व्यंग्य आगे-आगे देखिये होता है क्या … January 8, 2014 / January 8, 2014 by विजय कुमार | Leave a Comment व्यंग्य बाण : पिछले दिनों सम्पन्न हुए चुनावों के परिणाम आने के बाद शर्मा जी काफी दिन उदास रहे। इस दौरान वे कुछ-कुछ आध्यात्मिक भी हो गये और नियमित रूप से पड़ोस के मंदिर में हो रही भागवत कथा में जाने लगे। एक दिन वक्ता ने सुख और दुख की व्याख्या करते हुए कहा […] Read more » आगे-आगे देखिये होता है क्या ... AAP
कविता टॉप स्टोरी शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो December 31, 2013 / December 31, 2013 by हिमकर श्याम | Leave a Comment हिमकर श्याम व्यथित मन में मधु रस घोलो शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो झोली में ले कर ख्वाब नया देखो आया है साल नया अरमानों की गठरी खोलो शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो जो बीत गया सो बीत गया वह दुःख का गागर रीत गया उम्मीदों का दर फिर खोलो शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो […] Read more » शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो
कविता पहचान कहाँ खो गए December 31, 2013 by मिलन सिन्हा | Leave a Comment मिलन सिन्हा जिन्हें ढूंढ़ रही थी आँखें वो कहाँ चले गए जिन्हें देख रही थी आँखें वो पहचान कहाँ खो गए जिन रास्तों पर चलने की सीख गुरुजनों के दी थी वे रास्ते क्यों अब सुनसान पड़ गए जिन पर चलने से किया था मना वे रास्ते क्यों अब भीड़ से पट गए परवरिश में […] Read more » पहचान कहाँ खो गए
कविता कब आओगे गुरु गोविंद सिंह?? December 31, 2013 / December 31, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment विमलेश बंसल आओ हम सब याद करें, गुरु गोविंद के बलिदान को। जिसने हिंदू धर्म की खातिर, किया न्योछावर प्राण को॥ वंदे मातरम् 1.माता गुजरी, पिता गुरु, तेगबहादुर के घर में। जन्म हुआ सोलह सौ छ्यासठ, खेले पटना शहर में। नौ वर्ष में गुरु की गद्दी, मिल गई वीर जवान को॥ जिसने हिंदू धर्म…… वंदे […] Read more » कब आओगे गुरु गोविंद सिंह??
आलोचना शोक संवेदना या बधाई संदेश December 30, 2013 / December 30, 2013 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment “अम्माजी के बारे में सुनकर बहुत दु:ख हुआ|शहर के बाहर था इसलिये आ नहीं पाया|”मैं श्याम भाई के निवास पर उनकी माताजी की मृत्यु पर शोक संवेदना प्रकट करने पहुंचा था| “किंतु उन्हें बहुत कष्ट था,आठ माह से पलंग पर पड़ी थीं”उन्होंने जबाब दिया| […] Read more » शोक संवेदना या बधाई संदेश
कविता हो गया है विहान री December 28, 2013 / December 28, 2013 by बीनू भटनागर | 6 Comments on हो गया है विहान री 1. हो गया है विहान री सखि,हो गया है अब विहान री, तू नींद छोड़ कर जाग री। पंछियों का कलरव गूंज रहा, सूरज देहरी को पूज रहा। तू अब तक सोई है री सखि, आंखों में लिये ख़ुमार री। चल उठ पनघट तक जाना है, दो चार घड़े जल लाना है, मै छाछ कलेवा बनालूं […] Read more » poem कविता हो गया है विहान री
