कहानी स्व-प्रेरणा की मिसालों से बनता समाज June 12, 2018 / June 12, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग कहते हैं कि जिसके सिर पर कुछ कर गुजरने का जुनून सवार होता है तो फिर वो हर मुश्किल हालात का सामना करते हुए अपनी मंजिल को हासिल कर ही लेता है। ऐसे लोग अपने किसी भी काम के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं होते बल्कि वो आत्मनिर्भर होकर अपने सभी कामों को […] Read more » Featured उत्तरप्रदेश छत्तीसगढ़ जिजीविषा मणिपुर रायपुर राष्ट्र समाज सरकार संस्था व संविधान ईमानदारी स्व-प्रेरणा की मिसालों से बनता समाज
कहानी अपमान May 29, 2018 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ मनोज चतुर्वेदी आकांक्षा को शाम से ही एक सौ तीन डिग्री बुखार था .उसके पापा जैसे ही घर आए, तो दादी ने उन्हें उसकी हालत के बारे में बताया. तब वह डॉ. सुधाकर शर्मा से बुखार की दवा ले आए. दो दिन तक आकांक्षा को बुखार चढ़ता- उतरता रहा. फिर उसके पापा शिवचरण सिंह […] Read more » Featured अपमान आकांक्षा डॉक्टर नागेंद्र मां मेडिकल की पढ़ाई
कहानी साहित्य साहित्य, राजनीति और पत्रकारिता के एक सूर्य का अस्त होना May 14, 2018 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार मन आज व्याकुल है। ऐसा लग रहा है कि एक बुर्जुग का साया मेरे सिर से उठ गया है। मेरे जीवन में दो लोग हैं। एक दादा बैरागी और एक मेरे घर से जिनका नाम इस वक्त नहीं लेना चाहूंगा। दोनों की विशेषता यह है कि उनसे मेरा संवाद नहीं होता है लेकिन […] Read more » ‘समागम’ Featured आंखों आंसुओं पत्रकारिता राजनीति साहित्य साहित्यकार डॉ. सरोज कुमार सूर्य अस्त
कहानी संन्यासी लेखक May 14, 2018 / May 14, 2018 by गंगानन्द झा | Leave a Comment गंगानन्द झा वह शाम खास थी। राजशेखर अपने शिक्षक और गुरु रामकृष्ण महाराज के साथ हमारे घर पर आया था। वे रामकृष्ण मिशन के संन्यासी हैं और रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर में वे राजशेखर के प्रिंसिपल रह चुके थे। राजशेखर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एडवोकेट हैं.। पर अपने विद्यालय के महाराजजी से […] Read more » Featured आध्यात्मिकता कविताओं और गीतों धार्मिकता बोधगम्य शैली रवीन्द्रनाथ ठाकुर रामकृष्ण मिशन विद्वानों
कहानी वेद एवं वैदिक साहित्य के वैदुष्य से सम्पन्न पं. राजवीर शास्त्री May 10, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment वेद एवं वैदिक साहित्य के वैदुष्य से सम्पन्न पं. राजवीर शास्त्री की शिक्षा-दीक्षा एवं शिक्षण आदि कार्य कार्य” मनमोहन कुमार आर्य पं. राजवीर शास्त्री आर्य पिता की संस्कारित एवं प्रतिभा सम्पन्न सन्तान थे। आपकी माता पौराणिक वैष्णव परिवार से थी। आपका जन्म 4 अप्रैल, 1938 को उत्तरप्रदेश के जनपद मेरठ निवासी श्री शिवचरण दास आर्य तथा […] Read more » Featured अध्ययन-अध्यापन ईश्वर विश्वासी उनके गृहस्थ दृष्टि ब्रह्मचारी धार्मिक पं. राजवीर शास्त्री शिक्षा
कहानी नथुनी बाबू May 2, 2018 by गंगानन्द झा | Leave a Comment बात का सिलसिला सन 1971 ई से शुरु होता है। मेरा बड़ा बेटा हाई स्कूल का छात्र था। उसकी पढ़ाई के बारे में अपने मित्र श्री महेन्द्र कुमार से चर्चा हो रही थी। उन्होंने नथुनी बाबू के पास ट्यूशन के लिए भेजने का सुझाव दिया। नथुनी बाबू वी.एम. हाई स्कूल में महेंन्द्र बाबू के शिक्षक […] Read more » Featured कलक्टर साहब छात्रों झोंपड़ी नथुनी बाबू बिन्ध्यवासिनी बाबू मास्टर साहब रामचन्द्र त्रिपाठी राष्ट्र निर्माण स्नेह
