पर्व - त्यौहार लेख शरीर ही नहीं, चेतना का उत्सव है होली March 7, 2020 / March 7, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –होली धार्मिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष त्यौहार है, एक तरह से देखा जाए तो यह उत्सव प्रसन्नता को मिल-बांटने का एक अपूर्व अवसर है। हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहाँ पर मनाये जाने वाले सभी त्यौहार समाज में मानवीय गुणों को स्थापित करके लोगों में प्रेम, एकता […] Read more » Holi is a celebration of consciousness होली
महिला-जगत लेख मानवता के विकास की आधारशिला है नारी सशक्तिकरण March 6, 2020 / March 6, 2020 by अमिता सिंह | Leave a Comment राष्ट्र का अभिमान है “नारी”। राष्ट्र की शान है नारी । भारतीय परिवेश व परिधान की शोभा है नारी । नर से नारायण की कहावत को चरितार्थ करती है नारी | मानवता की मिशाल है नारी । महिला सशक्तिकरण से तात्पर्य है समाज में महिलाओं के वास्तविक अधिकार को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम […] Read more » Empowerment of women is the cornerstone of the development of humanity कन्या भ्रूण हत्या कार्य-स्थल में उत्पीड़न के खिलाफ कानून गरिमा और शालीनता के लिए अधिकार नारी सशक्तिकरण मानवता के विकास की आधारशिला यौन उत्पीड़न अधिनियम के तहत विकास की आधारशिला है नारी सशक्तिकरण संपत्ति पर अधिकार - हिंदू उत्तराधिकारी अधिनियम समान वेतन का अधिकार
लेख स्वास्थ्य-योग कोरोना का आतंक: घबराएं नहीं पर सर्तक रहें March 6, 2020 / March 6, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment कोरोना को लेकर सतर्कता जरूरी – योगेश कुमार गोयल दिसम्बर माह में चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस का आतंक अब एक-एक कर दुनिया के 70 से भी अधिक देशों में पैर पसार चुका है और दर्जन भर देशों में इसके चलते मौतें भी हो चुकी हैं। चीन में कोरोना संक्रमण के 80 हजार […] Read more » corona Corona Panic कोरोना
बच्चों का पन्ना लेख मुरब्बा March 4, 2020 / March 4, 2020 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment घर में बना आंवले का था, अहा! मुरब्बा खट मिट्ठा। बांध- बांध तारीफों के पुल, सबने कहा बहुत अच्छा। यह कमाल है दादीजी के, सुगढ़ रसीले हाथों का। प्यार भरी रस भरी जलेबी, जैसी मीठी बातों का। पापा ने छोटी बरनी का, साफ कर दिया है फट्टा। दादाजी भी “और मुरब्बा”, “और मुरब्बा” चिल्लाते। नज़र […] Read more » मुरब्बा
लेख भरत से हारकर राम ने मनाई जीत की खुशी March 3, 2020 / March 3, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण, भरत ओर शत्रुघन सहित अपने बाल सखायो की टोली लिए राजमहल से बाहर आते है ओर अयोध्या की गलियों में भमरा, लट्टू डोरी का खेलते है। गोस्वामी तुलसीदास ने गीतावली में भगवान के अनेक ललित लीलाओ उनके रूपमाधुर्य ओर उच्च चरित्र का चित्रण किया है। […] Read more » Ram celebrates victory by defeating Bharat राम ने मनाई जीत की खुशी
लेख समाज पादरी और बलात्कार March 3, 2020 / March 3, 2020 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक पोप फ्रांसिस बधाई के पात्र हैं कि जिन्होंने आखिरकार केरल के पादरी राॅबिन वडक्कमचेरी को ईसाई धर्म से निकाल बाहर किया। आखिरकार शब्द मैंने क्यों लिखा ? इसलिए कि इस पादरी को केरल की एक अदालत ने बलात्कार के अपराध में 60 साल की सजा कर दी थी, इसके बावजूद पोप ने […] Read more » father and Rape father of church commiting rapes बलात्कार
