लेख सोशल नेटवर्किंग पर अभिव्यक्ति की आजादी के मायने December 8, 2011 / December 9, 2011 by संजय कुमार | 2 Comments on सोशल नेटवर्किंग पर अभिव्यक्ति की आजादी के मायने संजय कुमार सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर लगाम कसने की खबर से कोहराम मचा हुआ है। राजनीतिक व सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। केन्द्रीय दूर संचार और सूचना टेक्नोलॉजी मंत्री कपिल सिब्बल ने जब यह कहा कि उनका मंत्रालय इंटरनेट में लोगों की छवि खराब करने वाली सामग्री पर रोक लगाने की व्यवस्था विकसित कर रहा […] Read more » Facebook orcut social networking twitter सूचना टेक्नोलॉजी मंत्री कपिल सिब्बल सोशल नेटवर्किंग सोशल नेटवर्किंग पर अभिव्यक्ति की आजादी
लेख हिंदुत्व के खिलाफ हो रहे हैं षड्यंत्र December 8, 2011 / December 8, 2011 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 8 Comments on हिंदुत्व के खिलाफ हो रहे हैं षड्यंत्र सिद्धार्थ शंकर गौतम दुनिया के सबसे पुराने धर्मो में से एक है। वर्तमान का हिंदू धर्म ही सनातन धर्म है। इस धर्म का दर्शन बहुत विशाल है और इसकी मूल अवधारणा है, वसुधैव कुटुंबकम। मेरा अपना मानना है कि जो भी हीन भावना को दुत्कारकर भगा दे, वही हिंदू है। मगर, वर्तमान में हिंदुत्व में […] Read more » conspiracy against hinduism हिंदुत्व के खिलाफ हो रहे हैं षड्यंत्र
लेख वैचारिक स्वतंत्रता के साथ-साथ अभिव्यक्ति में सतर्कता परमावश्यक है …! December 8, 2011 / December 8, 2011 by विनायक शर्मा | 1 Comment on वैचारिक स्वतंत्रता के साथ-साथ अभिव्यक्ति में सतर्कता परमावश्यक है …! विनायक शर्मा प्रसिद्द अधिवक्ता व टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण पर उनके सर्वोच्च न्यायालय के परिसर के कार्यालय में हुआ दुर्व्यवहार और हाथापाई के समाचार से सारा देश स्तब्ध सा रह गया. अचानक हुए इस हमले कि किसी को भी आशा तक नहीं थी. देश का संविधान, विधि-विधान और भारतीय सभ्यता इस प्रकार के […] Read more » freedom of thought अभिव्यक्ति में सतर्कता वैचारिक स्वतंत्रता
लेख युवाओ की आत्महत्याओ का कारण December 7, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on युवाओ की आत्महत्याओ का कारण शादाब जफर शादाब आधुनिकीकरण, सामाजिक असंतुलन, इंटरनेट, मोबाइल है युवाओ की आत्महत्याओ का कारण आज हमारी युवा पीढी को न जाने क्या हो रहा है? मॉ बाप और टीचरो की जरा जरा सी बातो और डाट फटकार पर खुदकशी की घटनाए बहुत तेजी से बढ रही है। साथ ही साथ स्कूल कालेजो में अपने सहपाठियो […] Read more » reasons to suicide for youths युवाओ की आत्महत्याओ का कारण
लेख फेसबुक पर रोक लगाने की बजाये सरकार अपना फेस देखे! December 7, 2011 / December 7, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 6 Comments on फेसबुक पर रोक लगाने की बजाये सरकार अपना फेस देखे! इक़बाल हिंदुस्तानी नेताओं की इज़्ज़त ही कहां बची है जो बेइज़्ज़ती होगी ? अभी तक तो सरकार अपने प्रिय भ्रष्टाचार पर ही रोक लगाने के लिये मज़बूत लोकपाल लाने से बच रही थी लेकिन अब वह अरब देशों में सोशल नेटवर्किगं साइट्स जैसे फेसबुक और ब्लॉग आदि के ज़रिये हुयी बग़ावत से डरकर इंटरनेट पर […] Read more » ban on face book फेसबुक पर रोक लगाने
लेख आज पैसे की चमक ने पत्रकारिता को व्यवसाय बना दिया December 7, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on आज पैसे की चमक ने पत्रकारिता को व्यवसाय बना दिया शादाब जफर शादाब बदलते समय और बदलती सोच के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में दिन प्रतिदिन गिरावट आ रही है इस मुद्दे पर आज देश में गर्मा गरम बहस भी छिड चुकी है। देश के लोकतंत्र का मजबूत चौथा स्तम्भ कहा जाने वाला पत्रकारिता का क्षेत्र भी अब इस भ्रष्टाचार से अछूता नही रहा। आज […] Read more » corruption in media पत्रकारिता का व्यवसाय
