से आए?यह आज भी पहेली हैकोई नही बुझा पाए हैंयह गुत्थी खुलती नहीकोई खोल नही पाए हैंसभी धारणा भटकाए!…

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दोहे कितने कल्पों से संग रहा!

कितने कल्पों से संग रहा!

कितने कल्पों से संग रहा,कितने जीवन ग्रह छुड़वाया;रिश्ते नाते कितने सहसा,मोड़ा तोड़ा छोड़ा जोड़ा! परिवार सखा जीवन साथी,वह बना रहा सब में साक्षी;हर राही से…

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दोहे झरने की हर झरती झलकी!

झरने की हर झरती झलकी!

झरने की हर झरती झलकी,पुलकी ललकी चहकी किलकी;थिरकी महकी कबहुक छलकी,क्षणिका की कूक सुनी कुहकी! कब रुक पायी कब देख सकी,रुख़ दुख सुख अपना भाँप…

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पर्यावरण वनाग्नि व समुद्र में तेल रिसाव से नष्ट हो रही है जैव विविधता

वनाग्नि व समुद्र में तेल रिसाव से नष्ट हो रही है जैव विविधता

–अशोक “प्रवृद्ध” इस पृथ्वी पर विकसित विविध जीवन मानव की अनेक आवश्यकताओं को आदिकाल से ही पूर्ण करता रहा है, और आज भी कर रहा…

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लेख हिन्दी पत्रकारिता के ‘माणिक’ मामाजी

हिन्दी पत्रकारिता के ‘माणिक’ मामाजी

प्रखर संपादक माणिकचंद्र वाजपेयी उपाख्य ‘मामाजी’ की 101वीं जयंती पर विशेष लोकेन्द्र सिंह ‘मन समर्पित, तन समर्पित और यह जीवन समर्पित। चाहता हूँ देश की…

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लेख मामा माणिकचंद: एक ध्येय समर्पित पत्रकार

मामा माणिकचंद: एक ध्येय समर्पित पत्रकार

डॉ. पवन सिंह मलिक भारतीय पत्रकारिता में मूल्यों को स्थापित करने में अनेक नामों की एक लंबी श्रृखंला हमको दिखाई देती है। लेकिन उन मूल्यों…

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व्यंग्य ‘स्वादु’ जैसा स्वाद लिए है ये ‘साडनफ्रोइडा’

‘स्वादु’ जैसा स्वाद लिए है ये ‘साडनफ्रोइडा’

सुशील कुमार ‘नवीन’  दुनिया जानती है हम हरियाणावाले हर क्षण हर व्यक्ति वस्तु और स्थान में ‘संज्ञा’ कम ‘स्वाद’ ज्यादा ढूंढते हैं। ‘सर्वनाम’ शब्दों का…

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आर्थिकी देश में आर्थिक गतिविधियाँ पटरी पर लौटीं

देश में आर्थिक गतिविधियाँ पटरी पर लौटीं

पूरे विश्व में कोरोना वायरस महामारी के चलते आर्थिक गतिविधियाँ ठप्प पड़ गई थीं। भारत भी इस प्रभाव से अछूता नहीं रहा था। लॉकडाउन के…

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धर्म-अध्यात्म वेद प्रतिपादित ईश्वर के सत्यस्वरूप में विश्वास से जीवन की सफलता

वेद प्रतिपादित ईश्वर के सत्यस्वरूप में विश्वास से जीवन की सफलता

मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्य का आत्मा सत्य व असत्य का जानने वाला होता है परन्तु अपने प्रयोजन की सिद्धि, हठ, दुराग्रह तथा अविद्या आदि…

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लेख आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम

सूर्यकांत देवांगन भानुप्रतापपुर, कांकेर छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान कुछ महीनों पहले ही शुरू किया है, लेकिन छत्तीसगढ़ की एक ग्रामीण…

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