लेख कोरोना काल में चुनौतियां एवं समाधान May 31, 2021 / May 31, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment कोरोना महामारी ने पूरे विश्व के लगभग सभी देशों को प्रभावित किया है। कहीं कहीं तो इस महामारी का प्रभाव इतना बलशाली रहा है कि उस देश की जनसंख्या का बहुत बड़ा भाग इस बीमारी की चपेट में आकर संक्रमित हो गया है। लगभग सभी देशों की अर्थव्यवस्थाएं तो चौपट हो ही गई हैं। भारत […] Read more » Challenges and solutions in the Corona era कोरोना काल में चुनौतियां कोरोना काल में चुनौतियां एवं समाधान
कविता अब भी समय है जातिभेद मिटाने का May 31, 2021 / May 31, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकअपने ही बाणों से बींधे जाएंगे ब्राह्मण,अपने ही तीरों से तीरे जाएंगे ब्राह्मण,शब्द ब्रह्म है साक्षी प्रमाण ऐसा होने का,अब भी समय है जाति भेद मिटाने का! जब अधम योनिजा; मछुआरन,स्वपाकी,दासी, गणिका का बेटा थे श्रेष्ठ ब्राह्मण;वेद व्यास,पराशर, शक्ति व ऋषि वशिष्ठ,फिर वशिष्ठ का बेटा अबके ब्राह्मण कैसेविशिष्ट औ’ ब्राह्मणों के मातृगोत्री जातिदास, […] Read more » There is still time to eradicate caste अब भी समय है जातिभेद मिटाने का
लेख ग्रामीण अंचल को कोरोना के प्रकोप से बचाना बड़ी चुनौती! May 31, 2021 / May 31, 2021 by दीपक कुमार त्यागी | Leave a Comment दीपक कुमार त्यागी भारत अब कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बहुत ही संवेदनशील चरण में प्रवेश कर चुका है। कोरोना वायरस का प्रकोप अब शहरी क्षेत्रों में धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया है। बेड, ऑक्सीजन, आईसीयू, वेन्टीलेटर, दवाई व इंजेक्शन के लिए मची आपाधापी वाली स्थिति शहरों में नियंत्रित होने लगी है। लेकिन […] Read more » corona in rural areas protect the rural area from the outbreak of Corona! ग्रामीण अंचल को कोरोना के प्रकोप से बचाना
मनोरंजन मीडिया लेख पठनीयता के संकट के बीच खुद को बदल रहे हैं अखबार May 31, 2021 / May 31, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -प्रो. संजय द्विवेदी Read more » Newspapers changing themselves Newspapers changing themselves amid readability crisis readability crisis of newspaper खुद को बदल रहे हैं अखबार
पर्यावरण लेख दुग्ध विकास बनाम पर्यावरण May 31, 2021 / May 31, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ.शंकर सुवन सिंह पोषण आहार-तत्व सम्बन्धी विज्ञान है। अर्थात आहार तत्वों द्वारा मनुष्य के शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन एवं विश्लेषण। दूसरे शब्दों में शरीर आहार सम्बन्धी सभी प्रक्रियाओं का नाम ही पोषण है। पोषण का सम्बन्ध भोजन व उस भोजन के सामाजिक,आर्थिक व मनोवैज्ञानिक प्रभावों से भी है। आहार और स्वास्थ्य का […] Read more » Milk Milk Development vs Environment दुग्ध विकास
कविता फिर एक महाभारत May 31, 2021 / May 31, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायकआज लड़ना हैफिर से एक महाभारतउस मानसिकता के खिलाफजिसमें एक कृष्ण सिंहदूसरे कृष्ण मंडल सेकंश जैसा व्यवहार करता हैदफ्तर में दुत्कारता है! वही कृष्ण सिंह दुर्योधन सिंह कोदफ्तर में पुचकारता हैकृष्ण झा से मुहूर्त विचारता हैकि कब और कैसे?कृष्ण मृगों का शिकार करना है! ऐसे में कृष्णा दास,कृष्णा मराण्डी क्या कर पाएगा,किससे गुहार […] Read more » फिर एक महाभारत
