राजनीति कंधमाल में चैन, दिल्ली बेचैन August 19, 2010 / December 22, 2011 by समन्वय नंद | 8 Comments on कंधमाल में चैन, दिल्ली बेचैन -समन्वय नंद आगामी 22 से 24 अगस्त तक नई दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में एक कंधमाल को लेकर कार्यक्रम का आय़ोजन किया जा रहा है। इस बारे में दी गई जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम का नाम होगा, ‘नेशनल पीपुल्स ट्रिब्युनल आन कंधमाल ’। कार्यक्रम का आयोजन किसी नेशनल सोलिडारिटी फोरम (एनएसएफ) नामक मंच द्वारा […] Read more » Delhi दिल्ली
राजनीति भोपाल गैस कांड में अर्जुन सिंह आखिर साबित क्या करना चाहते हैं? August 19, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | 5 Comments on भोपाल गैस कांड में अर्जुन सिंह आखिर साबित क्या करना चाहते हैं? -लिमटी खरे बीसवीं सदी के अंतिम तीन दशकों में कांग्रेस की राजनीति के चाणक्या का अघोषित तमगा मिल चुका है पूर्व केंद्रीय मंत्री कुंवर अर्जुन सिंह को। कुंवर अर्जुन सिंह के जहर बुझे तीरों के चलने के बाद जब घाव रिसने लगते हैं, तब लोगों को पता चल पाता है कि कुंवर साहब ने घाव […] Read more » Bhopal Gas Tragedy भोपाल गैस त्रासदी
राजनीति मंहगाई पर साध लेते हैं चुप्पी पर वेतन भत्तों पर अड़े रहते हैं माननीय August 18, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | 3 Comments on मंहगाई पर साध लेते हैं चुप्पी पर वेतन भत्तों पर अड़े रहते हैं माननीय -लिमटी खरे 14 और 15 अगस्त की दरम्यानी रात को जब डेढ़ सौ साल की ब्रितानी हुकूमत से देश को आजादी मिल रही थी तब हर एक भारतीय की आखों में उजले भविष्य की तस्वीर साफ दिखाई पड़ रही थी। उस वक्त जवान हो चुकी पीढ़ी को लगने लगा था कि आने वाला कल हमारा […] Read more » Inflation मंहगाई
राजनीति लाचार प्रधानमंत्री का उबाऊ उद्बोधन! August 17, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | 5 Comments on लाचार प्रधानमंत्री का उबाऊ उद्बोधन! -लिमटी खरे भारत गणराज्य में आजादी के उपरांत यह परंपरा चल पड़ी है कि स्वाधीनता दिवस के रोज वजीरे आजम द्वारा स्वायत्त सत्ता के प्रतीक लाल किले में तिरंगा फहराया जाएगा और उसके बाद वे उसी लाल किले की प्राचीर से आवाम ए हिन्द को संबोधित करेंगे। अब तक के प्रधानमंत्रियों में डॉ. मनमोहन सिंह […] Read more » Dr Manmohan Singh डॉ. मनमोहन सिंह
राजनीति मनमोहनी बातें हैं, बातों का क्या August 17, 2010 / December 22, 2011 by डॉ. सुभाष राय | 5 Comments on मनमोहनी बातें हैं, बातों का क्या बार-बार ऐसी अच्छी, मीठी बातें हमारे शासक करते रहे हैं। कुछ अच्छी योजनाएं बनती भी हैं तो नेता, अफसर और ठेकेदारों की तिकड़ी उनके धन को बीच में ही निगल जाती है। भ्रष्टाचार की पतितसलिला बाकी बचा-खुचा अपने भीतर समा लेने को मुंह बाये खड़ी दिखती है। ऐसे में केवल भाषणों से आगे जाने की जरूरत है, सख्त पहल की आवश्यकता है। केवल बातों से बात बनने वाली नहीं है। ये सब अगर सिर्फ बातें हैं तो इन बातों का क्या? Read more » Manmohan Singh जश्न-ए-आजादी के बाद
राजनीति राष्ट्रीय मीडिया में “देशद्रोही” भरे पड़े हैं… सन्दर्भ – कश्मीर स्वायत्तता प्रस्ताव August 16, 2010 / December 22, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 36 Comments on राष्ट्रीय मीडिया में “देशद्रोही” भरे पड़े हैं… सन्दर्भ – कश्मीर स्वायत्तता प्रस्ताव कैसी स्वायत्तता चाहिये उन्हें? क्या स्वायत्तता का मतलब यही है कि भारत उन लोगों को अपने आर्थिक संसाधनों से पाले-पोसे, वहाँ बिजली परियोजनाएं लगाये, बाँध बनाये… यहाँ तक कि डल झील की सफ़ाई भी केन्द्र सरकार करवाये? उनसे पूछना चाहिये कि 60 साल में भारत सरकार ने जो खरबों रुपया दिया, उसका क्या हुआ? उसके बदले में पत्थरबाजों और उनके आकाओं ने भारत को एक पैसा भी लौटाया? क्या वे सिर्फ़ फ़ोकट का खाना ही जानते हैं, चुकाना नहीं? Read more » Kashmir Autonomy Proposal राष्ट्रीय मीडिया
