राजनीति केंद्र पर दबाव की सियासत कर रहीं ममता November 7, 2011 / December 5, 2011 by प्रकाश चण्डालिया | Leave a Comment प्रकाश चण्डालिया पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी पर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया मीडिया, खासकर पं. बंगाल के मीडिया में सुर्खियों में स्थान पा गयीं, लेकिन जमीनी हकीकत से वास्ता रखने वालों को मालूम है कि उनकी तथाकथित कड़े शब्दों वाली प्रतिक्रिया महज शब्दों की जुगाली है। ममता बनर्जी यूपीए की सबसे शक्तिशाली साझेदार हैं। […] Read more » central govt. Congress ममता बनर्जी
राजनीति घातक है राष्ट्रविभाजक शक्तियों का बेलगाम होना November 6, 2011 / December 5, 2011 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी मुंबई का बाल ठाकरे घराना अपने विवादास्पद बयानों तथा आक्रामक राजनीति को लेकर प्राय: सुर्खियों में रहता है। बाल ठाकरे की क्षेत्रीय पार्टी शिवसेना द्वारा दोपहर का सामना नामक एक पार्टी मुखपत्र मुंबई से ही प्रकाशित किया जाता है जिसमें ठाकरे घराने द्वारा दिए गए विवादास्पद बयानों तथा उनके द्वारा किसी विशेष क्षेत्र, […] Read more » बाल ठाकरे राष्ट्रविभाजक शक्तियों का बेलगाम होना
राजनीति देशद्रोही NGOs गैंग “जोंक और पिस्सू” की तरह हैं November 3, 2011 / December 5, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 5 Comments on देशद्रोही NGOs गैंग “जोंक और पिस्सू” की तरह हैं सुरेश चिपलूनकर संदीप पाण्डे और मेधा पाटकर के नेतृत्व में NGO गैंग वाले, AFSPA कानून और भारतीय सेना के अत्याचारों(?) के खिलाफ़ कश्मीर से मणिपुर तक एक रैली निकाल रहे हैं। कुछ सवाल उठ रहे हैं मन में –1) जब तक कोई NGO छोटे स्तर पर काम करता है तब तक तो “थोड़ा ठीक” रहता […] Read more » AFSPA देशद्रोही NGOs गैंग पिस्सू संदीप पांडेय
राजनीति हुड्डा क्या, अब तो कांग्रेस को ही जाना है हरियाणा से November 3, 2011 / December 5, 2011 by जगमोहन फुटेला | Leave a Comment जगमोहन फुटेला कांग्रेस और हरियाणा के मुख्यमंत्री दोनों ने वक्ती तौर पर अपने बचाव का इंतजाम कर लिया है. हुड्डा खुद तो क्यों ही जाएंगे. कांग्रेस भी उन्हें नहीं हटाएगी. क्योंकि फजीहत का फाईनल अभी बाकी है. प्रदेश अध्यक्ष फूल चंद मुलाना ने हिसार की नैतिक जिम्मेवारी कबूल ली है. इस्तीफे की पेशकश भी की […] Read more » Bhupendra singh hudda Congress Party कांग्रेस भूपेन्द्र सिंह हुड्डा हरियाणा
महत्वपूर्ण लेख राजनीति माओवाद, आधुनिकतावाद और हिसांचार : जगदीश्वर चतुर्वेदी November 3, 2011 / December 5, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment आधुनिकतावाद के दो प्रमुख बाईप्रोडक्ट है सामाजिक हिंसा और माओवाद। आधुनिकतावाद की खूबी है कि उसने हिंसा को सहज, स्वाभाविक और अपरिहार्य बनाया है फलतः हिंसा के प्रति घृणा की बजाय उपेक्षा का भाव पैदा हुआ है। हिंसा के हम अभ्यस्त होते चले गए हैं। घरेलू हिसा से लेकर वर्गीय हिंसा तक के व्यापक फलक […] Read more » modern india माओवाद
राजनीति अन्ना के आंदोलन में मची खीच-तान November 3, 2011 / December 5, 2011 by अनुराग अनंत | 5 Comments on अन्ना के आंदोलन में मची खीच-तान अनुराग अनंत मैंने कहीं पढ़ा था की समाज एक प्रयोगशाला है जहाँ सामाजिक विज्ञान के नियमों के प्रयोग और प्रेक्षण किये जाते है ,पर ये प्रयोगशाला साधारण प्रोयागशाला से ज्यादा सतर्कता की माँग करती है कारण ये है की यदि विज्ञान की प्रयोगशाला में कोई गलत प्रयोग या परिक्षण होता है तो दुष्परिणाम सिर्फ वैज्ञानिक […] Read more » Anna Andolan Anna Hazare अन्ना के आंदोलन
