गजल क्यों माई मुझे अब बुलाती नही है…. June 28, 2019 / June 28, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment क्यों माई मुझे अब बुलाती नही है क्या तुझको मेरी याद आती नही है बड़ी बेरहम है शहर की ये दुनिया जो भटके तो रस्ता दिखाती नही है हैं ऊँची दीवारें और छोटे से कमरे चिड़िया भी आकर जगाती नही है कई रोज से पीला सूरज ना देखा चाँदनी भी अब मुझको भाती नही है […] Read more » gazal
लेख आपातकाल : स्वतन्त्र भारत का काला इतिहास June 28, 2019 / June 28, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment जो देश अपने इतिहास को भूल जाता है, उसका भूगोल भी बदल जाता है। हमारे देश का भूगोल बार-बार इसलिए बदला कि हम अपने इतिहास से कोई सबक नहीं ले पाए, बल्कि उसे भूल भी गए। कांग्रेसियों और वामपन्थियों ने हमारी पाठ्य पुस्तकों और इतिहास में सप्रयास इतनी झूठी बातें लिखीं और फैलाई कि नई […] Read more » black day Emergency of india
कविता ये है वर्तमान परिवेश June 27, 2019 / June 27, 2019 by अजय एहसास | Leave a Comment ये है वर्तमान परिवेश, ये है वर्तमान परिवेश।। दम तोड़ती है इन्सानियत,इन्सान बचा है शेष कोई है अधकचरा शिक्षक, नेतागीरी करता गपशप छोटी सी भी गलती पाकर, शिक्षक पीटे थपथप थपथप बच्चा जो स्कूल को जाये, देता है शिक्षक को गाली जब घरवाले ये सुनते है, देते शाबासी और ताली साहब डंडा अपना ठोके,हेलमेट कहां […] Read more » current Environment
कविता आज के दफ्तरों पर एक कुण्डली June 27, 2019 / June 27, 2019 by आर के रस्तोगी | 1 Comment on आज के दफ्तरों पर एक कुण्डली अफसर करे न अफसरी,बाबू करे न काम | चपरासी भी सो रहा,लेकर कुर्सी है थाम ||लेकर कुर्सी है थाम,अब कैसे काम चलेगा |रिश्वत देने वाला आये,पूरा ऑफिस दौड़ेगा ||कह रस्तोगी कविराय,कैसे सुंदर अवसर |ऊपर से नीचे तक भ्रष्ट है सब अफसर || आर के रस्तोगी मो 9971006425 Read more » horoscope in office
कविता झूठ बोलते बोलते,सच को झुठलाते गये June 27, 2019 / June 27, 2019 by आर के रस्तोगी | 2 Comments on झूठ बोलते बोलते,सच को झुठलाते गये झूठ बोलते बोलते,सच को झुठलाते गये |क्योकि लोगो की जवां पर ताले पड गये || थक गये राहो में,चलना है मुश्किल |क्योकि उनके पाँवो में छाले पड़ गये || कर लेते हम प्यार,करना है मुश्किल |क्योकि लोगो के दिल काले पड गये || दूभर है जिन्दगी,काटना है मुश्किल |क्योकि शुद्ध हवा के लाले पड गये […] Read more » lying Speaking truth
गजल हिंदी गजल June 27, 2019 / June 27, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment बिगड़ी हुई आदतें पलती गईं, अहबाब को सुधारने का शुक्रिया। कोना कोना करकट बिखरा हुआ, अँगनाई को झाड़ने का शुक्रिया। नियाइश की आज तो उम्मीद थी, फिर बेवजह धुंगारने का शुक्रिया। बड़े ही अरमान से पाला उन्हें, अब बैल सा हुंकारने का शुक्रिया। अविनाश ब्यौहार, रायल एस्टेट, कटंगी रोड जबलपुर। Read more » hindi hindi gazal
कविता बारिश हो इतनी,कि सब नफरते धुल जाये June 27, 2019 / June 27, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment बारिश हो इतनी,कि सब नफरते धुल जाये |आपस के हमारे सब गिले-शिकवे धुल जाये || इन्सानियत तरस गयी है,अब मोहब्बत के शैलाब को |मन-मुटाव को छोड़ कर एक दूजे के गले मिल जाये || फट गये है जो दिल,आपस के मन मुटाव से |सिलाई कभी न उधडे,ऐसे वे अब सिल जाये || अमन चैन हो […] Read more » poem poetry
लेख आज तक भटकती ये जाति June 25, 2019 / June 25, 2019 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप हिंदुस्तान की एक बड़ी आबादी के बीच एक तबक़ा ऐसा भी है, जिसे आज़ादी के अरसे बाद भी मुजरिमों की तरह पुलिस थानों में हाज़िरी लगानी पड़ती थी. आ़खिरकार 31 अगस्त, 1952 को उसे इससे निजात तो मिल गई, लेकिन उसे कोई खास तवज्जो नहीं दी गई. नतीजतन, उसकी हालत बद से बदतर […] Read more » India
राजनीति लेख अखिलेश को आज याद आ रही होगी मुलायम की नसीहत June 25, 2019 / June 25, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सियासी रिश्ते कितने महीन होते है इसका नजारा आजकल यूपी की वीथिकाओं में खूब हो रहा है।करीब 40 दिन पहले की वो तस्वीर याद कीजिये जब मुलायम सिंह की बहू औऱ अखिलेश यादव की पत्नी डिंम्पल ने सभी जातीय व्यवस्थाओं को दरकिनार कर मायावती के सार्वजनिक रूप से पैर छुए थे।मैनपुरी में मायावती के भतीजे […] Read more » Akhilesh yadav Mulayam Yadav
लेख कांग्रेस पार्टी को सही दिशाओं की तलाश June 25, 2019 / June 25, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment ः ललित गर्गःकांग्रेस पार्टी तरह-तरह के अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है। इसकी जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की है। हालांकि पार्टी के निष्ठावान नेता उत्तराधिकारी के मसले पर बात करने को तैयार नहीं हैं। पार्टी को अब फिर से मूल्यों पर लौटकर अपने आप को एक नए दौर […] Read more » Congress Party politics
कविता नेति नेति के लोक में? June 25, 2019 / June 25, 2019 by डॉ. मधुसूदन | 8 Comments on नेति नेति के लोक में? डॉ. मधुसूदन नेति=न+ इति। अर्थात ऐसा नहीं, ऐसा नहीं। नेति नेति का लोक=लोक जो इंद्रियों से परे हैं। ======= (१) इस लोक , दिनों के नाम नहीं होते। सारे बिना नाम के, रविवार होते हैं। मंगल, सोम से पहले आ सकता है। सूरज बस, ऊगता, डूबता रहता है। ऊजाला, और अंधेरा आने जाने से ; […] Read more » poem
लेख उन्हें अलविदा नहीं कहा जा सकता June 25, 2019 / June 25, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:- विश्व प्रसिद्ध भारत माता मंदिर के संस्थापक, भारतीय अध्यात्म क्षितिज के उज्ज्वल नक्षत्र, निवृत्त शंकराचार्य, पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि मंगलवार सुबह हरिद्वार में उनके निवास स्थान राघव कुटीर में ब्रह्मलीन हो गए। वे पिछले 15 दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे, उनके देवलोकगमन से भारत के आध्यात्मिक जगत में गहरी रिक्तता […] Read more » nityanand giri