आलोचना चम्बल में डाकू म्यूजियम का औचित्य February 24, 2021 / February 24, 2021 by डॉ.रामकिशोर उपाध्याय | Leave a Comment यद्यपि चम्बल अंचल में डकैत समस्या समाप्त हो चुकी है किन्तु चम्बल से डकैतों के नाम एक चौंकाने वाला समाचार आया है | कहा जा रहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस, भिंड में डाकू म्यूजियम बनाने जा रही है | म्यूजियम अर्थात संग्रहालय,एक ऐसा संस्थान जो अपनी विरासत या धरोहर को सहेजने का कार्य करता है […] Read more » Justification of the dacoit museum in Chambal चम्बल में डाकू म्यूजियम
लेख ‘अभिव्यक्ति’ को सलाखें नहीं ‘आजादी’ चाहिए ? February 24, 2021 / February 24, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जलवायु एक्टिविस्ट दिशा रवि को एक लाख के निजी मुचलके पर चर्चित ‘टूलकिट’ मामले में तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस खुद कटघरे में खड़ी हो गई है। सवाल उठता है कि क्या सरकार के खिलाफ बोलना, लिखना देशद्रोह […] Read more » अभिव्यक्ति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जलवायु एक्टिविस्ट दिशा रवि टूलकिट
कविता भाई बहिन का रिश्ता February 24, 2021 / February 24, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment भाई बहिन का ये रिश्ता,कैसा अजीब है ये रिश्ता।लड़ते झगड़ते है ये आपस मे,फिर भी टूटता ना ये रिश्ता।। लड़ झगड़ कर एक हो जाते,एक दूजे के बिन रह न पाते।जब हो जाते एक दूजे से नाराज,बिन मनाएं ये रह नहीं पाते।। भाई बहिन एक खून का रिश्ता,जो बनता है दो खूनो से रिश्ता।वैसे तो […] Read more » भाई बहिन का रिश्ता
कविता कोई भी कृति राम चरित्र की पूर्णाहुति नहीं है February 23, 2021 / February 23, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायककोई भी कृति राम चरित्र की पूर्णाहुति नहीं है,वाल्मीकि के पूर्व रामकथा लौकिक आस्था थी! नारद की मौलिक पत्रकारिता को वाल्मीकि नेरामायण नाम से काव्यात्मक अभिव्यक्ति की! आगे कालिदास, भवभूति, तुलसी लेखनी चली,किन्तु राम की महिमा अब भी बहुत अनकही! रामचरित्र पर एक आक्षेप है शूद्रहन्ता होने का,कितना झूठ, कितना कल्पित, कितना है […] Read more » No work is full of Ram Charitra राम चरित्र
कविता बड़ी खूबसूरत है जिंदगी February 23, 2021 / February 23, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment बड़ी खूबसूरत है ये ज़िंदगी…..इसी ने मुझे संघर्ष करना सिखायाहंसना सिखाया,रोना भी सिखायाकभी अपने को कम समझना नहीं हैंये सिलसिला भी ज़िंदगी ने सिखाया….. कठिन से कठिन को आसान बनानाये हौसला भी ज़िंदगी से ही आयाकभी हार जाओ, उदासी न लानाये मुस्कान भी ज़िंदगी से ही आया…. समझते हैं ख़ुद को बड़े ही नादानज्ञान की […] Read more » बड़ी खूबसूरत है जिंदगी
लेख शख्सियत समाज संत रैदास की अनूठी भक्ति एवं सिद्धि February 23, 2021 / February 23, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग – महामना संत रैदास भारतीय संत परम्परा और संत-साहित्य के महान् हस्ताक्षर है, दुनियाभर के संत-महात्माओं में उनका विशिष्ट स्थान है। क्योंकि उन्होंने कभी धन के बदले आत्मा की आवाज को नहीं बदला तथा शक्ति और पुरुषार्थ के स्थान पर कभी संकीर्णता और अकर्मण्यता को नहीं अपनाया। ऐसा इसलिये संभव हुआ क्योंकि रैदास […] Read more » Saint Raidas's unique devotion and accomplishment संत रैदास संत रैदास की अनूठी भक्ति एवं सिद्धि
