कविता नारी क्या है एक दिन बन के देखो October 1, 2020 / October 1, 2020 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकनारी क्या है?एक दिन बन के देखोसुबह उठ किचन देखोनाश्ता टिफीन के साथकार्यालय विदाकर देखोजाने से उसके आनेतकप्रतीक्षा करके तो देखो! नारी क्या है?एक दिन बन के देखोमाहवारी पीड़ा की दौरगुजर करके तो देखोएक मां बन के देखोगहरी नींद से उठकरमल-मूत्र में पड़े रोतेस्व बचपन को देखो! नारी क्या है?एक दिन बनके देखोमाता-पिता […] Read more » नारी क्या है एक दिन बन के देखो
लेख सार्थक पहल सशस्त्र बलों में महिलाएं: नए पंख, आकाश को छूने के लिए September 30, 2020 / September 30, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment —-प्रियंका सौरभ हाल ही में भारतीय नौसेना ने हेलीकॉप्टर पर्यवेक्षकों के रूप में दो महिला अधिकारियों सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह के चयन की घोषणा की, जिससे वे पहली महिला हवाई युद्धपोत संचालक बन गईं। इस साल मार्च में सर्वोच्च न्यायालय ने यह माना था कि नौसेना में महिला शॉर्ट सर्विस […] Read more » पहली महिला हवाई युद्धपोत संचालक सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह सशस्त्र बलों में महिलाएं
कविता मैं हाथरस की बेटी हूँ September 30, 2020 / September 30, 2020 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment कोख में मरती और , हाथरस का परिहास हूँ !जिस्म नोचते भेडियों, का मै एक अवसाद हूँ ! ! सत्ता के नारों की बस , मैं गढ़ी एक तस्वीर हूँ !अखबारों की सुर्ख़ियों की, मैं एक लकीर हूँ ! ! मैं माँ, बहन और बेटी का, बस एक इश्तहार हूँ !चौघट से बाहर घुरती , […] Read more » brutal rape case of hathras hathras rape case मैं हाथरस की बेटी हूँ
कविता बच्चों का पन्ना पेट राम ने खूब छकाया September 30, 2020 / September 30, 2020 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment इसको कहते लोग समोसा ,उसको कहते लोग कचौड़ी |लेकिन जिसमें मज़ा बहुत है ,वह कहलाती गरम पकौड़ी | गरम पकौड़ी के संग चटनी ,अहा !जीभ में पानी आया |रखी प्लेट में लाल मिर्च थी ,तभी स्वर्ग सा सुख मिल पाया | इतना खाया, इतना खाया ,ख्याल जरा भी न रख पाया |किन्तु बाद में पेट […] Read more » पेट राम ने खूब छकाया
कविता बच्चों का पन्ना करें तिरंगे की पूजा September 30, 2020 / September 30, 2020 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment थाली में है रोली कुमकुम,पीला चंदन है।करें तिरंगे की पूजा हम , शत अभिनंदन है|| Read more » करें तिरंगे की पूजा
कविता बच्चों का पन्ना आशा कैसे कर लें September 30, 2020 / September 30, 2020 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment गुड़- गुड़ हुक्का पिया शेर ने,मुंह से धुआं उड़ाया।हाथी को वन के राजा का,यह ढंग नहीं सुहा या । उसके मुंह से छीना हुक्का,कसकर डांट पिलाई।कैसे वन के राजा हो तुम,तुम्हें शरम न आई। तम्बाकू पर सारे वन में ,ही प्रतिबंध लगा है।तुमने ही आदेश निकला,तुमको नहीं पता है? नियम बनाने वाले ही जब,नियम ताक […] Read more » आशा कैसे कर लें
