धर्म-अध्यात्म श्रीमद्भगवद्गीता और छद्मधर्मनिरपेक्षवादी : चर्चा-३ August 7, 2011 / December 7, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा प्रवक्ता में इसी सप्ताह एक लंबे लेख में एक निरंकुश लेखक ने गीता के एक श्लोक को उद्धरित करते हुए टिप्पणी लिखी है — “इस श्लोक का हिन्दी अनुवाद हिन्दुओं में आदरणीय मानेजाने वाले विद्वान आदि शंकर ने आठवीं शताब्दी में इस प्रकार किया है –” लेखक के अज्ञान पर रोना आता […] Read more » Srimadbhagwat Gita छद्मधर्मनिरपेक्ष श्रीमद्भगवद्गीता
धर्म-अध्यात्म श्रीमद्भगवद्गीता और छद्म धर्मनिरपेक्षवादी – चर्चा-१ August 5, 2011 / December 7, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | 7 Comments on श्रीमद्भगवद्गीता और छद्म धर्मनिरपेक्षवादी – चर्चा-१ विपिन किशोर सिन्हा जबसे मध्य प्रदेश की सरकार ने गीता के अध्ययन की विद्यालयों में व्यवस्था की है, स्वयं को प्रगतिशील और धर्म निरपेक्ष कहने वाले खेमे में एक दहशत और बेचैनी व्याप्त हो गई है। उनके पेट में दर्द होने लगा है। उनको यह डर सताने लग गया है कि अगर इसकी स्वीकृति हिन्दू […] Read more » Srimadbhagwat Gita धर्मनिरपेक्षता श्रीमद्भगवद्गीता
धर्म-अध्यात्म ये हैं हिंदुओं के वास्तविक दुश्मन August 4, 2011 / December 7, 2011 by डॉ. राजेश कपूर | 27 Comments on ये हैं हिंदुओं के वास्तविक दुश्मन डॉ. राजेश कपूर डॉ. मीणा जी ने जो मुद्दे उठाए हैं वे सारे तो ठीक से स्पष्ट नहीं होते पर जितने भी मुद्दे समझ आने वाले हैं, उन पर अपनी सम्मति प्रमाणों के आधार पर प्रकट करने का विनम्र प्रयास है. … १. आर्य कहीं बाहर से आये थे, इसके बारे में एक भी ऐतिहासिक प्रमाण […] Read more » hindu छद्मधर्मनिरपेक्षता धर्मनिरपेक्षता हिंदू
धर्म-अध्यात्म कहो कौन्तेय-११ August 4, 2011 / December 7, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा हस्तिनापुर के राजकार्य में युवराज युधिष्ठिर की स्वीकार्यता में निरन्तर वृद्धि हो रही थी। महात्मा विदुर और पितामह भीष्म आए दिन उन्हें अपने कक्ष में बुलाते और नीति-शास्त्र की शिक्षा देते। उन्हें भावी सम्राट के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा था। विदुर जी भैया को सदैव सीख देते, कहते थे – […] Read more » Kaho Kauntey कहो कौन्तेय
धर्म-अध्यात्म हिन्दुत्व को सबसे बड़ा खतरा छद्महिन्दुत्वादियों से है! August 3, 2011 / December 7, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 20 Comments on हिन्दुत्व को सबसे बड़ा खतरा छद्महिन्दुत्वादियों से है! डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ यदि हिन्दुओं को इस शताब्दी को अपनी अर्थात् हिन्दुओं की शताब्दी बनाना है तो धर्मग्रंथों के मार्फत पोषित जन्मजातीय कुलीन अहंकार से परिपूर्ण वर्णवादी, अवैज्ञानिक, अतार्किक, संकीर्ण, शुद्र, अव्यावहारिक और साम्प्रदायिक बातों से मुक्त होकर हिन्दुओं को न मात्र भारतीय, बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय लोकतान्त्रितक मूल्यों को स्वीकार करके और इन्हें अपने जीवन […] Read more » Hinduism हिंदुत्व
धर्म-अध्यात्म सार्थक पहल ‘वात्सल्य ग्राम’ की प्रयोगशाला August 2, 2011 / December 7, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on ‘वात्सल्य ग्राम’ की प्रयोगशाला ऋतेश पाठक अनाथों के नाथ विश्वनाथ के देश में अनाथों की लगातार बढ़ती संख्या आज चिंता का सबब बन रही है। गंभीर हालातों के मद्देनजर सरकारी स्तर पर खूब कागजी घोड़े दौड़ाये जा रहे हैं। ऐसे एकाकी और बेसहारा लोगों के बीच काम कर रही तमाम संस्थाओं में एक नाम है परमशक्ति पीठ का। पीठ […] Read more » वात्सल्य ग्राम साध्वी ऋतंभरा
