Category: राजनीति

राजनीति व्यंग्य

आ आ पा के 50 % से अधिक विधायको ने अपने “विधायक-कोष” में से एक भी पैसा ख़र्च नहीं किया

| 3 Comments on आ आ पा के 50 3 से अधिक विधायको ने अपने “विधायक-कोष” में से एक भी पैसा ख़र्च नहीं किया

सोशल मीडिया पर चल रहे ताज़ा ट्रेंड की माने तो आप विधायको ने इसलिए भी अपने कोष से कोई प्रोजेक्ट शुरू नहीं करवाया क्योंकि मार्केट में सारे नोट्स पर "सोनम गुप्ता बेवफा है "लिखा है जबकि केजरीवाल जी चाहते थे किसी भी परियोजना की शुरुवात "मोदी बेवफा है" लिखे नोट्स से होनी चाहिए। सरकार बनने के बाद से आप विधायको पर अलग अलग अपराधों में इतने आरोप लगे है और इतने विधायक तिहाड़ जेल की हवा खा चुके है की, लगता है विधायक कोष का पैसा अपने विधानसभा क्षेत्र में खर्च करने के बजाय विधायको ने ये पैसे अपना केस लड़ने के लिए और वकील की फीस के लिए बचा रखे है।

Read more »

आर्थिकी राजनीति

नोटबंदी पर सहयोग, समर्थन और विपक्ष की राजनीति

| Leave a Comment

केजरीवाल दिल्ली विधानसभा का सदुपयोग करने की बजाय उसको केवल पीएम मोदी का विरोध करने का मंत्र बना लिया हैं । जिसमें सभी संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करके तर्कहीन तरीके से मोदी विरोध किया जाता है तथा उनको जी भरकर गालियां दी जाती हैं। आज केजरीवाल व उनके साथ खड़े हाने वाले सभी नेता जनता की निगाहों में गिर रहे है।अभी तक ममता बनर्जी के गृहराज्य बंगाल से भी किसी बड़ी अराजकता का समाचार नहीं प्राप्त हुआ है। यही कारण है कि वह बौखला गयी हैं।

Read more »

आर्थिकी राजनीति

नोटबंदी पर काली सियासत

| 1 Comment on नोटबंदी पर काली सियासत

प्रधानमंत्री ने दो टूक कह भी दिया है कि उनका अगला निशाना बेनामी संपत्ति होगा। यानी आने वाले दिनों में ऐसे लोगों पर भी गाज गिरनी तय है जो अपनी काली कमाई को रियल इस्टेट और गोल्ड में निवेश कर रखे हैं। यह भी संभव है कि सरकार काले धन से निपटने के लिए अगले फिस्कल ईयर के अंत तक गोल्ड इंपोटर्स पर रोक लगा दे। ऐसा इसलिए कि बड़े नोट बंद होने के बाद बड़े पैमाने पर सोना की खरीदारी की गयी। अच्छी बात है कि सरकार ने रात के अंधेरे में सोना बेचने और खरीदने वालों की जांच शुरु कर दी है।

Read more »

राजनीति

मोदी की आगरा रैली भाषण में शुरू से अंत तक गरीब और मध्यम वर्ग रहा

| Leave a Comment

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगरा परिवर्तन रैली ने बसपा प्रमुख मायावती की आगरा रैली में जुटी भीड़ के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर आये उससे घंटों पहले ही आगरा का कोठी मीना बाजार मैदान खचाखच भर चुका था। और लोगों का आने का सिलसिला आगरा की सड़कों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन तक रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तन रैली के लिए लोगों का उत्साह उनके चेहरे से दिख रहा था। लोग कई किलोमीटर से पैदल चलकर मोदी की झलक पाने के लिए पहुंचे और हजारों लोग तो आगरा शहर में जाम के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभा स्थल तक ही नहीं पहुँच पाए।

Read more »

राजनीति

सपा में ‘अखिलेश युग’ का आगाज

| Leave a Comment

ऐसा नहीं था कि इस दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुपचाप सब कुछ सहते रहे। उन्होंने ने भी खूब पलटवार किये। चचा शिवपाल यादव और उनके समर्थक कहलाये जाने वाले नेताओं को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। शिवपाल के समर्थन में खड़े नजर आ रहे अमर सिंह को अंकल की जगह दलाल की उपमा दे डाली। शिवपाल के समर्थन में खड़े अमर सिंह शातिराना तरीके से सब कुछ चुपचाप देखते रहे ,लेकिन जब अखिलेश को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा कर शिवपाल को अध्यक्ष बनाया गया तो इस खुशी में अमर सिंह ने दिल्ली में एक दावत दे दी।

Read more »

प्रवक्ता न्यूज़ मीडिया राजनीति विविधा

प्रवक्ता डॉट कॉम : मीडिया एवं राष्ट्रीय सुरक्षा पर 19 नवंबर 2016 को सेमीनार

/ | 2 Comments on प्रवक्ता डॉट कॉम : मीडिया एवं राष्ट्रीय सुरक्षा पर 19 नवंबर 2016 को सेमीनार

प्रवक्ता डॉट कॉम के सफलतम आठ साल पूरे होने पर नई दिल्ली के स्पीकर हॉल, कांस्टिट्यूशन क्लब में 19 नवंबर को एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। मीडिया एवं राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर होने वाली इस संगोष्ठी की अध्यक्षता आईआईएमसी के महानिदेशक श्री के.जी.सुरेश करेंगे ।

Read more »

राजनीति

अखाड़ा न बने संसद

| Leave a Comment

इसमें कोई दो राय नहीं कि सरकार ने कालाधन, भ्रश्टाचार एवं आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए हजार-पांच सौ के नोट बंद करके जो निर्णायक पहल की है, वह स्वागत योग्य है। लेकिन नेक फैसले पर अमल की जो तमाम मुश्किलें पैदा हो रही हैं, उनका प्रबंध नोटबंदी लागू करने से पहले कर लिया गया होता तो शायद न तो देश में इतनी छुट्टे व नए नोटों के लिए मारी-मारी हो रही होती और न ही विपक्ष को जनता से सीधा जुड़ा इतना बड़ा मुद्दा मिला होता। इसलिए इस मुद्दे पर हंगामा खड़ा होना कोई हैरानी की बात नहीं है। फिर हमारे सांसदों में बहुत बड़ी संख्या ऐसे सांसदों की है, जो खुद नोटबंदी से आफत अनुभव कर रहे होंगे ? यह नोटबंदी ठीक उस वक्त की गई है, जब उत्तरप्रदेश व पंजाब समेत पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। ऐसे में इस नोटबंदी ने संभावित प्रत्याशि और दल-प्रमुखों की नींद हराम कर दी है।

Read more »