कला-संस्कृति लेख मातृभाषा: अपना गौरव अपनी पहचान February 23, 2021 / February 23, 2021 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment डॉ. पवन सिंह मलिक पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम ने स्वयं के अनुभव के आधार पर कहा है कि ‘मैं अच्छा वैज्ञानिक इसलिए बना, क्योंकि मैंने गणित और विज्ञान की शिक्षा मातृभाषा में प्राप्त की’। और यह अटल सत्य भी है कि भाषा केवल संवाद की ही नहीं अपितु संस्कृति एवं संस्कारों की भी संवाहिका […] Read more » Mother tongue: Your pride is your identity मातृभाषा
लेख स्वास्थ्य-योग कोरोना से बचें, आपकी धडक़न के लिए सतर्कता जरूरी February 23, 2021 / February 23, 2021 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार वासंती हवाओं के साथ मन में इस समय प्रेम की जगह भय ने ले लिया है. एक बार फिर डराने की सूचना से सबके चेहरे पर शिकन दिखने लगी है. जानलेवा कोरोना का एक और दौर शुरू हो गया है. आंकड़ों की बतकही पर ना भी जाएं तो कोरोना का जो वैश्विक रूप […] Read more » Avoid corona आपकी धडक़न के लिए सतर्कता जरूरी कोरोना से बचें
लेख सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं की बिदाई February 23, 2021 / February 23, 2021 by डॉ. अमरनाथ | Leave a Comment डॉ. अमरनाथ यूपी बोर्ड की परीक्षा में आठ लाख विद्यार्थियों का हिन्दी में फेल होने का समाचार 2020 में सुर्खियों में था. कुछ दिन बाद जब यूपीपीएससी का रेजल्ट आया तो उसमें भी दो तिहाई से अधिक अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थी सफल हुए. यह संख्या पहले 20-25 प्रतिशत के आस-पास रहती थी. सितंबर 2020 […] Read more » Mother tongues parting from government services सरकारी सेवाओं से मातृभाषाओं की बिदाई
कविता ‘सर’ संबोधन का ये रिवाज मिटाना होगा February 23, 2021 / February 23, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | 1 Comment on ‘सर’ संबोधन का ये रिवाज मिटाना होगा —विनय कुमार विनायक‘सर’ संबोधन का ये रिवाज मिटाना होगा,विदेशी गुलामी से हमें निजात पानी होगी,देशी संबोधनों को अब हमें अपनाना होगा! ‘सर’ में बड़ा अहं है, अधिकार का वहम है,‘सर’ संबोधन में सेवा भावना बहुत कम है,तनिक नहीं रहम,’सर’ अंग्रेजों सा बेरहम है! सर में डर है,डरा-डरा देश का हर जन है,सर बोलनेवाले दीन,हीन,लाचार दीखते […] Read more » ‘सर' संबोधन का ये रिवाज मिटाना होगा आर्यवर गुरुवर प्रियवर बंधुवर मान्यवर मित्रवर
लेख महात्मा बुद्ध से पहले सनातन धर्म का कैसा था स्वरूप? February 23, 2021 / February 23, 2021 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment आजकल कुछ वामपंथी ईर्ष्यालु लोगों ने भाषा विज्ञान का आडंबर रचकर संस्कृत को बहुत नवीन भाषा कहना शुरु किया है। वे लोग बौद्ध साहित्य में भी आये वेदादिशास्त्रों के नाम को ऊटपटांग अर्थ करके जान बचाना चाहते हैं। इनके सिपहसालार राजेंद्र प्रसाद ने तो “त्रैविद्यासुत्त” को प्रक्षेप ही घोषित कर रखा है। इनके एक चेले […] Read more » nature of Sanatan Dharma before Mahatma Buddha? Sanatan Dharma before Mahatma Buddha
लेख गांधीजी के जीवन में कस्तूरबा का योगदान February 23, 2021 / February 23, 2021 by श्रीनिवास आर्य | Leave a Comment मोहनदास करमचन्द गांधी को सारा भारत ही क्या, सारा विश्व जानता है; पर उन्हें गोधी जी के रूप में आगे बढ़ाने के लिए जिस महिला ने अन्तिम समय तक सहारा और उत्साह प्रदान किया, वह थीं उनकी धर्मपत्नी कस्तूरबा गांधी, जो ‘बा’ के नाम से प्रसिद्ध हुईं। यह बात गांधी जी ने कई बार स्वयं […] Read more » कस्तूरबा का योगदान