राजनीति मोदी फक्टर…. August 24, 2012 / August 24, 2012 by कुलदीप सिंह "राघव" | 1 Comment on मोदी फक्टर…. कुलदीप सिंह राघव देश के विभिन राज्यों की जो आज दयनीय स्थिति है मुझे लगता है गुजरात उन सभी राज्यों के लिए रोल मॉडल हो सकता है। गुजरात का अति प्रभावशाली विकास देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड सहित लगभग सभी राज्यों में विकास की रफ्तार काफी धीमी है। […] Read more » Narendra Modi मोदी फक्टर....
राजनीति क्या बिना परखे पाक से हिंदू आने दिए जाए? August 23, 2012 / August 23, 2012 by तेजवानी गिरधर | 8 Comments on क्या बिना परखे पाक से हिंदू आने दिए जाए? तेजवानी गिरधर इन दिनों पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार और वहां से भाग कर भारत आने का मुद्दा गरमाया हुआ है। भारत आए हिंदुओं की दास्तां सुनें तो वाकई दिल दहल जाता है कि पाकिस्तान में किन हालात में हिंदू जी रहे हैं। ऐसे में दिल ओ दिमाग यही कहता है कि भारत में शरण […] Read more » pakistani hindus coming tp India
महत्वपूर्ण लेख राजनीति कोई धर्म राष्ट्रीय ध्रर्म से बडा नहीं August 23, 2012 / August 24, 2012 by अब्दुल रशीद | 1 Comment on कोई धर्म राष्ट्रीय ध्रर्म से बडा नहीं अब्दुल रशीद हम एक ऐसे सनसनीखेज़ दौर से गुज़र रहे हैं जहां बहुत मुमकिन है अफ़वाहों का तेज़ी से बढना। लेकिन यह भी सच है कि इस दौर मे ऐसे तमाम माध्यम उपलब्ध है जिससे अफ़वाहों की हक़ीकत को जाना जा सकता है वो भी चंद मिनटों में। तब कैसे कुछ लोग तबाही का जाल […] Read more » congress a national shame राष्ट्रीय ध्रर्म
राजनीति बेनी कितने गलत और कितने सही? August 22, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 2 Comments on बेनी कितने गलत और कितने सही? राकेश कुमार आर्य बेनी प्रसाद वर्मा इस समय हमारे केन्द्रीय इस्पात मंत्री हैं। उन्होंने कहा है कि वह बढ़ती हुई महंगाई से खुश हैं, क्योंकि इससे अंतत: किसान को लाभ होता है। उसके कृषि उत्पाद महंगे बिकते हैं और इस प्रकार किसान के घर में समृद्घि का वास होता है। बेनी की बानी पर विपक्षी […] Read more » Beni Prasad Verma
राजनीति कैसे बनेगी तीसरे राजनीतिक विकल्प की सम्भावना August 22, 2012 / August 22, 2012 by विनायक शर्मा | Leave a Comment प्रथम भाग हिमाचल में कैसे बनेगी तीसरे राजनीतिक विकल्प की सम्भावना देव भूमि हिमाचल प्रदेश की विधानसभा का कार्यकाल यूँ तो १३ जनवरी २०१३ को समाप्त होने जा रहा है व इसके साथ ही नई विधानसभा के लिए चुनाव भी निश्चित ही हैं. सूत्रों की मानें तो यह चुनाव इस वर्ष अक्टूबर या नवम्बर माह […] Read more » himachal politics तीसरे राजनीतिक विकल्प
राजनीति राज ठाकरे ने सामाजिक सर्जरी की है August 22, 2012 / August 22, 2012 by प्रवीण गुगनानी | 1 Comment on राज ठाकरे ने सामाजिक सर्जरी की है प्रवीण गुगनानी शिवाजी कथा को उत्तरभारतीयों सहित पूरे भारत को सगर्व सुनाएँ यही श्रेयस्कर होगा.. क्षेत्रवादी,विभाजनकारी संकीर्ण मानसिकता से उबरकर राष्ट्रवाद का गीत गाना होगा.. सफल राजनीति करना हो तो उत्तरभारतीयों को कोसना बंद करें राज.. ११ अगस्त को मुंबई में आजाद मैदान में जो तलवारों, लाठियों, हथियारों, हाकीयों का हिंसात्मक प्रदर्शन हुआ और […] Read more » Raj Thakre राज ठाकरे