कविता भज ले प्रभु का नाम बन्दे September 30, 2020 / September 30, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment भज ले प्रभु का नाम बन्दे,कभी तुझे देरी न हो जाए।पता नहीं इस मौत का तुझे,कब तुझेको मरघट लेे जाए।। अनिष्चता में निश्चितता छिपी,सब लोगो को तो ये पता है।मौत सबको ही आएगी पर,कब किसको आएगी ये न पता।। करले अपने सब काम पूरे,फिर शायद समय न मिले।मिला है मनुष्य जीवन तुझे,शायद फिर ये तुझे […] Read more » Please pray to God भज ले प्रभु का नाम बन्दे
कविता बलात्कार नहीं है भारत की संस्कृति September 30, 2020 / September 30, 2020 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकबलात्कार नहीं है भारत की संस्कृति,इस देश में नारी पूजन की है रीति! बड़े-बड़े युद्ध लड़े भारतीय जनों नेपर यौन शोषण की नहीं थी प्रवृत्ति! रण में राम ने जीता था लंका कोऔर लौटा लंका स्थापित की शांति! विश्व स्तरीय युद्ध हुआ महाभारत,किन्तु इज्जत लुटी नहीं नारियों की! भीष्म ने त्याग दिया था […] Read more » India culture is not rape बलात्कार भारत की संस्कृति
लेख विधि-कानून बलात्कार की शिकार सभी बच्चियों को मिले त्वरित इंसाफ September 29, 2020 / September 29, 2020 by संजय सक्सेना | Leave a Comment संजय सक्सेना अपराध और अपराधी की सिर्फ एक ही परिभाषा होती है। उसे एक ही कानून से सजा मिलती है। अगर किसी धर्म, व्यक्ति विशेष, नेतागण या मीडिया समूह के लिए ‘कालखंड’ के हिसाब से अपराध की परिभाषा बदल जाती है तो समाज और देश का इससे बड़ा दुर्भाग्य और कोई नहीं हो सकता […] Read more » hathras gangrape case Rapid justice for all girl child victims rapid justice for rape victim girl child नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो फास्ट ट्रैक कोर्ट
व्यंग्य पति, पत्नी और वो का चक्कर September 29, 2020 / September 29, 2020 by नवेन्दु उन्मेष | Leave a Comment नवेन्दु उन्मेष पति, पत्नी और वो का चक्कर हमेशा बुरा होता है और अब उसमें सीसीटीवीकैमरा भी शामिल हो गया है। इसके बाद वीडियो वायरल होने से इज्जत पर पलीतालगता है सो अलग। यह बात मुझे कल पत्नी समझा रही थी। कह रही थी तुम जोमुझसे लड़ते हो उसे मैं घर में लगे सीसीटीवी कैमरे […] Read more » Husband wife and affair
कविता ये कथा है तब की जब जाति नहीं बनी थी September 29, 2020 / September 29, 2020 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकये कथा है तब की जब जाति नहीं बनी थीवर्ण नहीं था जन्मगत, सभी कर्म से अर्जित! एक ही घर में कोई ब्रह्मज्ञानी ब्राह्मण तपीकोई कुलवंश कबीला नारी रक्षक त्राता क्षत्रिय! कोई लघुभ्राता बना ब्राह्मण गुरुभक्त आरुणि!खेतमेढ़ तटबंधरक्षी करता आश्रम में बागवानी! कोई विश ग्रामणी कृषक बना था वैश्य वणिककोई ज्येष्ठ राज्याभिषिक्त का […] Read more » ये कथा है तब की जब जाति नहीं बनी थी
व्यंग्य कहीं बड़े पर भारी न पड़ जाए छोटे की चतुराई ! September 29, 2020 / September 29, 2020 by सुशील कुमार नवीन | Leave a Comment सामयिक व्यंग्य: टू टेक राइट डिसीजन एक पुरानी कहानी है। आप भी सुनें और मजे लें। वर्तमान सन्दर्भ में कहीं इसका जोड़ बनता हो तो वो भी महसूस कर लीजिए। मुझे इसमें जरा भी एतराज नहीं होगा। और हो भी, तो हो। मैं आपका कुछ बिगाड़ थोड़े ही सकता हूं। आप आजाद भारत के नागरिक […] Read more » feedback on agriculture bill from farmers krishi bill कृषि विधेयक