लेख कोरोना से निपटने में कितने सक्षम हैं हम?

कोरोना से निपटने में कितने सक्षम हैं हम?

कैसा है देश का बुनियादी स्वास्थ्य ढ़ांचा? – योगेश कुमार गोयल             पूरी दुनिया में कोरोना से दो लाख से अधिक व्यक्ति संक्रमित हो चुके…

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राजनीति रंजन गोगोइ के राज्यसभा नामजद होने पर विरोध क्यों?

रंजन गोगोइ के राज्यसभा नामजद होने पर विरोध क्यों?

ललित गर्गभारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को सेवा-निवृत्ति के चार माह के भीतर राज्यसभा में नामजद कर देने की घटना ने एक नया इतिहास…

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राजनीति ‘सत्यमेव जयते’ की भारतीय परम्परा

‘सत्यमेव जयते’ की भारतीय परम्परा

हमारे देश में सरकारी मंत्रालयों , विभागों व संस्थानों के सूत्र वाक्य संस्कृत में निर्धारित किए गए हैं । उनसे पता चलता है कि वह…

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कविता तो कोरोना क्यों होय ||

तो कोरोना क्यों होय ||

साबुन से सब धोइये,अपने दोनों हाथ |कोरोना से छूट जायेगा,तुम्हारा साथ || जनता कर्फ़यु लगाईये,आगामी रविवार |कम हो जायेगा तुम पर,कोरोना का वार || डॉक्टर्स,नर्स…

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गजल मानव ही मानवता को शर्मसार करता है

मानव ही मानवता को शर्मसार करता है

मानव ही मानवता को शर्मसार करता है सांप डसने से क्या कभी इंकार करता है उसको भी सज़ा दो गुनहगार तो वह भी है जो…

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धर्म-अध्यात्म संसार को बनाने व पालन करने वाली सत्ता ईश्वर ही सबकी उपासनीय है

संसार को बनाने व पालन करने वाली सत्ता ईश्वर ही सबकी उपासनीय है

-मनमोहन कुमार आर्य                मनुष्य संसार में माता–पिता से एक शिशु के रूप में जन्म लेता है। वह पहली बार जब आंखे खोलता है तो…

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शख्सियत संवेदना की एक इबारत हैं गिरीश शाह

संवेदना की एक इबारत हैं गिरीश शाह

-ः ललित गर्ग:-हमारे जीवन के तीन महत्वपूर्ण पक्ष है- सत्ता, सम्पदा एवं सेवा। ये तीनों ही बड़ी शक्तियां हैं। सत्ता के पास दंड की शक्ति…

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राजनीति कोरोना एक अद्र्श्य सेना के खिलाफ लड़ाई है

कोरोना एक अद्र्श्य सेना के खिलाफ लड़ाई है

कोरोना से विश्व पर क्या असर हुआ है इसकी बानगी अमरीकी राष्ट्रपति का यह बयान है कि, “विश्व कोरोना वायरस की एक अदृश्य सेना के खिलाफ लड़ाई…

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राजनीति विधायक नहीं जनादेश हो गया है अगुआ या है बंधक!

विधायक नहीं जनादेश हो गया है अगुआ या है बंधक!

लिमटी खरे भारत में लोकतांत्रिक परंपराएं हैं। लोकतंत्र का पारदर्शी होना ही इसकी मूल भावना या यूं कहा जाए कि स्पंदन है तो अतिश्योक्ति नहीं…

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जन-जागरण प्यारी घरेलू गौरैया की कहानी

प्यारी घरेलू गौरैया की कहानी

नरेन्द्र सिंह बिष्ट पता नहीं आज वह कहां खो गयी जिसे बचपन में अकसर नीले आसमान में झुण्ड के रूप में उड़ते देखता था। घर आंगन में…

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कविता क्‍यों राम नहीं तुम बन सके

क्‍यों राम नहीं तुम बन सके

क्‍यों राम नहीं तुम बन सके कारण तो बतला दो भैईया ? मातपिता से क्‍यों मुंह मोड़ा कारण तो समझा दो भैईया ? कमी कहॉ…

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खेत-खलिहान मौसम के प्रहार से फसलों को भारी नुकसान, बेहाल किसानों के हाल पर सरकार को देना होगा तत्काल ध्यान

मौसम के प्रहार से फसलों को भारी नुकसान, बेहाल किसानों के हाल पर सरकार को देना होगा तत्काल ध्यान

दीपक कुमार त्यागी अपने खेतों में लहलहाती फसलों के दम पर अपने परिवार का जीवनयापन करने के साथ-साथ, सभी देशवासियों के पेट भरने की जिम्मेदारी…

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