कविता सच व झूठ में अन्तर

सच व झूठ में अन्तर

सच सच ही रहेगा,एक दिन अवश्य आयेगा।झूठ झूठ ही रहेगा,वह कभी भी न आयेगा।।झूठ के पैर होते नहीं,वह कभी न चल पायेगा लगता हैं समय…

Read more
कविता यह अचानक……

यह अचानक……

यह अचानक हुआ क्याविकास की इस तेज की दौड़ मेंहमने क्या खोया और क्या पायासमझ ही न पायेसुविधाओं को विकास मान करचल पड़े नयी राह…

Read more
विश्ववार्ता स्वामी विवेकानंद का शिकागो संदेश

स्वामी विवेकानंद का शिकागो संदेश

–    डॉ. पवन सिंह मलिक 127 साल पूर्व, दिन 11 सितंबर 1893शिकागो शहर का  ‘पार्लियामेंट ऑफ़ रिलीजन’ सभागार। नीचे एक बड़ा हॉल और एक बहुत बड़ी गैलरी, दोनों…

Read more
विश्ववार्ता कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार की चिन्ता

कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार की चिन्ता

ललित गर्ग कोरोना महामारी के प्रकोप से निपटने की चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं हर दिन संक्रमण और संक्रमण से होने वाली मौतों के आंकड़े…

Read more
राजनीति शिवसेना, कंगना और महाराष्‍ट्र सरकार

शिवसेना, कंगना और महाराष्‍ट्र सरकार

डॉ. मयंक चतुर्वेदी अभिनेत्री कंगना रनोट ने मुंबई में रहने को लेकर एक प्रश्‍न खड़ा किया था कि अब मुंबई सेफ नहीं है। कंगना के…

Read more
लेख पदनाम नहीं बदलें, कलेक्टर के अधिकारों में की जाए तब्दीली!

पदनाम नहीं बदलें, कलेक्टर के अधिकारों में की जाए तब्दीली!

लिमटी खरे किसान हलाकान रहे, बेरोजगारों को रोजगार की तलाश में खाक छाननी पड़ती रही, शिक्षा का स्तर बहुत निम्न पर पहुंच गया, स्वास्थ्य सुविधाएं…

Read more
धर्म-अध्यात्म मनुष्य की पूर्ण आत्मोन्नति वेदज्ञान एवं आचरण से ही सम्भव है

मनुष्य की पूर्ण आत्मोन्नति वेदज्ञान एवं आचरण से ही सम्भव है

–मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्य का शरीर जड़ प्रकृति से बना होता है जिसमें एक सनातन, शाश्वत, अनादि, नित्य चेतन सत्ता जिसे आत्मा के नाम…

Read more
कविता बरगद की छांव ….!!

बरगद की छांव ….!!

तारकेश कुमार ओझा बुलाती है गलियों की यादें मगर ,अब अपनेपन से कोई नहीं बुलाता ।इमारतें तो बुलंद हैं अब भी लेकिन ,छत पर सोने…

Read more
पर्यावरण प्लास्टिक की गिरफ़्त में इंसानी ज़िंदगी

प्लास्टिक की गिरफ़्त में इंसानी ज़िंदगी

रमा शर्मा जयपुर, राजस्थान आज के वैज्ञानिक युग में न केवल मानव विकास की रफ्तार बढ़ी है बल्कि विज्ञान ने इंसान के जीवन को और…

Read more
कविता कंगना के मन की पीड़ा

कंगना के मन की पीड़ा

आहत है आज सारा संसार तेरी करतूतों से,पता लगेगा तुझको,जब स्वागत होगा जूतों से। वर्षों लग जाते है एक आशियाना बनाने में,तुझे चंद घंटे लगे…

Read more
राजनीति असहिष्णु होता महाराष्ट्र

असहिष्णु होता महाराष्ट्र

हिंसा के जरिये जोर जुल्म से बात मनवाना असहिष्णुता है|असहिष्णुता गुंडों के द्वारा की जाती है|यही असहिष्णुता महाराष्ट्र पर काबिज होती दिख रही है| असहिष्णुता…

Read more
मीडिया ई-मीडिया, बिग डेटा और कठपुतली नाच

ई-मीडिया, बिग डेटा और कठपुतली नाच

संदीप प्रसाद कुछ सालों के अंदर सोशल मीडिया के चलन में बहुत बढ़त हुई है। गूगल, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम ने सारी दुनियाँ से स्त्री-पुरुष,…

Read more