राजनीति इतिहास दर इतिहास रचने का साल

इतिहास दर इतिहास रचने का साल

शिव शरण त्रिपाठीनई दिल्ली। यदि यह कहा जाय कि मोदी सरकार के दूसरे कालखण्ड का प्रथम शुरूआती वर्ष इतिहास दर इतिहास रचने का रहा है…

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विश्ववार्ता सुख और दु:ख

सुख और दु:ख

  जीवन सुखमय है अथवा दु:खमय यह प्रश्न समय समय पर मानव मस्तिष्क में कौंधता रहता है । विशेषकर जीवन के कष्टदायक क्षणों में ।…

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पर्यावरण पर्यावरण के लिए स्वच्छता और वृक्षारोपण

पर्यावरण के लिए स्वच्छता और वृक्षारोपण

डॉ0 राकेश राणा         जीवन की दृष्टि से पर्यावरण मानव के लिए सर्वोच्च जरुरत है। जल, जंगल और जीमीन तीनों उसके प्रमुख आधार है। विकास…

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दोहे जागरण जो भी रहे!

जागरण जो भी रहे!

जागरण जो भी रहे, जग बगिया, पुष्प जो भी थे खिले, मन डलिया; जन्मीं जो भी थीं रहीं, सुर कलियाँ; उर में जो भी थीं…

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पर्यावरण ये समय है घायल पर्यावरण को सँवारने का

ये समय है घायल पर्यावरण को सँवारने का

प्रियंका सौरभलॉकडाउन के माध्यम से संघर्ष करने के बाद, नई चिंताओं और तनाव की बाढ़ के साथ, अंत में आराम करने का समय आ गया…

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विश्ववार्ता स्वत्व , समाज व विश्व!

स्वत्व , समाज व विश्व!

हर समूह या समाज में हमें कुछ उत्तरदायित्वों व अनुशासनों को निभाना होता है। बीच में काफ़ी भटकाव आते हैं पर हमें उन्हें पार करना…

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लेख इसलिए कि शायद वह हथीनी थी ?

इसलिए कि शायद वह हथीनी थी ?

                       प्रभुनाथ शुक्ल  दुनिया की दो घटनाएँ हमें विचलित करती हैं और इंसान की सोच…

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कविता अगर तुमसे प्यार न किया होता

अगर तुमसे प्यार न किया होता

अगर तुमसे प्यार न किया होता।तुम्हारा इतना इंतजार न किया होता।। अगर मिलना न होता मुझे तुमसे।तुमसे इतना इकरार न किया होता।। इस दिल को…

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पर्यावरण मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है प्रकृति

मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है प्रकृति

मानव प्रकृति का हिस्सा है|प्रकृति व मानव  एक दूसरे के पूरक हैं |प्रकृति के बिना मानव  की परिकल्पना नहीं की जा सकती|प्रकृति दो शब्दों से…

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आलोचना मैंने तुम पर भरोसा किया, तुमने किया विश्वासघात।

मैंने तुम पर भरोसा किया, तुमने किया विश्वासघात।

डॉo सत्यवान सौरभ,  आदमी अपने जीवन काल में क‍िसी न क‍िसी जानवर को पानी प‍िलाता ही है या क‍िसी न क‍िसी रूप में उसे खाना देता…

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राजनीति मुस्लिम शासक भारत के लिए धब्बा या गौरव ? भाग – 1

मुस्लिम शासक भारत के लिए धब्बा या गौरव ? भाग – 1

अक्टूबर 2017 में बीबीसी ने उपरोक्त शीर्षक से एक समीक्षा भारत के इतिहास के संबंध में प्रस्तुत की थी । जिसमें उसने यह स्थापित करने…

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राजनीति मुस्लिम शासक भारत के लिए धब्बा या गौरव ? भाग — 2

मुस्लिम शासक भारत के लिए धब्बा या गौरव ? भाग — 2

जावेद अख्तर सुनो ! सावरकर की वाणी जिस समय बीबीसी ने अपना उपरोक्त समीक्षात्मक परन्तु भ्रमात्मक लेख प्रकाशित किया था उसी समय इन विवादों के…

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