धर्म-अध्यात्म हमें अपना जीवन तथा सुख व दुःख सृष्टिकर्ता ईश्वर से मिलते है

हमें अपना जीवन तथा सुख व दुःख सृष्टिकर्ता ईश्वर से मिलते है

-मनमोहन कुमार आर्य       हम मनुष्य कहलाते हैं। हमारा जन्म हमारे माता-पिता की देन होता है। माता-पिता को हमें जन्म देने व पालन करने में…

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कविता सृष्टि के आरंभ से हम कहांतक गुजरे

सृष्टि के आरंभ से हम कहांतक गुजरे

—विनय कुमार विनायकसृष्टि के आरम्भ से!वैदिक कर्मकाण्डी ब्राह्मणयोग ज्ञानी क्षत्रिय बनेऋग्वेद पुरुषसुक्त कहताब्रह्मा के मुख ब्राह्मण होते,क्षत्रिय ब्रह्मा के बाहु!मुख ने श्राप दिया बाहु को,बाहु…

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लेख वन्यप्रदेश के लोकगीत सुनाते अमरकंटक के जलप्रपात

वन्यप्रदेश के लोकगीत सुनाते अमरकंटक के जलप्रपात

– लोकेन्द्र सिंह अमरकंटक, मध्यप्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध पर्यटन स्थलों में प्रमुख है। यदि सरकार और पर्यटन विभाग थोड़ा ध्यान दे, तो ‘हिल स्टेशन’ पचमढ़ी के बाद अमरकंटक…

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राजनीति भारत में सर्व समावेशी विकास से ही तेज़ आर्थिक प्रगति सम्भव

भारत में सर्व समावेशी विकास से ही तेज़ आर्थिक प्रगति सम्भव

वर्तमान परिदृश्य में आर्थिक गतिविधियों का महत्व पूरे विश्व में बढ़ता ही जा रहा है। आचार्य चाणक्य ने भी कहा है “सुखस्य मूलम धर्म:, धर्मस्य…

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लेख सांस्कृतिक चेतना के अग्रदूत तथा ‘हरियाणवी साहित्य के पुरोधा’ डॉ रामनिवास ‘मानव’

सांस्कृतिक चेतना के अग्रदूत तथा ‘हरियाणवी साहित्य के पुरोधा’ डॉ रामनिवास ‘मानव’

— डॉo सत्यवान सौरभ,   सांस्कृतिक चेतना के अग्रदूत तथा ‘हरियाणवी साहित्य के पुरोधा’ के रूप में सुप्रतिष्ठित डाॅ रामनिवास ‘मानव’ विश्वविख्यात साहित्यकार होने के साथ-साथ समर्पित शिक्षाविद्…

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कविता महादेवी जी की मन की भावना

महादेवी जी की मन की भावना

इच्छाएं मेरी अनेक अनंत थीउनका मैंने अब त्याग कियाइच्छाएं ही दुख की कारण थीउनका नहीं मैंने स्मरण किया साथी मेरा अब चला गयाउसका शोक अब…

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राजनीति सियासत ने ‘कृषि बिल’ को बना दिया ‘मदारी का खेल ?

सियासत ने ‘कृषि बिल’ को बना दिया ‘मदारी का खेल ?

                                           प्रभुनाथ शुक्ल  केंद्र सरकार…

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राजनीति जिन्ना का बाप यदि धर्म परिवर्तन कर धर्म के साथ गद्दारी ना करता तो वह भी राष्ट्र के साथ भी गद्दारी ना करता

जिन्ना का बाप यदि धर्म परिवर्तन कर धर्म के साथ गद्दारी ना करता तो वह भी राष्ट्र के साथ भी गद्दारी ना करता

वीर सावरकर जी कहा करते थे कि धर्मांतरण से मर्मान्तरण और मर्मांतरण से राष्ट्रांतरण होता है। इसलिए धर्मांतरण अपने आपमें एक बहुत बड़ी बीमारी है…

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कविता हे भगवन!मुझे आत्मज्ञान दें

हे भगवन!मुझे आत्मज्ञान दें

—–विनय कुमार विनायकहे भगवन!मुझे आत्मज्ञान दें!मैं मंत्रवेत्ता;चतुर्वेद/पंचमवेद/वेदों का वेदकल्पसूत्र-निरुक्त-शास्त्र-गणित-विज्ञान का ज्ञाता!किन्तु दुर्बलचित्/कर्मवित्/मंत्रवित्शोकाकुल रहता हूंअस्तु;आत्मवेत्ता नहीं हूं!हे भगवन!मैं शब्दज्ञानी/अभिधानी/नाम का ज्ञानीसिर्फ नाम गिना सकता हूंअस्तु;आत्मवेत्ता नहीं…

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टेलिविज़न मीडिया का संकीर्णतावादी चरित्र

मीडिया का संकीर्णतावादी चरित्र

डॉ. ज्योति सिडाना मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है क्योंकि सार्वजनिक जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के एक साधन के रूप…

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लेख रोजगार सृजन व श्रमिक कल्याण में मील का पत्थर” साबित होगा नया श्रम कानून

रोजगार सृजन व श्रमिक कल्याण में मील का पत्थर” साबित होगा नया श्रम कानून

अवधेश कुमार सिंह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंत्र रहा है। रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म। इसी मंत्र पर अमल करते हुए वर्तमान एनडीए सरकार ने…

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लेख पर्यटन से ही लौटेगी खुशी और मुस्कान

पर्यटन से ही लौटेगी खुशी और मुस्कान

विश्व पर्यटन दिवस- 27 सितम्बर, 2020 पर विशेष– ललित गर्ग –कोरोना महामारी ने जीवन के मायने ही बदल दिये हंै, इस महाप्रकोप के समय में…

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