व्यंग्य क्लीन चिट December 20, 2018 / December 20, 2018 by अभिलेख यादव | Leave a Comment दिलीप कुमार अजीब गोरखधंधा है साहब इन विज्ञापनों ने तो बड़ा कन्फ्यूज़ कर दिया ,कमबख्त कहते हैं कि दाग धोने वाले पाउडर ही कहता है कि दाग अच्छे हैं,उधर जीवन के हर क्षेत्र में क्लीन चिट की डिमांड बढ़ रही है ।जिसे देखो क्लीन चिट लिये खड़ा है ,जितने क्लीन चिट की ज़रूरत है उतने […] Read more »
गजल शीर्षक: आँखों में सँभालता हूँ पानी December 19, 2018 / December 19, 2018 by अभिलेख यादव | Leave a Comment डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ आँखों में सँभालता हूँ पानी आया है प्यार शायद ख़ुशबू कैसी, झोंका हवा का घर में बार बार शायद रात सी ये ज़िंदगी और ख़्वाब हम यूँ बिसार गए बार बार नींद से जागे टूट गया है ए’तिबार शायद सिमटके सोते हैं अपने लिखे ख़तों की सेज बनाकर माज़ी की यादों से करते हैं ख़ुद को ख़बरदार शायद कुछ रोज़ की महफ़िल फिर ख़ुद से ही दूर हो गए लम्बी गईं तन्हाई की शामें दिल में है ग़ुबार शायद हमारा दिल है कि आईना देख के ख़ुश हुआ जाता है सोचता है वो आये तो ज़िंदगी में आये बहार शायद उठाए फिरते हैं दुआओं का बोझ और कुछ भी नहीं वक़्त में अब अटक गए हैं हौसले के आसार शायद सारी उम्र इन्तिज़ार करें तो कैसे बस इक आहट की अरमाँ तोड़ने का ‘राहत’ करता है कोई व्यापार शायद Read more »
व्यंग्य पहले वाले की दूसरी शादी December 18, 2018 / December 18, 2018 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment प्रियंका चोपड़ा का दूसरा विवाह भी मीडिया में कवरेज नहीं पा रहा है उनकी पीआर एजेंसी इस बात से बहुत दुखी है ,प्रियंका और निक जोन्स दोनों के मैनेजर बहुत परेशन हैं कि विवाह नाम के इस जॉइंट वेंचर को इतना फीका रिस्पांस क्यों मिल रहा है जबकि भारत में अमरीका के जॉइंट वेंचर से […] Read more » Deepika Ranveer marraige nick jonas marriage Priyanka Nick marriage पहले वाले की दूसरी शादी
व्यंग्य पहले वाले की दूसरी शादी December 15, 2018 / December 15, 2018 by अभिलेख यादव | 1 Comment on पहले वाले की दूसरी शादी पहले वाले की दूसरी शादी प्रियंका चोपड़ा का दूसरा विवाह भी मीडिया में कवरेज नहीं पा रहा है उनकी पीआर एजेंसी इस बात से बहुत दुखी है ,प्रियंका और निक जोनस दोनों के मैनेजर बहुत परेशन हैं कि विवाह नाम के इस जॉइंट वेंचर को इतना फीका रिस्पांस क्यों मिल रहा है जबकि भारत में […] Read more » Amitabh Bacchan अक्षय कुमार पहले वाले की दूसरी शादी शाहिद कपूर
गजल मचलती तमन्नाओं ने December 14, 2018 / December 14, 2018 by अभिलेख यादव | Leave a Comment डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ मचलती तमन्नाओं ने आज़माया भी होगा बदलती रुत में ये अक्स शरमाया भी होगा पलट के मिलेंगे अब भी रूठ जाने के बाद लड़ते रहे पर प्यार कहीं छुपाया भी होगा अंजाम-ए-वफ़ा हसीं हो यही दुआ माँगी थी इन जज़्बातों ने एहसास जगाया भी होगा सोचना बेकार जाता रहा बेवजह के शोर में तुम […] Read more » मचलती तमन्नाओं ने
व्यंग्य ओल्ड इज आलवेज गोल्ड December 11, 2018 / December 11, 2018 by अभिलेख यादव | Leave a Comment दिलीप कुमार सिंह किम जोंग द्वारा अमेरिका से सुलह कर लेने के बाद भारत टीवी चैनल के कर्ता-धर्ता बहुत परेशान थे कि अब कौन सा देश उनसे युध्दनीति की सूचनाएं साझा करेगा और वो अपनी दुनिया को बचाने की योजनाओं पर काम कैसे करेंगे लेकिन भला हो हिंदी फिल्म की तारिकाओं का ,जिन्होंने टीवी चैंनलों […] Read more » अर्थशास्त्र ओल्ड इज आलवेज गोल्ड लेखकवा सुष्मिता
