Category: राजनीति

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यूपी : करोड़ों की ‘विकास रथयात्रा’ बनाम किसानों की शवयात्रा

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बस में एक लाउडस्पीकर भी फिट है जिसमें समाजवादी सरकार के विकास कार्यों का एक कैपेन सॉन्ग बजेगा। साथ ही इंटरनेट कनेक्टिविटी, वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी हैं। लेटेस्ट खबरों पर नजर रखने के लिए बस में बड़ी टीवी स्क्रीन लगी है। बस पर सीएम अखिलेश यादव का साइकिल चलाते हुए एक बड़ा फोटोग्राफ लगा हुआ है। बस के सामने की ओर साइकिल का फोटो है, जो कि समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह है। समाजवादी रथ के पीछे पार्टी सुप्रीमो और पिता मुलायम सिंह यादव की दो फोटो लगी हुई है।

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नेताओं की गद्दारी पुरानी आदत

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आतंकवादियों या देश के सुरक्षा के लिए खतरा बनते लोगों को ठोकना, देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के लिए खौफ पैदा करता है| सफेदपोशों के संरक्षण में पल रहे देश के गद्दारों को मार गिरना अब भी सेना के लिए पाक से बड़ी चुनौती है| फिर भी सेना के मनोबल के जरिये उनके साहस, पराक्रम या वीरता को जीवंत रखने की कोशिश करने के लिए प्रधानमंत्री जी को आभार... कश्मीर में खुलेआम ठोकने की छुट देने के लिए आभार... और भोपाल एनकाउंटर अगर फर्जी है तो शिवराज सरकार पर फक्र.

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भारत को असली ख़तरा आतंकवादियों से नहीं उनके मददगारों से है

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जेल में कैदियों की क्षमता से अधिक संख्या अव्यवस्था को जन्म देती है जिस कारण जेल के भीतर ही कैदियों का एक दूसरे से संघर्ष या फिर जेल के गार्डों पर हमला कर देने की घटनाएं होती रहती हैं। यह भी सत्य है कि कैदियों को जेल के भीतर ही मोबाइल, नशीले पदार्थ व अन्य "सुविधाएं" जेल अधिकारियों की सहायता के बिना उपलब्ध नहीं हो सकती। लेकिन ये कैदी आम नहीं थे क्योंकि यह सभी एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से ताल्लुक रखते थे और इनमें से तीन इससे पहले भी जेल से फरार हो चुके थे , इस सब के बावजूद इनका फिर जेल से भागने में सफल होना जेल प्रशासन की लापरवाही दर्शाता है

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समाजवादी पार्टी में भाई-भाई का विरासत संघर्ष

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मार्च सन् 2012 में मुख्यमंत्री बनने पर अखिलेश यादव शुरू में साधना गुप्ता को कतई घास नहीं डालते थे। इससे मुलायम नाराज़ हो गए और अखिलेश को झुकना पड़ा। इस तरह साधना गुप्ता ने मुलायम के ज़रिए मुख्यमंत्री पर शिकंजा कस दिया और अपने चहेते अफ़सरों को मन पसंद पोस्टिंग दिलाने लगीं। ‘द संडे गार्डियन’ ने सितंबर 2012 में साधना गुप्ता की सिफारिश पर मलाईदार पोस्टिंग पाने वाले अधिकारियों की पूरी फेहरिस्त छाप दी, तब साधना गुप्ता पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आईं।

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यादवी युद्ध में उत्तर प्रदेश

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मुलायम सिंह यादव उप्र के एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश का मन, मिजाज और तेवर पता हैं। वे हर विधानसभा क्षेत्र के चरित्र और उसके स्वभाव को जानते हैं। कल्याण सिंह भी लगभग ऐसी ही जानकारियों से लैस राजनेता हैं, किंतु वे राजस्थान के राजभवन में बिठा दिए गए हैं। ऐसे में मुलायम सिंह इस घटनाचक्र के अगर प्रायोजक न भी हों तो भी उनकी इच्छा के विरूद्ध यह हो रहा है, कहना कठिन है। मुलायम सिंह यादव ने जिस तरह अपने ‘बेचारे’ कहे जा रहे बेटे को यह कहकर ताकत दी है कि “शिवपाल को मंत्री बनाने का मामला अखिलेश पर छोड़ता हूं” उसके बहुत बड़े संदेश हैं।

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