राजनीति जम्मू कश्मीर में नया प्रयोग कई प्रश्नों के उत्तर दे सकता है March 1, 2015 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on जम्मू कश्मीर में नया प्रयोग कई प्रश्नों के उत्तर दे सकता है डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जम्मू कश्मीर में अन्ततः पीडीपी और भाजपा ने मिल कर सरकार बना ली । पिछले दो महीने से इस नये प्रयोग को लेकर दोनों दलों में आपस में विचार विमर्श चल रहा था । देश ही नहीं विदेशों की भी इस प्रयोग के शुरु हो पाने या न हो पाने की […] Read more » जम्मू कश्मीर में नया प्रयोग
राजनीति मोदी विरोध को भुनाने की कोशिश है अन्ना का आंदोलन February 27, 2015 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 2 Comments on मोदी विरोध को भुनाने की कोशिश है अन्ना का आंदोलन समाजसेवी और गांधीवादी अन्ना हज़ारे एक बार फिर मैदान में हैं। हालांकि इस बार उनके मुद्दे और प्राथमिकताएं बदल गई हैं। कभी जनलोकपाल को लेकर अभूतपूर्व आंदोलन खड़ा करने वाले अन्ना अब मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण कानून को किसान विरोधी और कॉर्पोरेट सेक्टर के अनुकूल बता रहे हैं। खैर हम यहां मोदी सरकार […] Read more » अन्ना का आंदोलन मोदी विरोध
राजनीति क्या अन्ना का किसान आन्दोलन प्रायोजित है ? February 24, 2015 / February 25, 2015 by कुमार सुशांत | 1 Comment on क्या अन्ना का किसान आन्दोलन प्रायोजित है ? अन्ना हजारे ने भूमि अधिग्रण अध्यादेश के खिलाफ देश के किसानों को ढाल बनाकर सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी फिर से शुरू कर दी है। तमाम मीडिया घराने अन्ना के आंदोलन को तवज्जो दे रहे हैं। लेकिन इस आंदोलन को अन्ना की मर्म भावना से जोड़कर अध्यादेश के इर्द-गिर्द कयास लगाने वाले इस बात को भी […] Read more » anna aandolan in Jantar Mantar Anna Hazare connection with Congress Anna Hazare on Land Aquisition Bill ia Anna Hazare a congress agent? Land Aquisition Bill अन्ना आन्दोलन प्रायोजित अन्ना के आंदोलन अन्ना जंतर-मंतर पर अन्ना हजारे कांग्रेस का अन्ना के साथ कनेक्शन पी वी राजगोपाल भूमि अधिग्रण अध्यादेश
राजनीति कांग्रेस का पराभव February 24, 2015 / February 24, 2015 by हर्ष सिंह | 2 Comments on कांग्रेस का पराभव हर्ष सिंह कांग्रेस की 1984 की महाविजय वस्तुतः इंदिरा गांधी के प्रति एक श्रद्धांजलि थी | इसका पार्टी की मजबूत नीतियो और कार्यक्रमों से कोई लेना देना नहीं था | लेकिन 1989 तक मतदाताओ का कांग्रेस से मोहभंग हो गया और उन्होने इसे बाहर का रास्ता दिखा दिया सरकार मे एकात्मकता की कमी , पार्टी […] Read more » कांग्रेस का पराभव
जरूर पढ़ें राजनीति राजसत्ता पर नैतिकता का अंकुश भा. (१) February 24, 2015 / February 24, 2015 by डॉ. मधुसूदन | 7 Comments on राजसत्ता पर नैतिकता का अंकुश भा. (१) डॉ. मधुसूदन (एक) विषय की आंशिक झाँकी ॐ ==> “जनपद के बाहर छोटी कुटी में रहकर यजन (यज्ञ -हवन )-क्रिया करने वाले ब्राह्मणों को अपने समय की राजनीति की इतनी अधिक चिन्ता रहती थी, जितनी कदाचित और किसी को न रहती होगी।” ॐ ==> “वह चाहे तब राज-सभा में पहुंचते,और, राजा को परामर्श देते, उसे […] Read more » राजसत्ता पर नैतिकता का अंकुश
राजनीति दिल्ली की पराजय से आगे भाजपा की प्रगति यात्रा February 21, 2015 / February 23, 2015 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले दिनों दिल्ली विधान सभा के लिये हुये चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की पराजय हुई है । विधान सभा की ७० सीटों में से पार्टी केवल तीन सीटें जीत पाई । शेष सभी सीटें आम आदमी पार्टी ने गटक लीं । सोनिया कांग्रेस को कोई भी सीट मिलने की आशा […] Read more » दिल्ली की पराजय भाजपा की प्रगति यात्रा