कहानी साहित्य वह सब की सुनता है ओर सबकी मदद करता है March 22, 2018 by आर के रस्तोगी | 2 Comments on वह सब की सुनता है ओर सबकी मदद करता है एक मेजर के नेतृत्व में 15 जवानो की एक टुकड़ी हिमालय पर्वत में अपने रास्ते पर थी उन्हे ऊपर कही तीन महीने के लिए दूसरी टुकड़ी के लिए तैनात होना था | दुर्गम स्थान,ठण्ड और बर्फवारी ने चढ़ाई की कठिनाई और बढ़ा थी|बेतहासा ठण्ड में मेजर ने सोचा कि अगर उन्हें यहाँ एक कप चाय […] Read more » Featured God god is every where मदद
कहानी साहित्य उस बुजुर्ग की एक छोटी सी सीख ने बदल दी मेरी सोच March 3, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment तब मैं 11वीं का छात्र था और हास्टल में रहा करता था। मेरा हास्टल और इंटर कालेज मेरे गांव से 30 से 35 किमी ही दूर था और वह सरकारी था। इसलिए वहां मेश आदि की कोई सुविधा नहीं थी। लिहाजा खाना आदि हम लोग स्वयं बनाते थे और उसके लिए राशन पानी यहां तक […] Read more » Featured बुजुर्ग बुजुर्ग की छोटी सी सीख
कहानी साहित्य कोई भी नई चीज आ जाने पर पुरानी चीज पुरानी हो जाती है ………… February 19, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment दीपिका बात है 2011 की जब मैंने अपने जीवन मे किसी खास को पहला तोहफा दिया . हम पीजी की पढ़ाई कर रहे थे और हॉस्टल मे रहते थे. पैसा घर से ही आता था (खर्च का) और उसी मे सब कुछ देखना पड़ता था. मेरे किसी खास का जन्मदिन आ रहा था.प्लान करना शुरू कर दिया था कि क्या दे. मेरी मदद करने […] Read more » पुरानी चीज
कहानी साहित्य एक थी माया ………….!!! February 7, 2018 by विजय कुमार सप्पाती | Leave a Comment :: १ ::: मैं सर झुका कर उस वक़्त बिक्री का हिसाब लिख रहा था कि उसकी धीमी आवाज सुनाई दी, “अभय, खाना खा लो” ,मैंने सर उठा कर उसकी तरफ देखा, मैंने उससे कहा ,” माया , मै आज डिब्बा नहीं लाया हूं ।” दरअसल सच तो यही था कि मेरे घर में उस दिन खाना नहीं बना था । गरीबी का वो ऐसा दौर था कि […] Read more » Featured माया
कहानी साहित्य जंगलज़ेन शेरु January 18, 2018 by गंगानन्द झा | Leave a Comment गंगानन्द झा स्वामी विवेकानन्द को प्रासंगिकता से युक्त रखने में रामकृष्ण मिशन की निर्णायक भूमिका है। मिशन के संन्यासी आध्यात्मिक, शैक्षणिक, और सामाजिक स्तरों पर लगातार स्वामीजी की साधना और व्रत का पालन करते जा रहे हैं। स्वामी समर्पणानन्द उन संन्यासियों में एक हैं। वे अपने मिशन के विश्वविद्यालय में पढ़ाते हैं। उन्होंने समर्पण के […] Read more » Featured जंगलज़ेन शेरु स्वामी विवेकानन्द
कहानी साहित्य नींद नैन में बस जाती है October 13, 2017 by बीनू भटनागर | Leave a Comment नींद हमे जब ना आती है चलती घड़ी रुक सी जाती है। कलम उठाकर लिखना चाहूँ भूली बीसरी याद आती है। कलम जब कभी रुक जाती है नींद कंहा फिर तब आती है। कोई कहानी मुकम्मल होकर जब काग़ज पे उतर आती है, नींद नैन में बस जाती है। शब्द कभी कहीं खो जाते हैं भाव रुलाने लग जाते हैं किसी पुराने गाने की लय पर कोई कविता जब बन जाती है। नींद हमें फिर आ जाती है। राह में जब रोड़े आते है, चलते चलते थक जाते हैं पैरों में छाले पड़ जाते ऐसे सपने हमें आते है, कोई नई कहानी तब सपनो में ही गढ़ी जाती है, नींद चौंक कर खुल जाती है। Read more » नींद नैन में बस जाती है