राजनीति विधि-कानून दया याचिकाओं पर उठते सवाल December 10, 2019 / December 10, 2019 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव हैदराबाद की महिला पशु चिकित्सक के साथ दुष्कृत्य और फिर निर्मम हत्या को लेकर संसद से सड़क तक मचा कोहराम दुष्कर्मियों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराने के बाद उत्सव में बदल गया है। लोकसभा व राज्यसभा में जिन महिला सांसदों ने इस कांड के आरोपियों को सजा के लिए भीड़ के हवाले […] Read more » mercy petitions Questions arising on mercy petitions दया याचिकाओं पर उठते सवाल
राजनीति विधि-कानून इस्लामिक पीड़ितों को हां, घुसपैठियों को न December 10, 2019 / December 10, 2019 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment हमारे माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने अपनी विशेष कार्यशैली का एक बार पुनः परिचय कराया है। उन्होंने बड़ी कुशलता से लोकसभा में “नागरिकता संशोधन बिल” प्रस्तुत किया और उसी दिन (9.12.2019) उसे लंबी बहस के बाद पारित करवा दिया। उन्होंने अनेक स्पष्टीकरणों के साथ बड़ी निर्भीकता से निसंकोच यह भी स्पष्ट किया हैं कि […] Read more » no to intruders Yes to Islamic victims नागरिकता संशोधन बिल
राजनीति विधि-कानून संविधान में संजोए गए 22 चित्रों का क्या महत्व है हमारे लिये? November 26, 2019 / November 26, 2019 by डॉ अजय खेमरिया | Leave a Comment डॉ अजय खेमरिया 26 नबम्बर संविधान दिवस पर विशेष आज ही के दिन (26 नबम्बर1949) हम भारतीयों का संविधान बनकर तैयार हुआ था।आज 70 बर्ष बाद हमारा संविधान क्या अपनी उस मौलिक प्रतिबद्धता की ओर उन्मुख हो रहा है जिसे इसके रचनाकारों ने अपनी भारतीयता के प्रधानतत्व को आगे रखकर बनाया था।आज इस सवाल को सेक्यूलरिज्म […] Read more » #संविधान दिवस 26 नबम्बर Constitution day Constitution Day
विधि-कानून शख्सियत चुनौतियों से भरा होगा जस्टिस बोबड़े का कार्यकाल November 19, 2019 / November 19, 2019 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment योगेश कुमार गोयल जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े ने मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। वे भारत के 47वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। स्थापित परम्परा के अनुरूप न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने अपनी विदाई से कुछ दिनों पहले ही अपने उत्तराधिकारी के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जज न्यायमूर्ति बोबड़े की नियुक्ति […] Read more » Justice Sharad Arvind Bobde जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े न्यायमूर्ति बोबड़े
लेख विधि-कानून सूचना अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ,जबाबदेह तंत्र और असली चुनौती की दुरभिसंधि November 18, 2019 / November 18, 2019 by डॉ अजय खेमरिया | Leave a Comment अफसरशाही की शरणस्थली बनी सूचना अधिकार की सुविधाएं डॉ अजय खेमरियाभारत का सुप्रीम कोर्ट सूचना के अधिकार कानून के दायरे में आएगा।चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के ही सेक्रेटरी जनरल और लोक सूचना अधिकारी की तीन याचिकाओं को खारिज करते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है।उत्तरदायी […] Read more » Supreme Court असली चुनौती की दुरभिसंधि जबाबदेह तंत्र जबाबदेह तंत्र और असली चुनौती की दुरभिसंधि सुप्रीम कोर्ट सूचना अधिकार सूचना अधिकार की सुविधाएं सूचना अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
जन-जागरण विधि-कानून तुम्हे जान प्यारी है या पैसे प्यारे हैं ? September 13, 2019 / September 13, 2019 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए मोटर वाहन अधिनियम को लेकर देश में विचित्र विवाद चल पड़ा है। इस अधिनियम को लाने का श्रेय केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी को है। केंद्र में भाजपा की सरकार है लेकिन इसी पार्टी की कुछ प्रांतीय सरकारों ने इस अधिनियम को लागू करने से मना […] Read more » new motor vrhicle act नए मोटर वाहन अधिनियम