लेख मल्टीब्रांड एफ़डीआई यानी चोर छिप गया भागा नहीं है! December 7, 2011 / December 7, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी ममता को पैकेज देकर जल्दी बिल्ली थैले से बाहर आ जायेगी। खुदरा कारोबार में विदेशी निवेश का भूत ममता की तृणमूल कांग्रेस के अड़ जाने से फिलहाल छिप गया है लेकिन यह मानना खुद को धेखा देना होगा कि यह हमेशा के लिये भाग गया है। दरअसल कम लोगों को यह अंदर की […] Read more » FDI Multibrand FDI एफ़डीआई
लेख महंगाई, भ्रष्टाचार और सरकार December 6, 2011 / December 6, 2011 by राजकुमार साहू | Leave a Comment राजकुमार साहू केन्द्र में सत्ता पर बैठी कांग्रेसनीत यूपीए सरकार चाहे जितनी अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन महंगाई व भ्रष्टाचार के कारण सरकार जनता की अदालत में पूरी तरह कटघरे में खड़ी है। ठीक है, अभी लोकसभा चुनाव को ढाई से तीन साल शेष है, किन्तु सरकार को जनता विरोधी कार्य करने से बाज आना […] Read more » Corruption Inflation कांग्रेस भ्रष्टाचार महंगाई
लेख सैर-सपाटा धरती का छुपा स्वर्ग – ‘तवांग’ December 6, 2011 / December 7, 2011 by अन्नपूर्णा मित्तल | 7 Comments on धरती का छुपा स्वर्ग – ‘तवांग’ ‘तवांग’, यह नाम लेते ही मेरा मन हर्षोल्लास से भर जाता है। आज मै आपको तवांग की सुंदर वादियों की सैर कराना चाहती हूँ, जिससे बहुत कम लोग परिचित हैं। तवांग भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश राज्य के पश्चिमोत्तर भाग में स्थित है। भूटान और चीन तवांग के सीमावर्ती देश हैं। यह शक्तिशाली […] Read more » ‘तवांग’ beauty of india hidden heaven of earth Tawang धरती का छुपा स्वर्ग
लेख गिरते घर , मरते लोग December 6, 2011 / December 6, 2011 by राजीव गुप्ता | 2 Comments on गिरते घर , मरते लोग राजीव गुप्ता मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में “मकान” की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है ! हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि सिर ढकने के लिए एक छत अर्थात उसका ” अपना आशियाना ” हो जहां उसका परिवार प्रफ्फुलित एवं पल्लवित हो और इसी की जद्दोजेहद में मनुष्य अपने जीवन की अधिकतम आयु लगा देता है […] Read more » गिरते घर मरते लोग
लेख अधर्म पर धर्म की जीत की याद दिलाती ”शहादत-ए-हुसैन” December 4, 2011 / December 4, 2011 by तनवीर जाफरी | 2 Comments on अधर्म पर धर्म की जीत की याद दिलाती ”शहादत-ए-हुसैन” तनवीर जाफरी मोहर्रम पर विशेष अंग्रेज़ी कैलंडर वर्ष की शुरुआत हो या अन्य दूसरे पंथों द्वारा अपनाए जाने वाले वार्षिक कैलंडर की बात हो लगभग सभी नववर्षों की शुरुआत पूरे विश्व में पूरे हर्षोल्लास व स्वागतपूर्ण वातावरण में की जाती है। परंतु इसे इस्लाम धर्म का दुर्भागय कहा जाएगा कि इस्लामी वर्ष का पहला महीना […] Read more » 'शहादत-ए-हुसैन festival of muslims muharram shia festival muharram बीबी फातिमा मोहर्रम पर विशेष हज़रत अली हज़रत हुसैन
महिला-जगत लेख ‘उर्वशी’ होना नारी का अपमान है: डा. धर्मवीर December 4, 2011 / December 4, 2011 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 4 Comments on ‘उर्वशी’ होना नारी का अपमान है: डा. धर्मवीर कैलाश दहिया रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की ‘उर्वशी’ में नारी चेतना और नारीवाद का नामोनिशान नहीं है। उर्वशी वेश्या थी और वेश्या होना नारी के लिए अपमान है। दिनकर ने अपनी द्विज परम्परा में ‘उर्वशी’ नामक प्रबंध काव्य लिखा है। इसमें जहाँ कविता थी-अच्छी लगी, जहाँ पुराण था, वहाँ यह खराब ही होनी थी। दिल्ली विश्वविद्यालय […] Read more » ‘उर्वशी’ Urvashi नारी का अपमान