मीडिया लेख बलदेव भाई शर्मा होने का मतलब March 3, 2020 / March 3, 2020 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नए कुलपति का चयन क्यों है महत्त्वपूर्ण -प्रो.संजय द्विवेदी हिंदी पत्रकारिता के विनम्र सेवकों की सूची जब भी बनेगी उसमें प्रो. बलदेव भाई शर्मा का नाम अनिवार्य रूप से शामिल होगा। ऐसा इसलिए नहीं कि उन्हें रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया […] Read more » chancellor of kushabhau thackeray chancellor of kushabhau thackeray baldev bhai sharma बलदेव भाई शर्मा बलदेव भाई शर्मा होने का मतलब
कविता यही तो इश्क है। March 2, 2020 / March 2, 2020 by अजय एहसास | Leave a Comment दुनिया में उसको छोड़ ना परवाह किसी की आ जाये बिना बुलाये कभी याद किसी की तस्वीर गर जो आंखों में बस जाय किसी की कहते है दुनिया वाले कि यही तो इश्क है। दीदार उनका करने को जो दिल रहे बेताब उनके बगैर दुनिया में सब कुछ लगे खराब मिलते ही खुद बखुद अगर […] Read more » यही तो इश्क है।
दोहे तर कभी कृष्ण की कृपा जाते ! March 2, 2020 / March 2, 2020 by गोपाल बघेल 'मधु' | Leave a Comment तर कभी कृष्ण की कृपा जाते, वर कभी बोध व्यथा से पाते; पाण्डव धीरे धीरे जग पाते, सुषुप्ति युगों की रहे होते! स्वार्थ में सने घुने जो होते, उन्हें पहचान कहाँ वे पाते; सात्विकी सहजता समाए वे, पातकी पात्र कहाँ लख पाते ! भाव जड़ता को कहाँ तर पाते, कहाँ गाण्डीव उठा लड़ पाते; विराट […] Read more » तर कभी कृष्ण की कृपा जाते
लेख समाज राम रावण युद्ध से मनुष्यों को परस्पर व्यवहार की शिक्षा मिलती है March 2, 2020 / March 2, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य वैदिक धर्म व सनातन धर्म दोनों पर्यायवाची शब्द हैं। सृष्टि का आरम्भ 1,96,08,53,120 वर्ष पूर्व हुआ था। त्रेता युग में राम चन्द्र जी आर्यावर्त में जन्म थे। वह राजपुत्र थे। उनकी राजधानी का नाम अयोध्या था। उनके पिता दशरथ चक्रवर्ती राजा थे परन्तु उनमें कुछ शिथिलतायें थी जिस कारण लंका का […] Read more » The war on the Rama Ravana gives humans education of mutual behavior. परस्पर व्यवहार की शिक्षा राम रावण युद्ध
लेख आईपीएस अफीसर एसोसिएशन में बजने लगे बर्तन! March 2, 2020 / March 2, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का संघ मध्य प्रदेश में काफी ताकतवर माना जाता है। इस संघ की एकता और संगठनात्मक क्षमता को समय समय पर सराहा भी जाता रहा है। हाल ही में आईपीएस आफीसर्स की सर्विस मीट का आयोजन किया गया। इस मीट में शामिल होने आए अधिकारियों और उनके परिवार […] Read more » आईपीएस अफीसर एसोसिएशन
दोहे प्रकोपों के हर प्रकम्पन ! March 2, 2020 / March 2, 2020 by गोपाल बघेल 'मधु' | Leave a Comment प्रकोपों के हर प्रकम्पन, रहा वह प्रहरी सजग; प्रहर हर प्रश्वास दुर्लभ, दिया था वो चित चमन! चुभाया जब शूल कोई, निकाला वे ही किए; जान ना पाए कभी हम, क्यों थे वे ऐसा किए ! उनके तीरों से ही उनका, बध कराए वे रहे; साधना हमको बिठा कर, ध्यान तैराया किए ! हर तलैया […] Read more » प्रकोपों के हर प्रकम्पन