लेख भक्ष्य व अभक्ष्य भोजन तथा गोरक्षा पर ऋषि दयानन्द के विचार April 8, 2021 / April 8, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं, ज्ञानी व अज्ञानी। रोग के अनेक कारणों में से मुख्य कारण भोजन भी होता है। रोगी व्यक्ति डाक्टर के पास पहुंचता है तो कुशल चिकित्सक जहां रोगी को रोग निवारण करने वाली ओषधियों के सेवन के बारे में बताता है वहीं वह उसे पथ्य अर्थात् भक्ष्य […] Read more » तथा गोरक्षा पर ऋषि दयानन्द के विचार भक्ष्य व अभक्ष्य भोजन भक्ष्य व अभक्ष्य भोजन तथा गोरक्षा भक्ष्य व अभक्ष्य भोजन तथा गोरक्षा पर ऋषि दयानन्द के विचार
कविता वीवो आईपीएल 2021 April 7, 2021 / April 7, 2021 by प्रभात पाण्डेय | Leave a Comment सिक्सर कौन लगायेगाकौन नाम बनायेगाकिसके सिर पर सजेगा ताजयह अब तय हो जायेगासही गिरेगी गुगली या स्विच हिट लग जायेगाबाउंसर गुजरेगी कानों सेया हुक शॉट खेला जायेगाक्या गेंद रहेगी नीची या सिर से टकरायेगीक्या पिच लेगी स्पिन या ओस साथ निभायेगीकौन लक्ष्य को भेदेगा ,कौन जश्न मनायेगायह तो,वीवो आईपीएल ही बतायेगा ||क्या दिखेगी हिट मैन […] Read more » वीवो आईपीएल 2021
महिला-जगत लेख स्वास्थ्य-योग सोच बदलकर ही मासिक धर्म की गरिमा बढ़ सकती है। April 7, 2021 / April 7, 2021 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment महिलाओं के लिए मासिक धर्म एक प्राकृतिक और स्वस्थ जैविक प्रक्रिया है, इसके बावजूद, यह अभी भी भारतीय समाज में एक निषेध एवं शर्मिंदगी माना जाता है। आज भी लोगों पर सांस्कृतिक और सामाजिक प्रभाव किशोर लड़कियों को मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में शिक्षित करने में बाधा है। बीते साल फरवरी 2020 में, गुजरात […] Read more » dignity of menstruation be increased. मासिक धर्म की गरिमा
लेख स्वास्थ्य-योग जीवन का सबसे बड़ा सुख है स्वास्थ्य April 6, 2021 / April 6, 2021 by डॉ. वंदना सेन | Leave a Comment डॉ. वंदना सेनजिसके पास स्वस्थ शरीर है, उस पर मानसिक तनाव भी अपना प्रभाव छोड़ पाने में असमर्थ ही होता है। एक कहावत है पहला सुख निरोगी काया। यानी जीवन का प्रथम और सबसे बड़ा सुख अगर कोई है तो वह केवल और केवल स्वस्थ जीवन है। स्वस्थ जीवन का तात्पर्य केवल इतना भर नहीं […] Read more » world health day सबसे बड़ा सुख है स्वास्थ्य
कविता तुम्हारा साथ April 6, 2021 / April 6, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मिला है जब से साथ तुम्हारा,मन के तार झंकृत होने लगे है।जो शब्द थे अंदर दिल में मेरे,वो अब सब बाहर आने लगे हैं।। सातों स्वर अब गूंजने लगे हैं,वीणा के तार बजने लगे हैं।छोड़ दो अब कोई सुरीली तान,जो मन के झरने बहने लगे।। मायूस थी बहुत दिनों से मै,सभी वाद्य यन्त्र जंग खाएं […] Read more » tumhara saath तुम्हारा साथ
लेख स्वास्थ्य-योग हर घड़ी स्वास्थ्य जागृति एवं क्रांति हो April 6, 2021 / April 6, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व स्वास्थ्य दिवस-7 अप्रैल 2021 पर विशेष – ललित गर्ग –इक्कीसवीं सदी ने मनुष्य जाति को बहुत कुछ दिया हैµअच्छा भी, बुरा भी। इनमें से उसकी एक देन हैµकोविड-19, मानव इतिहास से इस सबसे बड़ी एवं भयावह महामारी ने मनुष्य जीवन को संकट में डाल दिया है, न केवल मनुष्य जीवन बल्कि आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक सभी […] Read more » विश्व स्वास्थ्य दिवस-7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस-7 अप्रैल 2021
