आर्थिकी वैश्विक स्तर पर कई वित्तीय संस्थान क्यों कर रहे हैं भारत पर भरोसा

वैश्विक स्तर पर कई वित्तीय संस्थान क्यों कर रहे हैं भारत पर भरोसा

  वैश्विक स्तर पर कई वित्तीय संस्थानों जैसे विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, आदि ने वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर कोरोना महामारी…

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धर्म-अध्यात्म वेदों का स्वाध्याय एवं वैदिक जीवन जीने का पर्व है श्रावणी पर्व

वेदों का स्वाध्याय एवं वैदिक जीवन जीने का पर्व है श्रावणी पर्व

आगामी श्रावणी व रक्षाबन्धन पर्व 3 अगस्त पर– -मनमोहन कुमार आर्य                श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन देश के आर्य व हिन्दू बन्धु श्रावणी…

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लेख स्वीकार्यता का महत्व

स्वीकार्यता का महत्व

    हमारे जीवन की बहुत सी बाधाओं और समस्याओं का कारण स्वीकार्यता का अभाव है । स्वीकार ना कर पाने के कारण हम जीवन में…

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ज्योतिष गुरु पूर्णिमा विशेष: चंद्र ग्रहण (रविवार – 5 जुलाई 2020) के दौरान गुरु की पूजा करना कितना शुभ रहेगा ?

गुरु पूर्णिमा विशेष: चंद्र ग्रहण (रविवार – 5 जुलाई 2020) के दौरान गुरु की पूजा करना कितना शुभ रहेगा ?

गुरु पूर्णिमा विशेष: चंद्र ग्रहण (रविवार – 5 जुलाई 2020) के दौरान गुरु की पूजा करना कितना शुभ रहेगा ? गुरु हमारे जीवन में हमारा…

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विधि-कानून बार काउंसिल ने माना अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान बौद्धिक क्षमता का निर्धारण नहीं करता

बार काउंसिल ने माना अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान बौद्धिक क्षमता का निर्धारण नहीं करता

भारतीय विधिज्ञ परिषद (बार काउंसिल) ने अंग्रेजी के अलावा, भारतीय भाषाओं में राष्ट्रीय विधि विद्यालयों में प्रवेश के लिए संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा (संविप्र परीक्षा या क्लैट) आयोजित…

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फ़ेस बुक पेज़ से पागी

पागी

पागीफोटो में जो वृद्ध गड़रिया है  वास्तव में ये सेना का सबसे बड़ा राजदार था पूरी पोस्ट पढ़ो । इनके चरणों मे आपका सिर अपने…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर और वेद ही संसार में सच्चे अमृत हैं

ईश्वर और वेद ही संसार में सच्चे अमृत हैं

–मनमोहन कुमार आर्य                संसार में तीन सनातन, अनादि, अविनाशी, नित्य व अमर सत्तायें हैं। यह हैं ईश्वर, जीव और प्रकृति। अमृत उसे कहते हैं…

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कविता ईट का ज़बाब,पत्थर से देना जानते है

ईट का ज़बाब,पत्थर से देना जानते है

ईट का ज़बाब,पत्थर से देना जानते है,चीन तेरे घर में,घुस कर मारना जानते है।मत दिखा अपनी हैंकड़ी,चीन अब तू हमें,तेरी हैकडी भी हम निकालना जानते…

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राजनीति एक बवाल, कई सवाल…?

एक बवाल, कई सवाल…?

एक बहुत बड़ा सवाल है कि आखिर विकास का कैसे हुआ विकास…? सिर पर है किसका हाथ? किसके साए में यह अपराधी अब तक फला-फूला।…

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लेख कभी वज्र थी किसान की छाती, अब कमजोर क्यो ?

कभी वज्र थी किसान की छाती, अब कमजोर क्यो ?

                                  आत्माराम यादव पीव      कठिन दौर में भी भारत की विभूति से अलंकृत था किसान –  भारत के किसान को देश का मेरुदंड माना गया…

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राजनीति भारतीय सेना की तरह पुलिस पर भरोसा क्यों नहीं है?

भारतीय सेना की तरह पुलिस पर भरोसा क्यों नहीं है?

      —-प्रियंका सौरभ  देश भर में हम आये दिन पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गए लोगों की मृत्यु और यातना की घटनाों को सुनते…

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राजनीति भारत की  सुरक्षा नीति में सावरकर-बोस सिद्धांत अपनाने का उपयुक्त समय

भारत की सुरक्षा नीति में सावरकर-बोस सिद्धांत अपनाने का उपयुक्त समय

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टि का पुनरावलोकन – उदय माहुरकर भारत की सुरक्षा नीति का मूल्यांकन और विश्लेषण करने का यह सर्वथा उचित समय है…

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