योगी सरकार

योगी सरकार के फैसलों से बड़े बदलाव की आहट

ऊर्जामंत्री ने बिजली विभाग से अन्य विभागों से 10 हजार करोड़ रूपये वसूलने के निर्देश दिये हैं यह प्रदेश के इतिाहस मे पहली बार होने जा रहा हैं । केंद्र सरकार ने भी प्रदेश में सड़कों व पुलों आदि के निर्माण के लिए भारी -भरकम खजाना खोल ही दिया है। यह मुख्यमंत्री की सख्ती का ही असर है कि अफसरों ने जनसुनवाई प्रारम्भ भी कर दी है। वहीं बहुत से अफसर अभी भी समझ नहीं पा रहे हैं। बैठकों में ही अफसरों को डांट पड़ने लग गयी है।

सुपरफस्ट योगी सरकार!

कार्यालयों में तम्बाकू खाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के फ रमान के साथ योगी सरकार ने कार्यालयों को साफ -सुथरा रखने के लिये सख्त निर्देश जारी कर दिये। मुख्यमंत्री ने जहां अपने कैबिनेट के मंत्रियों को स्वच्छता अभियान की शपथ दिलाई वहीं ऐसा ही फ रमान सारे विभागों को जारी कर दिया।
सरकारी कार्यालयों में चौपट हो चुकी कार्यसंस्कृति को पुन: बहाल करने की दृष्टि से मुख्यमंत्री ने जहां सभी कार्यालयों में बायोमैट्रिक हाजिरी लगाने की व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिये वहीं मंत्रियों को औचक निरीक्षण करने के भी आदेश जारी कर दिये। नि:संदेह उनके सभी सहयोगियों ने अपना काम शुरू भी कर दिया चाहे कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही हो, चाहे खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री सत्यदेव पचौरी अथवा वक्फ मंत्री श्री मोहसिन रजा ताबड़तोड़ छापों से लापरवाह व कामचोर अधिकारियों/कर्मचारियों को समय पर आने को मजबूर कर दिया।

यूपीः भंग होगा वक्फ बोर्ड, जांच होगी !

आज़म खान के लिये आने वाला समय काफी मुश्किलों से भरा साबित हो सकता है। एक तरफ जहा सत्ता उनसे छिटक कर बहुत दूर जा चुकी हैं तो दूसरी तरफ उनके ऊपर अपने पद का दुरुपयोग करते हुये रामपुर के जौहर अली विश्वविद्यालय परिसर में तमाम सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने के मामले गर्माने लगे हैं। रामपुर के ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रमाणों के साथ एक शिकायत भेजी हैं जिसमे उन्होंने पूर्व मंत्री आजम खान के ऊपर आरोप लगाया हैं कि आजम खान ने ग्राम सींगनखेड़ा, तहसील सदर, रामपुर के खाता संख्या 01214 की ग्राम सभा की 14.95 एकड़ जमीन 30 वर्षों के लिये जबरदस्ती पट्टे पर ले रखी हैं और इसके साथ ही उन्होंने वहाँ की चक रोड (जिसकी खाता संख्या 01232 की 2.13 एकड़ भूमि पर जो की इस विश्वविद्यालय को दी गयी थी उस पर भी आज़म खान ने अवैध तरीके से कब्ज़ा कर रखा हैं।

यूपी में महिलाओं की पूर्णतः शराबबंदी की मांग योगी सरकार के लिये बडी चुनौती

कुछ लोग शराब पर पाबंदी लगाने से इसलिए विरोध कर रहे हैं कि इससे लाखों लोगों को बेरोजगार होना पड़ेगा ओर शराब बंदी को गैर कानूनी व रोजगार की आजादी के अधिकार के खिलाफ बता रहे हैं। इस पर भी सुप्रीम कोर्ट ने जीवन के अधिकार और रोजगार की आजादी के मौलिक अधिकार के बीच संतुलन बनाने की बात करते हुए अपने आदेश की व्याख्या करते हुए कहा है कि शराब का कारोबार करना मौलिक अधिकार नहीं है।

दहाड़ एक योगी की !

कार्यालयों में कार्य संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने केन्द्र के कार्यालयों की भांति बायोमैट्रिक प्रणाली अपनाने पर जोर दिया ताकि हाजरी लगाकर अनुपस्थिति होने की प्रवृत्ति पर अंकुश लग सके। कौन नहीं जानता कि आज अनेक विभागों की हालत यह है कि अधिकारी कर्मचारी ११-१२ बजे तक आते है और ३-४ बजे तक घर निकल जाते है।

भ्रष्टाचार , अपराध ,अवैध कारनामों के खिलाफ योगी सरकार का हल्ला बोल

आज प्रदेश का कोई विभाग ऐसा नहीं बचा है जहां पर बदलाव साफ नजर न आ रहा हो। समाजवादी आवास योजना बंद होने जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग में प्रदेश के सभी नागरिकों के राशन कार्डो को रदद कर दिया हैं । अब सभी को स्मार्ट राशनकार्ड देने की योजना है। प्रदेश के विद्यालयों में हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं में जमकर नकल हो रही थी जिससे निपटने के लिए कड़े कदम सरकार की तरफ से उठाये जा रहे हैं।नकल करने वाले तथा नकलचियों के खिलाफ हल्ला बोल दिया गया है। अभी तक 57 कालेजों की मानयता रदद की जा चुकी है तथा 54 से अधिक को डिबार किया जा चुका है।