खान-पान खेत-खलिहान रेत पर अमरूद की खेती कर कृषि को नया आयाम देते किसान May 23, 2022 / May 23, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment फूलदेव पटेलमुजफ्फरपुर, बिहार खेती किसानी अर्थव्यवस्था का मेरुदंड है. प्रत्येक देश का विकास कृषि उत्पादन पर निर्भर है. महामारी के दौरान खेती किसानी ही भारत की बड़ी आबादी के लिए ईंधन का काम किया है. अच्छे मौसम की वजह से रबी और खरीफ फसलों का उत्पादन भी बेहतर हुआ है. यह जरूर है कि सब्जियों […] Read more » cultivating guava on sand Farmers giving new dimension to agriculture by cultivating guava on sand रेत पर अमरूद की खेती
खान-पान खेत-खलिहान पशुपालन की स्वरोजगार में महत्वपूर्ण भूमिका February 23, 2022 / February 23, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment हाल ही में हरियाणा के कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने किसानों और खासकर पशुपालकों के लिए विश्वभर की पहली पशु किसान क्रेडिट योजना को शुरू किया है। 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के मकसद से किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुधन क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई है। इस योजना में किसानों […] Read more » Important role of animal husbandry in self-employment
खान-पान खेत-खलिहान समाज युवा किसान सीख रहे हैं रसायन मुक्त खेती February 17, 2022 / February 17, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment रूबी सरकार भोपाल, मप्र भोपाल से 40 और सीहोर मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर अबीदाबाद पंचायत के रहने वाले धन सिंह वर्मा कुछ माह पहले तक अपने खेत से सिर्फ एक फसल ले पाते थे, क्योंकि उन्हें खेती की सही तकनीक नहीं मालूम थी. कभी-कभी तो वह डीएपी खाद नहीं मिल पाने के कारण यहां-वहां […] Read more » Organic Farming Young farmers are learning chemical free farming रसायन मुक्त खेती
खान-पान खेत-खलिहान लेख सार्थक पहल धान के परंपरागत बीजों से महिलाएं बनी आत्मनिर्भर March 12, 2021 / March 12, 2021 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम अचानकपुर की महिलाओं के पास धान की 45 दुर्लभ किस्में मौजूद हैं। एक दशक से स्वयं-सहायता समूहों के माध्यम से कृषि कार्य कर रहीं ये महिलाएं धान की साधारण फसल की बजाय धान के बीज तैयार कर देश के अनेक प्रांतों में भेज रही हैं। इनके पास […] Read more » Women become self-sufficient with traditional paddy seeds धान के परंपरागत बीज महिलाएं बनी आत्मनिर्भर
खान-पान तामसिक भोजन व मांसाहार करने वाला मनुष्य ईश्वर को प्राप्त नहीं कर सकता May 17, 2020 / May 17, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम और हमारा यह संसार परमात्मा के बनाये हुए हैं। संसार में जितने भी प्राणी हैं वह सब भी परमेश्वर ने ही बनाये हैं। परमेश्वर ने सब प्राणियों को उनके पूर्वजन्मों के कर्मों का सुख व दुःख रूपी फल भोगने के लिये बनाया है। परमात्मा ने मनुष्यों के शरीर की जो […] Read more » ईश्वर को प्राप्त नहीं कर सकता तामसिक भोजन व मांसाहार
खान-पान स्वास्थ्य-योग मांसाहार बढ़ा रहा है कार्बन उत्सर्जन January 24, 2020 / January 24, 2020 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on मांसाहार बढ़ा रहा है कार्बन उत्सर्जन -प्रमोद भार्गव खानपान पर ऑक्सफोर्ड और मिनेसोटा विश्वविद्यालयों के संयुक्त अध्ययन के निष्कर्षों ने सारी दुनिया को चौंका दिया है। इसमें कहा गया है कि शाकाहारी भोजन के मुकाबले रेड मीट पर्यावरण के लिए 35 गुना अधिक घातक है। यदि लोग मांस खाना छोड़ दें तो दुनिया में खाद्य पदार्थों के कारण होने वाले कार्बन उत्सर्जन […] Read more » मांसाहार मांसाहार कार्बन उत्सर्जन मांसाहार बढ़ा रहा है कार्बन उत्सर्जन