मनोरंजन लेख सिनेमा रजनीकांत का प्रकाश सूर्य बनता गया April 6, 2021 / April 6, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- करीब पांच दशकों से सिनेमा में सक्रिय एवं सुुविख्यात फिल्मी अभिनेता रजनीकांत को दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किये जाने की केंद्र सरकार की घोषणा को भले ही राजनीतिक रंग देने का प्रयत्न हो रहा है, भले ही इस अवार्ड की घोषणा को तमिलनाडू के विधानसभा चुनाव से जोड़ने की कोशिश […] Read more » Dada saheb falke award to Rajnikant Rajnikant रजनीकांत को दादा साहब फाल्के अवॉर्ड रजनीकांत को सेंटेनरी अवॉर्ड फॉर इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर
कविता मै मन के भाव लिखता हूं April 3, 2021 / April 3, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मन में भाव आते हैं तो लिखता हूं।दिल में दर्द होता है तो लिखता हूं।।किसी का कुछ न लेता हूं न बिगाड़ता हूं।केवल अपने उदगारो तो मैं लिखता हूं।। दीवार के सहारे खड़ा हूं तेरा क्या लेता हूं।केवल अपने दिल की तपिश बुझा लेता हूं।।तू प्यार का पानी पिला न पिला मुझको।अपने प्यार की प्यास […] Read more »
लेख रूढ़िवादी प्रथा छीन रहा है महिलाओं का अधिकार April 3, 2021 / April 3, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment रमा शर्मा जयपुर, राजस्थान राजस्थान के इतिहास में बालिकाओं व महिलाओं को लेकर राजा महाराजाओं के समय से ही कई प्रथाएं और परम्पराएं चली आ रही हैं। जो कहीं उनके अधिकारों को बचाती है, तो कई उनके अधिकारों का हनन भी करती है। इन्हीं में एक नाता प्रथा भी है। कहने को यह प्रथा महिलाओं […] Read more » Orthodox practice is taking away women's rights नाता प्रथा
कविता बीत गई है होली, लोग रंगो को छुड़ाने लगे हैं। March 31, 2021 / March 31, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment बीत गई है होली,लोग रंगो को छुड़ाने लगे हैं।अपने चाहने वाले,फिर से याद आने लगे हैं।। पी थी जिन्होंने भंग,उनका नशा उतरने लगा है।क्यों किया था ऐसा काम,उनको अखरने लगा है।। मेहमान जो आए थे,अपने घर को लौटने लगे हैं।उड़ रहे थे जो पक्षी घौसलो में लौटने लगे है।। हो गई है गर्मी तेज,पुरवा हवा […] Read more » Holi has passed
लेख आज फटी जींस फैशन है या कुछ और March 31, 2021 / March 31, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment पिछले दो-तीन दिनों से *फटी हुई जींस* को लेकर मीडिया व अखबारों में काफी चर्चा बनी हुई है और मुझे भी लगता है कि फैशन करने में बुराई नहीं है पर उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत जी ने जींस का रिश्ता लड़िकयों के संस्कार से जोड़ दिया। इसके बाद उनके इस बयान की […] Read more » Today torn jeans are fashion or something फटी जींस फैशन
कविता प्यार भरे कुछ मुक्तक March 31, 2021 / March 31, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment दिल लेकर पूछती हो कौन हो तुम।जान कर भी अनजान बनती हो तुम।।दिल के बदले दिल दिया था मैंने।पूछता हूं इनका ज़बाब क्यों मौन हो तुम।। भली भांति जानती हो कौन हूं मै तुम्हारा।मेरे पास वह दिल है जो कभी था तुम्हारा।।ये सच है मै परछाई हूं तेरी तू परछाई है मेरी।।झांक कर देखो तुम […] Read more » Some love filled with love प्यार भरे कुछ मुक्तक