राजनीति केरल को लेकर इस्लामी आतंकवादियों का षड्यंत्र August 16, 2010 / December 22, 2011 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 3 Comments on केरल को लेकर इस्लामी आतंकवादियों का षड्यंत्र – डॉ कुलदीप चंद अग्निहोत्री केरल देश का शायद सबसे ज्यादा अनुपात वाला साक्षर राज्य है। केरल ही वह प्रदेश है जहां देश के इतिहास में पहली बार लोकतांत्रिक ढंग से साम्यवादी सरकार को चुना गया था। इसलिए कुछलोग ऐसा भी कहते हैं कि केरल चिंतन और व्यवहार में देश का सबसे प्रगतिशील राज्य है। […] Read more » Islam इस्लाम केरल हिंसा
राजनीति राहुल गाँधी की लोकप्रियता के मायने August 16, 2010 / December 22, 2011 by पंकज चतुर्वेदी | 15 Comments on राहुल गाँधी की लोकप्रियता के मायने –पंकज चतुर्वेदी भारतीय उप-महाद्वीप में राजनितिक परिवारों से राजनेताओं के आने का सिलसिला बहुत पुराना है। पाकिस्तान में जुल्फिकार अली भुट्टो के परिवार से बेनज़ीर, दामाद आसिफ जरदारी तो है ही और अब नाती बिलावल और उसकी बहने बख्तावर और आसिफा भी पाक राजनीति जमात में शामिल होने को तैयार हैं, बस इनकी उम्र इन्हें […] Read more » Rahul Gandhi राहुल गांधी
राजनीति किसकी लडाई लड रहे हैं ये माओवादी? August 16, 2010 / December 22, 2011 by समन्वय नंद | 15 Comments on किसकी लडाई लड रहे हैं ये माओवादी? -समन्वय नंद सर्वहारा की लडाई लडने का दावा करने वाले माओवादियों के संबंध में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बंगलूरू पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई व नक्सलियों के बीच सांठगांठ कर देश में आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। वैसे तो पाकिस्तानी खुफिया […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान August 16, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | 3 Comments on ये है दिल्ली मेरी जान -लिमटी खरे राहुल शरणम जाने की तैयारी में सुरेश कलमाड़ी जनता के हजारों करोड़ रूपए हवा में उड़ाने के बाद अब कामन वेल्थ गेम्स आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने कांग्रेस के अंदर अंदर ही मची खींचतान को रोकने के लिए कांग्रेस की नजर में भविष्य के प्रधानमंत्री राहुल गांधी को सिद्ध करने का […] Read more » Delhi
राजनीति बंद कीजिए ये बेशर्म नौटंकी August 15, 2010 / December 22, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on बंद कीजिए ये बेशर्म नौटंकी -हरे राम मिश्र पिछले कई सालों की तरह इस साल भी हम अपना स्वतंत्रता दिवस पूरे ताम झाम के साथ मना रहे है। जाहिर सी बात है, भब्य कार्यक्रम होंगे नयी घोषणाएं होंगी और देश वासियों के सामने तमाम वायदे होंगें, उपलब्धियों की वाहवाही होगी और आतंकवादियों, चरमपंथियों को एक कडी चेतावनी दी जाएगी। फिर […] Read more » Independence Day स्वतंत्रता दिवस
राजनीति आजादी की 63वीं वर्षगाठ पर विशेष August 15, 2010 / December 22, 2011 by अशोक बजाज | 11 Comments on आजादी की 63वीं वर्षगाठ पर विशेष -अशोक बजाज आज हम आजादी की 63वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। किसी भी देश के विकास के लिए 63 वर्ष कोई कम नहीं है। वर्षों की गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को आजाद मातृभूमि पर जब सूरज की पहली किरण पड़ी होगी तो वह दृश्य कितना मनमोहक रहा होगा। चारों तरफ ढोल-नगाडे बज रहे […] Read more » cultural सांस्कृतिक राष्ट्रवाद