कविता महर्षि दयानंद की अमर कहानी December 28, 2013 / December 28, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -विमलेश बंसल ‘आर्या’- मो- 8130586002 Vimleshbansalarya69@gmail.com हम सब मिल शीश झुकायेंगे, गुरु देव दयानंद दानी को। उस वैदिक वीर पुरोधा की, गायेंगे अमर कहानी को॥ 1.अट्ठारह सौ इक्यासी की, फ़ाल्गुन कृष्णा दशमी तिथि को, गुजरात प्रांत टंकारा में, था जन्म लिया मूलक मिति को। शंकर से शंकर […] Read more » Maharshi Dayanand महर्षि दयानंद की अमर कहानी
लेख माओवाद पर एक आधी-अधूरी पड़ताल December 28, 2013 / December 28, 2013 by संजय पराते | 1 Comment on माओवाद पर एक आधी-अधूरी पड़ताल -संजय पराते- छत्तीसगढ़ के मीडिया जगत में शुभ्रांशु चौधरी एक जाना-पहचाना नाम है। खासतौर से आदिवासी क्षेत्रों और दण्डकारण्य (बस्तर) से संबंधित रिपोर्टिंग के लिए। एक निर्भीक पत्रकार के रुप में उन्होंने यहां के अंदरूनी इलाकों के कई दौरे किये हैं, माओवादी नेताओं और ग्रामीण आदिवासियों से बातचीत की है और यह सब करते हुए […] Read more » incomplete investigation on Mao माओवाद पर एक आधी-अधूरी पड़ताल
साहित्य ‘इतिहास- मिशनरियों के गुप्त पत्रों का’ December 27, 2013 / December 27, 2013 by डॉ. मधुसूदन | 14 Comments on ‘इतिहास- मिशनरियों के गुप्त पत्रों का’ -डॉ. मधुसूदन- ॐ– मिशनरियों को मतांतरण में दारूण निराशा क्यों हाथ लगी? ॐ– क्योंकि जाति-संस्था ने एक गढ़ की भांति मतान्तरण रोक रखा था। ॐ– इसीलिए, जाति रूपी गढ तोड़कर इसाई मिशनरी हमारा मतान्तरण करना चाह्ते थे। ॐ– इसलिए हमें भ्रमित कर जाति समाप्त करना उद्देश्य था, ताकि कन्वर्ज़न का धंधा सरल हो। ॐ — […] Read more » 'इतिहास- मिशनरियों के गुप्त पत्रों का' secret letters of missionaries
व्यंग्य मैरी क्रिसमस … मेक मोर बेबीज़ December 26, 2013 by एल. आर गान्धी | Leave a Comment एल आर गांधी बहुत जल्द भारत चीन को जनसँख्या में पछाड़ देगा .... क्रिसमस पर अबकि बार मैरी किसमस नहीं 'मेक मैनी बेबीज़ ' की प्रेयर की जायगी . केरल चर्च ने इसकी शुरुआत कर दी है .कैथोलिक चर्च ने यह कदम ईसाई समुदाय को मुसलमानो के संख्या बल से बढ़ते खतरे को ध्यान में […] Read more » मेक मोर बेबीज़ मैरी क्रिसमस मैरी क्रिसमस. मेक मोर बेबीज़
साहित्य मोहम्मद गोरी को हराने वाली रानी नायका और राजा भीमदेव December 24, 2013 / December 24, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 5 Comments on मोहम्मद गोरी को हराने वाली रानी नायका और राजा भीमदेव राकेश कुमार आर्य शाहिद रहीम अपनी पुस्तक ‘संस्कृति और संक्रमण’ के पृष्ठ 243 पर लिखते हैं- ‘1026 ई. से 1174 ई. तक की डेढ़ शताब्दी में कोई आक्रमण (भारत पर) नहीं हुआ। लेकिन संक्रमण के राजनीतिक प्रभाव से स्थिति इतनी दुरूह हो गयी कि संपूर्ण भौगोलिक क्षमता को आधार बनाकर कोई केन्द्रीय सत्ता स्थापित न हो […] Read more » Rani Naika and Raja Bhimdeo defeated Mohammad Gori मोहम्मद गोरी को हराने वाली रानी नायका और राजा भीमदेव शाहिद रहीम की पुस्तक
गजल अब किसी बात का भी अंदाज़ नहीं होता December 22, 2013 by सत्येन्द्र गुप्ता | Leave a Comment अब किसी बात का भी अंदाज़ नहीं होता हर वक़्त एक सा तो मिज़ाज नहीं होता। हैरान होता है दरिया यह देख कर बहुत क्यूँ आसमां ज़मीं से नाराज़ नहीं होता। खिड़की खोल दी,उन की तरफ़ की मैंने अब परदे वालों का लिहाज़ नहीं होता। गुज़रा हुआ हादसा फिर से याद आ गया अब काँटा […] Read more » अब किसी बात का भी अंदाज़ नहीं होता