कविता आज का आदमी December 10, 2018 / December 10, 2018 by आर के रस्तोगी | 1 Comment on आज का आदमी आज का आदमी,आदमी कहाँ रह गया है वह तो आज की,चकाचोंध में बह गया हैअगर आज, आदमी,आदमी होता तो वह आज की चकाचोंध में न बहता आज के आदमी में,आदमियत निकल चुकी है वह तो आज स्वार्थ के हाथो बिक चुकी है अगर आज आदमी में स्वार्थ न होता तो वह आज आदमियत से बंधा होता आज आदमी,आदमी से […] Read more » आज का आदमी इर्ष्या घर्णा स्वार्थ
साहित्य बनारसी गुरु और बांसुरी : जिनका सिर्फ इतना परिचय ही काफी है December 10, 2018 / December 10, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप अगर कोई आपसे कहे कि रन-मशीन को एक शब्द में परिभाषित करें तो आप तुरंत कहेंगे सचिन तेंडुलकर। ऐसे ही अगर कोई कहे सुरों की देवी तो आप कहेंगे लता मंगेशकर, कोई कहे सदी के महानायक तो आप कहेंगे अमिताभ बच्चन। किस्सागोई में आज एक ऐसे कलाकार की कहानी जिसे प्यार से बनारसी […] Read more » बनारसी गुरु और बांसुरी : जिनका सिर्फ इतना परिचय ही काफी है हरिप्रसाद चौरसिया
साहित्य अहम सवाल December 6, 2018 / December 6, 2018 by गंगानन्द झा | Leave a Comment गंगानन्द झा एक किताब मिली। The Vital Question. Why life is the way it is. लेखक हैं Nick Lane । (अहम सवाल, जिन्दगी जैसी है वैसी क्यों है। ) मैं जीव-विज्ञान का छात्र रहा हूँ।मैंने सीखा है कि प्रोटोप्लाज्म जीवन का भौतिक आधार है। मैंने सीखा कि पदार्थ के एक विशेष स्वरूप एवम् स्तर तक […] Read more » अहम सवाल
साहित्य राम-जन्मभूमि मन्दिर अयोध्या की प्राचीनता December 6, 2018 / December 8, 2018 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment बिपिन किशोर सिंहा प्रो. दीनबन्धु पाण्डेय अद्भुत प्रतिभा धनी के इतिहासकार हैं। वे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला इतिहास एवं पर्यटन प्रबन्धन विभाग के अध्यक्ष रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उनके शोध और कार्यक्षेत्र का और विस्तृत विकास हुआ। उनकी सबसे बड़ी विशेषता है कि बिना पुष्ट प्रमाण के वे एक वाक्य भी नहीं लिखते […] Read more » राम-जन्मभूमि मन्दिर अयोध्या की प्राचीनता
कविता राम लला का मंदिर December 6, 2018 / December 6, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मन ही मन सब मांग रहे है राम लला के मंदिर को कोई भी पहल न कर रहा है अयोध्या में इस मंदिर को मोदी जी भी मौन हुए है जो मन की बात करते है वोटो के चक्कर में नेता कुछ मजहबियो से डरते है कब तक राम लला रहेगे बांसों के बने इस […] Read more » मोदी जी राम लला का मंदिर
कविता जब तक पूर्ण नहीं हो पाते ! November 30, 2018 / November 30, 2018 by गोपाल बघेल 'मधु' | 1 Comment on जब तक पूर्ण नहीं हो पाते ! (मधुगीति १८११२८ ब) जब तक पूर्ण नहीं हो पाते, सृष्टि समझ कहाँ हम पाते; अपना बोध मात्र छितराते, उनका भाव कहाँ लख पाते ! हर कण सुन्दरता ना लखते, उनके गुण पर ग़ौर न करते; संग आनन्द लिए ना नचते, उनको उनका कहाँ समझते ! हैं गण शिव के गौण लखाते, शून्य हिये बिन ब्रह्म […] Read more » जब तक पूर्ण नहीं हो पाते ! दोष द्रष्टि शिव