धर्म-अध्यात्म विज्ञान और अध्यात्म में संबंध July 22, 2011 / December 8, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 4 Comments on विज्ञान और अध्यात्म में संबंध डा. बी. पी. शुक्ल वैज्ञानिक आध्यात्मवाद को समझने के लिए हमें इस तथ्य पर ध्यान देना होगा कि हमारे समक्ष जो विश्व ब्रह्माण्ड है, वह मूलतः दो सत्ताओं से मिलकर बना है- एक जड़ व दूसरा चेतन। जड़ सत्ता अर्थात् पदार्थ का अध्ययन विज्ञान का विषय है जबकि चेतन सत्ता (आत्मा-परमात्माश् का अध्ययन अध्यात्म का […] Read more » Dharm Science अध्यात्म धर्म विज्ञान
धर्म-अध्यात्म चर्च चक्रव्यूह में फंसे धर्मांतरित ईसाई July 15, 2011 / December 8, 2011 by आर.एल. फ्रांसिस | 1 Comment on चर्च चक्रव्यूह में फंसे धर्मांतरित ईसाई आर.एल.फ्रांसिस संसद का सत्र शुरू होने से पहले ही चर्च नेताओं ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि वह धर्मांतरित ईसाइयों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल करने के लिए रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट को लागू करें। धर्मांतरित ईसाइयों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल करने का मुद्दा काफी […] Read more » Church चक्रव्यूह चर्च धर्मांतरित ईसाई
धर्म-अध्यात्म विविधा गाय को नहीं, मुझे मार गोली July 13, 2011 / December 9, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on गाय को नहीं, मुझे मार गोली सामाजिक व राष्ट्रीय जागरण के अग्रदूत सुविख्यात उपन्यासकार प्रेमचंद उन दिनों गोरखपुर के एक विद्यालय में शिक्षक थे। उन्होंने गाय रखी हुई थी। एक दिन गाय चरते-चरते दूर निकल गई। प्रेमचंद गाय की तलाश करने निकले। उन्होंने देखा कि गाय अंग्रेज कलेक्टर की कोठी की बगीची में खड़ी है तथा अंग्रेज कलेक्टर उसकी ओर बंदूक […] Read more » Cow गाय प्रेमचंद
धर्म-अध्यात्म विविधा धर्म की गुत्थियां खोलीं स्वामी विवेकानंद ने July 13, 2011 / December 9, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on धर्म की गुत्थियां खोलीं स्वामी विवेकानंद ने एम. मजहर सलीम अपनी ओजपूर्ण आवाज से लोगों के दिल को छू लेने वाले स्वामी विवेकानन्द निःसंदेह विश्व-गुरु थे। उनके सुलझे हुए विचारों के उजाले ने धर्म की डगर से भटक रही दुनिया को सही राह दिखाई। निर्विवाद रूप से विश्व में हिन्दुत्व के ध्वजवाहक रहे विवेकानन्द का बौद्धिक तथा आध्यात्मिक शक्ति से भरा व्यक्तित्व […] Read more » Swamy Vivekanand स्वामी विवेकानंद
धर्म-अध्यात्म विविधा एकलव्य- ऋण July 13, 2011 / December 9, 2011 by गंगानन्द झा | Leave a Comment गंगानन्द झा एकलव्य का सपना था कृति धनुर्धर होने का। यह भील बालक के लिए असामान्य सपना था; तत्कालीन व्यवस्था के लिए एक चुनौती; एकलव्य को द्रोणाचार्य ने शिक्षा देने से इनकार कर दिया था। पर वह हताश नहीं हुआ। उसने द्रोण की एक माटी की मूरत बना ली और जंगल में ही कठिन स्वाध्याय […] Read more » Eklavya ऋण एकलव्य
धर्म-अध्यात्म गुरुपूर्णिमा (15 जुलाई) पर विशेष July 13, 2011 / December 9, 2011 by विजय कुमार | Leave a Comment तस्मै श्री गुरवे नमः भारतीय जीवन परम्परावादी है। हमारे ऋषि-मुनियों ने बहुत सोच विचार कर, ज्ञान, विज्ञान और समय की कसौटी पर सौ प्रतिशत कस कर कुछ परम्पराओं का निर्माण किया। इन्हीं के कारण हजारों सालों के विदेशी और विधर्मी आक्रमण के बाद भी भारत बचा हुआ है। ऐसी ही एक परम्परा है श्री गुरुपूर्णिमा […] Read more » Guru poornima गुरुपूर्णिमा