कविता एक धर्म निरपेक्ष कविता

एक धर्म निरपेक्ष कविता

—–विनय कुमार विनायकमैं चाहता हूंएक ऐसी कविता लिखनाजिसमें परम्परा गान न होकिसी संस्कृति पुरुष का नाम न होजो पूरी तरह से हो सेकुलरऔर समकालीन भी!…

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धर्म-अध्यात्म एक ईश्वर ही सृष्टि का उत्पत्तिकर्ता, पालक एवं जीवात्माओं का मुक्तिदाता है

एक ईश्वर ही सृष्टि का उत्पत्तिकर्ता, पालक एवं जीवात्माओं का मुक्तिदाता है

-मनमोहन कुमार आर्यहम अपने जीवन के प्रथम दिन से ही इस सृष्टि को अपनी आंखों से देख रहे हैं। इस सृष्टि का अस्तित्व सत्य है।…

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राजनीति टीकाकरण में दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बना भारत

टीकाकरण में दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बना भारत

योगेश कुमार गोयलकोरोना के अंत के लिए भारत में गत 16 जनवरी को दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था और पहले ही…

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लेख शुद्ध साधुता की सफेदी में सिमटा विलक्षण व्यक्तित्व : साध्वीप्रमुखाश्री कनकप्रभाजी

शुद्ध साधुता की सफेदी में सिमटा विलक्षण व्यक्तित्व : साध्वीप्रमुखाश्री कनकप्रभाजी

-ः ललित गर्ग:- इक्कीसवीं सदी तो महिलाओं के वर्चस्व की सदी मानी जाती है। उन्होंने विभिन्न दिशाओं में सृजन की ऋचाएं लिखी हैं, नया इतिहास…

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कविता अमृत और विष अपने हिय में होता है

अमृत और विष अपने हिय में होता है

—विनय कुमार विनायकअमृत और विष अपने हिय में होता है,अमृत के नाम से चहक उठता मानव,विष के नाम पर वह व्यर्थ ही रोता है!अमृत और…

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कविता धर्माधिकारी

धर्माधिकारी

—–विनय कुमार विनायकचाहे तुम बदल लो नाम जाति उपाधियहां तक कि धर्म भीपर तुम्हारी जाति उपाधि वंशावलीखोज ही लेंगे धर्माधिकारीतुम्हें अकुलीन/वर्णसंकर के बजायअपनी बराबरी का…

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राजनीति विभ्रम और बिखरावग्रस्त विपक्ष और भविष्य की राजनीति!

विभ्रम और बिखरावग्रस्त विपक्ष और भविष्य की राजनीति!

आज भारत के विपक्षी दलों में आपसी अविश्वास और बिखराव हैI विपक्ष का क्रमशः सिकुड़ते जाना लोकतान्त्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं हैI हालाँकि,…

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लेख सेल्फ मोटिवेट बने_वर्ल्ड कैंसर डे

सेल्फ मोटिवेट बने_वर्ल्ड कैंसर डे

कैंसर के प्रति हर नागरिक को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जा जाता है जिसका उद्देश्य कैंसर…

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लेख स्वयं को देखने के लिए मन की आँखों को खोलें

स्वयं को देखने के लिए मन की आँखों को खोलें

अखिलेश आर्येन्दु अचानक पीछे से उन्होंने दोनों हाथों से मेरी आँखें बंद की फिर धीरे से कान में कहा-‘‘अब देखो, दुनिया कैसी दिख रही है।’’…

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धर्म-अध्यात्म वेद मनुष्य जन्म का कारण कर्म-फल भोग व मोक्ष प्राप्ति बताते हैं

वेद मनुष्य जन्म का कारण कर्म-फल भोग व मोक्ष प्राप्ति बताते हैं

-मनमोहन कुमार आर्यहम मनुष्य के रूप में जन्मे व जीवन जी रहे हैं परन्तु हमें यह पता नही होता कि हमारा जन्म क्यों हुआ तथा…

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राजनीति बंगाल की राजनीति और भाजपा

बंगाल की राजनीति और भाजपा

कुणाल राज सिन्हा आजादी के बाद पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की सत्ता स्थापित हुई थी जिस दौरान पश्चिम बंगाल की जनता को भयंकर अकाल का…

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लेख मंदिर निर्माण : निधि समर्पण को तत्पर है देश

मंदिर निर्माण : निधि समर्पण को तत्पर है देश

इस समय पूरे देश में भगवान राम के मंदिर निर्माण हेतु समर्पण निधि भेजने का उपक्रम चल रहा है | लगभग पाँच सौ वर्ष की…

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