राजनीति पाकिस्तानः पिद्दी न पिद्दी का शोरवा….. November 2, 2011 / December 5, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on पाकिस्तानः पिद्दी न पिद्दी का शोरवा….. इक़बाल हिंदुस्तानी एक कहावत है कि जब गीदड़ की मौत आती है तो वह शहर की तरफ भागता है, इसमें यह और जोड़ा जा सकता है कि जब पाकिस्तान की तबाही आती है तो वह अमेरिका जैसी महाशक्ति को आंखे दिखाता है। पाकिस्तान के सेनाप्रमुख जनरल परवेज़ कयानी ने जब यह चेतावनी दी थी कि […] Read more » pakistan पाकिस्तान
राजनीति ये मुखबिरों की बस्ती है November 2, 2011 / December 5, 2011 by आशा शुक्ला | 1 Comment on ये मुखबिरों की बस्ती है आशा शुक्ला देश में आज भी धर्म और जाति के आधार पर बस्ती, उनकी पहचान न सिर्फ मौजूद है बल्कि स्वीकार्य भी है। परंतु इसी देश में मुखबिरों की एक बस्ती भी है, यह सुनकर कोई भी चौंक सकता है। यह बस्ती न तो हमारे देश की सीमा पर कहीं गुप्त रूप से बसा है […] Read more » नक्सलवाद बस्तर
राजनीति अन्ना की माला के बिखरते मोती October 31, 2011 / December 5, 2011 by डॉ0 शशि तिवारी डॉ. शशि तिवारी जीवन के तट पर कर्मों की ऊर्जा की लहरों के निरंतर टकराहट से ही जीवन स्पंदित होता रहता है, क्रियाशील रहता है, कर्म ही जीवन की ऊर्जा एवं शक्ति है और जहां शक्ति होती है वहां कर्म होता है। नियंगित एवं दिशायुक्त शक्ति ही लक्ष्य को भेद सकती है। जरा सा भटकाव, […] Read more » Anna Hazare अन्ना की माला के बिखरते मोती
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान October 31, 2011 / December 5, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे घोटाला पुरूष बने शरद पवार! कोई विकास पुरूष बनता है तो कोई युग पुरूष पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार तो घोटाला पुरूष की अघोषित संज्ञा पा गए हैं। इंटरनेट पर इन दिनों शरद पंवार के घोटालों की चर्चाएं जोरों पर हैं। शरद पंवार कांड के नाम से एक फोटो फेसबुक […] Read more » Delhi
राजनीति श्री दिग्विजय सिंह : बुरा न मानो भाई ये कांग्रेस का भोपूं है October 30, 2011 / December 5, 2011 by राजीव गुप्ता | 4 Comments on श्री दिग्विजय सिंह : बुरा न मानो भाई ये कांग्रेस का भोपूं है परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च दु:श्चकृताम ! धर्मसंस्थापर्थनाय संभवामि युगे युगे !! (गीता) भगवान् श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि जब जब धरती पर सज्जन पुरुषों के साथ अन्याय होगा तब तब वो धर्म की स्थापना के लिए हर युग में आयेगे ! और कलयुग में संगठन के रूप में ही समाज की रक्षा […] Read more » Digvijay Singh दिग्विजय सिंह
राजनीति मध्यप्रदेश : आधी छोड़ पूरी को ध्यावै आधी मिले ना पूरी पावै October 30, 2011 / December 5, 2011 by सरिता अरगरे | Leave a Comment सरिता अरगरे यूँ तो हम भारतीय स्वभाव से ही उत्सव प्रेमी हैं । मौसम का मिजाज़ बदले या फ़िर जीवन से जुड़ा कोई भी पहलू हो , हम पर्व मनाने का बहाना तलाश ही लेते है । साल में जितने दिन होते हैं उससे कहीं ज़्यादा पर्व और त्योहार हैं । अब तक लोक परंपराओं […] Read more » Madhya pradesh मध्यप्रदेश