खान-पान विश्ववार्ता स्वास्थ्य-योग मांसाहारी बनाकर कुपोषण दूर करने की कोशिश January 3, 2020 / January 3, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गवसंयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 19.5 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार हैं। दुनिया के कुपोषितों में यह अनुपात करीब 25 प्रतिशत है। यदि बच्चों के स्तर पर बात करें तो देश के 10 बच्चों में से चार कुपोषित हैं। यह स्थिति उस कृषि-प्रधान देश की है, जो खाद्यान्न उत्पादन के […] Read more » Trying to eradicate malnutrition Trying to eradicate malnutrition by making it a non-vegetarian मांसाहारी बनाकर कुपोषण दूर
खान-पान बिहार के सार्वजनिक भोजन बनाम “भोज” June 19, 2019 / June 19, 2019 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप किसी विशेष अवसर पर सामूहिक भोजन की परंपरा वैसे तो भारत के अनेकों हिस्सों में प्रचलित है पर अपने अनूठेपन और वृहत स्थर पर पालन होने के कारण मिथिला में भोज की परंपरा वाकई अनोखी है। यहाँ भोज को एक मायने में समाज में आपके बढ़ते रुतबे के परिपेक्ष्य में भी देखा जाता […] Read more » bihar Food Party
खान-पान समाज पूर्वोत्तर भारत के आदिवासी समुदाय का खान – पान August 15, 2017 / September 22, 2017 by वीरेन्द्र परमार | Leave a Comment वीरेन्द्र परमार भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र बांग्लादेश, भूटान, चीन, म्यांमार और तिब्बत – पाँच देशों की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अवस्थित है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम – इन आठ राज्यों से बना समूह पूर्वोत्तर कहलाता है। यह क्षेत्र भौगोलिक, पौराणिक, ऐतिहासिक एवं सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है । संस्कृति, […] Read more » north eastern adiwasi the fooding habit of north eastern adiwasi आदिवासी समुदाय का खान – पान
खान-पान विविधा सडक़ों पर बिकता ‘ज़हर’:शासन-प्रशासन मौन? June 8, 2017 by निर्मल रानी | Leave a Comment खबरों के मुताबिक चीन से ही आयातित कोई विशेष रासायनिक पाऊडर ऐसा है जिसकी एक छोटी सी पुडिय़ा जिसका वज़न मात्र दस ग्राम ही होता है, उसे किसी भी कच्चे फल की टोकरी मेें रखकर टोकरी को ठीक से ढक दिया जाता है। इसके बाद उस रासायनिक पाऊडर की पुडिय़ा से निकलने वाली तेज़ ज़हरीली गैस चार-पांच घंटों में उस टोकरी में रखे फलों के छिलके का रंग पके हुए फलों के छिलके जैसा बना देती है। और यह पका हुआ रंग ग्राहक को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसी प्रकार एक और रसायन द्रव्य के रूप में बाज़ार में उपलब्ध है। Read more » ज़हरीली सबिज़यों व रासायन द्वारा पकाए गए फलों की आवक रासायनिक प्रक्रिया में फल
खान-पान समाज जंकफूड से बीमार हो रहा है समाज February 2, 2017 / February 2, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोग खानपान की विकृति की वजह से बीमार हो रहे हैं। खानपान की इस विकृति का नाम है जंकफूड और इससे पैदा हुई महामारी का नाम मोटापा है। स्थिति तब और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है, जब हमें पता चलता है कि इनमें चैथाई तो बच्चे हैं। […] Read more » Featured जंकफूड जंकफूड से बीमार बीमार हो रहा है समाज समाज
खान-पान समाज ‘मांसाहार से नाना दुखों, रोग व अल्पायु की प्राप्ती December 13, 2016 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on ‘मांसाहार से नाना दुखों, रोग व अल्पायु की प्राप्ती मांसाहार छोड़िये और शाकाहार अपनाईये क्योंकि शाकाहारी भोजन ही सर्वोत्कृष्ट भोजन है। यह बल, आयु और सुखों का वर्धक है। इससे परजन्म में उन्नति होने से इस जन्म से भी अच्छा मनुष्य जीवन मिलने की सम्भावना है। मनुष्य शाकाहारी प्राणी है, इसका एक प्राण भी दे देते हैं। सभी शाकाहारी पशु मांसाहारियों पशुओं की गन्ध व आहट से ही दूर भाग जाते हैं परन्तु वही पशु मनुष्य को देखकर उसके पास आते हैं। Read more » मांसाहार शाकाहार