विधि-कानून कानूनों से ज्यादा जरूरी है लोगों का मन बदलना July 31, 2019 / July 31, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- उन्नाव और कठुआ रेप मामलों में देशव्यापी राजनीतिक एवं जन-असंतोष को भांपकर सरकार ने 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सजा के लिए अध्यादेश जारी कर दिया। प्रश्न है कि क्या मौत की सजा का प्रावधान करने मात्र से इन दुष्कर्माें एवं नारी अत्याचारों पर नियंत्रण […] Read more » Changing the mind of people important than laws mind of people is more
विधि-कानून यूपी में पुलिस से ज्यादा खतरनाक हैं उसके ‘लठैत’ June 27, 2019 / June 27, 2019 by संजय सक्सेना | Leave a Comment संजय सक्सेना,लखनऊ लखनऊ। अगर आप उत्तर प्रदेश में हैं या फिर किसी काम से आ रहे हैं तो यूपी पुलिस ही नहीं उसके ‘लठैतों’ से भी होशियार रहें, जो काम यहां की पुलिस वर्दी में नहीं कर पाती है,उसे वह अपने लठैतों के बल पर पूरा कर लेती है। आपको यह लठैत हर उस स्थान […] Read more » Lucknow Police
विधि-कानून क्या सचमुच न्याय अन्धा होता है ? June 14, 2019 / June 14, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment बिपिन किशोर शर्मा सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रन्जन गोगोई द्वारा पिछले वर्ष १०-११ अक्टुबर को अपने आवासीय कार्यालय में अपनी ही ३५ वर्षीया महिला जूनियर कोर्ट सहायक से कथित यौन उत्पीड़न का मामला चुनावी शोरगुल में दब गया था। लेकिन अब जब देश को एक स्थाई सरकार मिल चुकी है और चुनाव का माहौल […] Read more » blind justice law our law system
विधि-कानून विविधा भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोगोई द्वारा महिला का कथित यौन उत्पीड़न April 23, 2019 / April 23, 2019 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोगोई के विरुद्ध एक ३५ वर्षीय महिला जो सुप्रीम कोर्ट में जूनियर कोर्ट सहायिका रह चुकी है, ने स्वयं के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला ने शपथ पत्र के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय के सभी २२ जजों को अपनी शिकायत भेजी है। उसने आरोप लगाया है […] Read more » justice Gogoi sexual harassment by justice gogoi जस्टिस गोगोई
विधि-कानून शख्सियत समाज जस्टिस राजिंदर सच्चर: मानवाधिकार के न्यायवादी April 23, 2019 / April 23, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment जस्टिस सच्चर के प्रथम पुण्य तिथि पर याद करते हुए जस्टिस राजिंदर सच्चर अपनी पीढ़ी के एक निष्ठावान और किवदंती थे । उन्होंने न्यायविद के रूप में कमान संभाली लेकिन इन सबसे ऊपर, उन्हें एक बेहतरीन और अद्भुत इंसान के रूप में याद किया जाएगा । ऐसा आदमी जो हमेशा मानव अधिकारों की रक्षा की […] Read more » Justice Rajinder Sachar Justice Rajinder Sachar Human Rights Justice Rajinder Sachar Justice of Human Rights
विधि-कानून विविधा आखिर कब तक यूँ ही बंद होता रहेगा भारत ? April 3, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सुप्रीम कोर्ट द्वारा एस.सी.-एसटी एक्ट में बदलाब के विरोध मंे जनता का एक वर्ग आक्रोशित हो रहा है। दलितों के सवाल पर राजनीतिक दल रोटियाँ सेकनें में जुट गये हैं। वर्ग विशेष उग्र आंदोलन कर रहा है। उच्चतम न्यायालय ने अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम में नया दिशा-निर्देश जारी किया है। दलितों के उत्पीड़न […] Read more » bharat band changes in scst act Featured Supreme Court अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम में नया दिशा-निर्देश भारत सुप्रीम कोर्ट