राजनीति विधि-कानून संसद में कश्मीर संकल्प के बाद विफल 21 वर्ष February 21, 2015 / February 21, 2015 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment भारतीय गणराज्य में जम्मू कश्मीर राज्य का एक भिन्न प्रकार का ही स्थान रहा है. संवैधानिक स्तर पर एक भिन्न प्रावधानों वाला राज्य और भारतीय जनमानस में एक असहजता भरा राज्य !! कश्मीर को असहजता से सहजता की ओर ले जानें के प्रयास बहुतेरे हुयें हैं, ये प्रयास कई अवसरों पर ईमानदार और कई […] Read more » संसद में कश्मीर संकल्प
राजनीति छवि पर असर पर शिवराज को खतरा नहीं February 19, 2015 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on छवि पर असर पर शिवराज को खतरा नहीं दिल्ली में आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत से भाजपा अभी मंथन के दौर से उबरी भी नहीं थी कि मध्य भारत में पार्टी का मजबूत गढ़ भ्रष्टाचार के आरोपों से दो-चार हो रहा है। नौबत यहां तक आ गई है कि महामहिम राज्यपाल तक से सरकार के भ्रष्टाचार में भागीदार बनने के कारण इस्तीफ़ा […] Read more » शिवराज को खतरा नहीं
राजनीति राजनीति के वर्तमान दौर में अरविंद केजरीवाल February 19, 2015 by निर्मल रानी | 1 Comment on राजनीति के वर्तमान दौर में अरविंद केजरीवाल राजनीति यदि पूरी जि़म्मेदारी,ईमानदारी,पारदर्शिता तथा जनकल्याण आदि के मक़सद को लेकर की जाए तो निश्चित रूप से यह कोई कम पुनीत पेशा नहीं है। परंतु हमारे देश की वर्तमान राजनीति तो गोया केवल सत्ता सुख भोगने का एक ज़रिया बन कर रह गई है। चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में प्रधानमंत्री चाणक्य से जब कोई व्यक्ति […] Read more » राजनीति के वर्तमान दौर में अरविंद केजरीवाल
राजनीति ‘आप‘ की जीतः February 19, 2015 / February 19, 2015 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on ‘आप‘ की जीतः मोदी के 249 दिन पर केजरीवाल के 49 दिन भारी\ –इक़बाल हिंदुस्तानी अमीर समर्थक व वादे पूरे ना करने से हारी बीजेपी! जुम्मा जुम्मा आठ दिन की नौसीखिया आम आदमी पार्टी भाजपा की मोदी सरकार की साम दाम दंड भेद की नीति अपनाने के बावजूद उसे हरा देगी यह तो लग ही […] Read more » ‘आप‘ की जीतः
राजनीति सूप बोले सो बोले ,किन्तु छलनी भी बोले ! February 18, 2015 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment दक्षिणपंथी पूंजीवादी संसदीय लोकतंत्र की राजनीति में महाचालू और मजे हुए नेता और राजनैतिक दल जब बम्फर जीत हासिल करते हैं तो वे जीत का श्रेय अपने ‘हीरो’ को देते हैं। इसके साथ -साथ जीत की इस वेला में आम जनता याने मतदाता तब उन्हें बहुत समझदार लगती है। किन्तु जब वे बुरी तरह हार जाते हैं […] Read more »
राजनीति अरविन्द बाबू दिल्ली का सिंहासन कोई फूलों की सेज नहीं काँटों भारा ताज है …. February 17, 2015 / February 17, 2015 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | 3 Comments on अरविन्द बाबू दिल्ली का सिंहासन कोई फूलों की सेज नहीं काँटों भारा ताज है …. केजरीवाल जी आपने जनता को काफी कुछ मुफ्त में देने और भ्रष्टाचारमुक्त शासन देने का वादा किया है | लोकपाल कानून तो आपके दायरे में ही नहीं है और इस कानून से भी जनता का कितना भला हो सकता है मैं नहीं जानता किन्तु यह अवश्य जानता हूँ कि राजस्थान में लोकायुक्त कानून 40 […] Read more »