जयललिता

आपके लिए कौन रोएगा?

ऐसा नहीं है कि जयललिता ने तमिलनाडु की सारी समस्याएं हल कर दी हों और वहां की जनता अमन चैन की सांस ले रही हो। राज्य में अभी भी समस्याएं हैं जिनका हल निकाला जाना है। तमिलनाडु की तरह भारत के विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में भी समस्याएं हैं।

आखिर पहेली जैसी क्यूं थी जयललिता !

जयललिता शुरू से ही आजाद जिंदगी जीना चाहती थीं, अपनी मर्ज़ी से। कोई और नियंत्रित करे, यह उन्हें कतई पसंद नहीं था। और ऐसा ही हुआ। वक्त ने उन्हें वह सब दिया, जो वह चाहती थीं।

फिल्मों से राजनीतिक सफर तय करने वाली “पुरातची तलाइवी’ अब नहीं रहीं….

राजनीति में जयललिता अम्मा और ‘पुरातची तलाईवी’ जैसे उपनामों से प्रसिद्द हुईं |जयललिता का पसंदीदा गाना ….ऐ मालिक तेरे बन्दे हम था|
पहला फिल्मफेयर उन्हें शिवाजी गणेशन की तमिल फिल्म ‘”पट्टिकाडा पत्तनामा” (1971) के लिए मिला था। इसी साल तेलुगु फिल्म ‘श्री कृष्ण सत्य’ के लिए उन्हें दूसरा फिल्मफेयर मिला

एक बेहतर राजनेता किसी बात से कभी इंकार नहीं करता: जयललिता

अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता ने चेन्नई में मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद की स्थिति पर बातचीत करना अभी जल्दबाजी होगी लेकिन एक बेहतर राजनेता किसी बात से कभी इंकार नहीं करता है। उन्‍होंने कहा कि चुनाव के बाद संभावित गठबंधन…