राजनीति नए राष्ट्रपति से एक अनुरोध / लालकृष्ण आडवाणी August 21, 2012 / August 21, 2012 by लालकृष्ण आडवाणी | 3 Comments on नए राष्ट्रपति से एक अनुरोध / लालकृष्ण आडवाणी यूपीए सरकार का कार्यकाल मई 2014 में समाप्त होगा। सोलहवीं लोकसभा का चुनाव उससे पूर्व होना अनिवार्य है। सन् 1952 में भारत में हुए पहले आम चुनावों का मुझे आज भी स्मरण है। पार्टी के हम प्रचार- कर्ताओं को विधानसभाई चुनावों की ज्यादा चिंता थी बजाय लोकसभाई चुनावों के। उन लोकसभाई चुनावों में जनसंघ तीन […] Read more » राष्ट्रपति
राजनीति क्षेत्रीय दलों की चुनौतियां August 20, 2012 / August 20, 2012 by शशांक शेखर | Leave a Comment शशांक शेखर असम के कोकराझाड़ में हुई हिंसा और फिर इसके प्रतिक्रिया स्वरुप देश के कई हिस्सों से उत्तर भारतीय लोगों का पलायन सहसा भारतीय संस्कृति और एकता–अखंडता पर प्रश्न चिन्ह लगा देता है। जो भारत अतीत काल से अनेकता में एकता का दम भरता है वो बस एक अफवाह पर ताश के घरों की […] Read more » regional partied क्षेत्रीय पार्टियां
राजनीति समाज भारतीय मुसलमान स्वयं को संभाले / मा. गो. वैद्य August 20, 2012 by मा. गो. वैद्य | 3 Comments on भारतीय मुसलमान स्वयं को संभाले / मा. गो. वैद्य गत ११ अगस्त को मुंबई के आज़ाद मैदान में ‘रजा ऍकॅदमी’ नाम की मुस्लिम संस्था ने एक निषेध सभा का आयोजन किया था. असम और म्यांमार में मुसलमानों पर जो तथाकथित अत्याचार किए गए, उनका निषेध करने के लिए यह सभा, या धरना आंदोलन था. इसके लिए संस्था ने सरकार से अनुमति ली थी; और […] Read more »
राजनीति नेताजी, जनता की मान्यता के बिना मोर्चे सफल नहीं होते ! August 20, 2012 / August 20, 2012 by विनायक शर्मा | 4 Comments on नेताजी, जनता की मान्यता के बिना मोर्चे सफल नहीं होते ! विनायक शर्मा तीसरे मोर्चे की सम्भावना पर नेताजी के नाम से प्रसिद्द मुलायम सिंह के ताजातरीन बयान से राजनीतिक दलों में एक संम्राम सा छिड़ गया है. समाजवादी पार्टी के सुप्रीमों मुलायम सिंह ने तीसरे मोर्चे की सम्भावना जता अगली सरकार बनाने का वक्तव्य क्या दिया सभी तरफ से बयानों की बौछार लग गई. कोई […] Read more » तीसरे मोर्चे की सम्भावना
राजनीति केवल अर्थव्यवस्था ही देश की रीढ़ नहीं ? August 19, 2012 / August 18, 2012 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on केवल अर्थव्यवस्था ही देश की रीढ़ नहीं ? प्रमोद भार्गव संदर्भ :- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का भाषण – प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह द्वारा देश की आजादी की 66वीं सालगिरह पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से दिया गया उदबोधन उदासीन और उबाउ रहा। इस उदबोधन ने तय किया कि नौकरशाह से प्रधानमंत्री बने व्यकित की सोच में उस व्यापक दृष्टि […] Read more » economy backbone of the country अर्थव्यवस्था ही देश की रीढ़
राजनीति गरीबी और हमारी सरकार August 19, 2012 / August 18, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on गरीबी और हमारी सरकार दिलीप सिकरवार कौन कहता है हमारी सरकार को गरीब और गरीबों की फिक्र नही है। यदि कोर्इ भी इस तरह के आरोप सरकार और उसके नुमाइंदों पर लगाता है तो हम उसका मुह तोड. जवाब दे सकते है। हमारे पास इसके पुख्ता प्रमाण है। हमे मालूम है सरकार का पूरा ध्यान गरीब और गरीबों पर […] Read more » poverty and ourgovernment गरीबी और हमारी सरकार