लेख सकारात्मक सोच की वैज्ञानिकता और कोरोना मुक्ति May 31, 2021 / May 31, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग –सोचना एक कला है, हर आदमी इस कला को नहीं जानता, इस कला को जो जान लेता है, उसका मार्ग बहुत साफ, निष्कंटक, निरोगी एवं उसका जीवन सफल बन जाता है। विचारों का ही परिणाम है कि हम जैसा सोचते हैं, वही सच्चाई बन जाती है। घटनाएँ, अनुभव, कार्य एवं जीवन पथ विचारों […] Read more » positive thinking Scientific and corona liberation कोरोना मुक्ति सकारात्मक सोच की वैज्ञानिकता
पर्यावरण लेख कोरोना महासंकट निष्पत्ति है पर्यावरण उपेक्षा की May 31, 2021 / May 31, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। दुनियाभर में पर्यावरण को समर्पित यह खास दिन इंसानों को प्राकृतिक वातावरण के प्रति सचेत करने के लिए मनाया जाता है, जब उन्हें इनके संरक्षण की याद दिलाई जाती है। इंसानों व प्रकृति के बीच के गहरे संबंध को देखते हुए यह […] Read more » Corona catastrophe is disregarded of Corona catastrophe is disregarded of environmental neglect environmental neglect कोरोना महासंकट विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून
टेलिविज़न मीडिया लेख भारत की अखंडता-संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा है विदेशी सोशल मीडिया May 31, 2021 / May 31, 2021 by संजय सक्सेना | Leave a Comment इस्ट इंडिया कम्पनी की तरह की आज टिव्टर एवं वाॅटस एप कम्पनिया भी भारतीय संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए केन्द्र सरकार पर आंखे तरेर रही हैं। हालांकि अब समय बदल गया है,तब देश पर कब्जा करने के लिए ईस्ट इंडिया कम्पनी आई थी, आज की ’ईस्ट इंडिया कम्पनियां’ देश के बाजार पर कब्जा करने की […] Read more » Foreign social media is a big threat to India's integrity-sovereignty toolkit भारत की अखंडता-संप्रभुता के लिए खतरा विदेशी सोशल मीडिया विदेशी सोशल मीडिया
लेख पत्रकारिता दिवस का मान बढ़ाया भोपाल-इंदौर ने May 31, 2021 / May 31, 2021 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमारएक पत्रकार के लिए आत्मसम्मान सबसे बड़ी पूंजी होती है और जब किसी पत्रकार को अपनी यह पूंजी गंवानी पड़े या गिरवी रखना पड़े तो उसकी मन:स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है. फिर आप किसी भी पत्रकार के लिए कोई दिन-दिवस मनाते रहिए, सब बेमानी है. हर साल हिन्दी पत्रकारिता दिवस 30 […] Read more » value of journalism day पत्रकारिता दिवस का मान
कविता मैं कैसा हूं इंसान? May 30, 2021 / May 31, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकसंघर्ष में जीता हूंघूंट जहर का पीता हूंकिसको आत्मीयजन समझूं,जबकि सब मुझसे हैं अंजान,मैं कैसा हूं इंसान? अर्थ का बना नही दास,किया नही मैं अर्थ तलाश,फिर भी कुछ को मुझसे आस,क्या दूं उनको अनुदान,मैं कैसा हूं इंसान? घंटों कलम घिसकर,जो कुछ भी पाता हूं,कर्तव्य की वेदी पर चढ़ा,मात्र प्रसाद भर खाता हूं,पर दुनिया […] Read more » मैं कैसा हूं इंसान?
कविता जाति-वर्ण ही कर्ण के दुख का कारण था May 30, 2021 / May 31, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकजातिवाद बड़ी समस्या है भारतदेश की,कभी धर्म के नाम लड़ाई, कभी वर्ण के,एक जाति ने दूसरी जाति की हत्या की,कभी शस्त्र के साथ लड़े,कभी शास्त्र से! भारत सदा कराह रहा जाति विषदंत से,गुरु परशुराम और द्रोण भी कहां कम थे,महादंभी व अताताई रावण,कौरव,कंश से,पक्षधर नहीं धर्म के, बल्कि वर्ण-वंश के! महाभारत नहीं राज्य […] Read more » Caste-varna was the cause of Karna's misery जाति-वर्ण ही कर्ण के दुख का कारण था