राजनीति ममता जुटीं सोनिया को खुश करने में June 7, 2010 / December 23, 2011 by लिमटी खरे | 2 Comments on ममता जुटीं सोनिया को खुश करने में -लिमटी खरे नई दिल्ली 07 जून। स्थानीय निकयों के चुनावों में आशातीत सफलता पाने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने यूपीए अध्यक्ष और कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी को प्रसन्न करने की कवायद आरंभ कर दी है। ममता बनर्जी चाहती हैं कि कोलकता की रायटर्स बिल्डिंग पर वाम मोर्चे के […] Read more » Soniya Gandhi ममता बनर्जी सोनिया गांधी
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान June 7, 2010 / December 23, 2011 by लिमटी खरे | 3 Comments on ये है दिल्ली मेरी जान -लिमटी खरे आईपीएल की आग में झुलस न जाएं पवार लगता है इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का जिन्न अनेक मंत्रियों, राजनेताओं और जनसेवकों को लील कर ही दम लेगा। आईपीएल के चेयरमेन रहे ललित मोदी और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री रहे शशि थुरूर के बीच हुई तकरार के बाद दोनों ही को अपना अपना पद गंवाना […] Read more » Delhi
राजनीति नौकरशाही और नेताशाही की एकता June 7, 2010 / December 23, 2011 by अनिल पांडेय | 1 Comment on नौकरशाही और नेताशाही की एकता भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस, ये तीन देश एशिया के सबसे भ्रष्ट और निकृष्ट नौकरशाही वाले देश घोषित किए गए हैं। पॉलिटिकल एंड इकोनॉमिक रिस्क कंसलटेंसी की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इन देशों की नौकरशाही (ब्यूरोक्रेसी) असक्षम एवं लालफीताशाही से बंधी हुई है। वहीं सिंगापुर तथा हांगकांग की नौकरशाही को सबसे ज्यादा सक्षम […] Read more » Bureaucracy नेताशाही नौकरशाही
राजनीति पश्चिम बंगाल : आसमान से गिरे, खजूर पर अटके June 5, 2010 / December 23, 2011 by पंकज झा | Leave a Comment -पंकज झा हालांकि पश्चिम बंगाल में लगभग चार दशक के बाद वामपंथी दुर्ग का ढह जाना निश्चय ही वर्तमान राजनीति की एक बड़ी घटना है. लेकिन इस खबर के आलोक में जिस तरह देश और प्रदेश के प्रेक्षकों में जश्न का माहौल है, उसका कोई कारण दिखाई नहीं दे रहा है. राज्य के 16 जिलों […] Read more » Left पश्चिम बंगाल ममता बनर्जी वामपंथ
राजनीति शहर और उसके लोग June 5, 2010 / December 23, 2011 by अरुण माहेश्वरी | Leave a Comment -अरुण माहेश्वरी पश्चिम बंगाल के हाल के नगरपालिका चुनाव में कितनी भी राजनीतिक उत्तेजना क्यों न रही हो, इनके दौरान बहसों और बातों के कुछ ऐसे पहलू देखने को मिलें, जिन पर इस स्तंभ के पाठकों से कुछ दिलचस्प चर्चा की जा सकती है। मसलन्, ममता बनर्जी कह रही थी कि हमें सत्ता सौंपों, हम […] Read more » West Bengal पश्चिम बंगाल
राजनीति आतंकवादियों को महिमामंडित करती अरुंधती राय June 4, 2010 / December 23, 2011 by गिरीश पंकज | 44 Comments on आतंकवादियों को महिमामंडित करती अरुंधती राय -गिरीश पंकज अरुंधति राय जैसी पश्चिमोन्मुखी (और कुछ अर्थों में पतनोन्मुखी भी) लेखिकाओं को यह पता है कि अगर मीडिया में बने रहना है तो हथकंडे क्या हो सकते हैं। और वह अकसर सफल रहती हैं। अरुंधति के बहुत-से लटके-झटके मैं देखता रहा हूँ, सबका जवाब देने का कोई मतलब भी नहीं, लेकिन इस बार […] Read more » Naxalism अरुंधती राय नक्सलवाद माओवाद
राजनीति राइटर्स बिल्डिंग से तृणमूल की हो गयी सगाई June 3, 2010 / December 23, 2011 by प्रकाश चण्डालिया | 2 Comments on राइटर्स बिल्डिंग से तृणमूल की हो गयी सगाई -प्रकाश चण्डालिया तृणमूल से राइटर्स बिल्डिंग की सगाई की रस्म 2 जून 2010 को बाकायदा हो चुकी है और उनकी कुड़माई को अब कोई रोक नहीं सकता, यह तय है। राइटर्स बिल्डिंग की मंगेतर बन चुकी ममता बनर्जी की पार्टी ने सत्ता का सेमीफाइनल जीत कर वाममोर्चा के कोफिन की आखिरी कील का इंतजाम कर […] Read more » Mamta Benarji तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी
राजनीति पश्चिम बंगाल में जनता द्वारा लिखी गई इबारत के मायने? June 3, 2010 / December 23, 2011 by निर्मल रानी | Leave a Comment -निर्मल रानी पश्चिम बंगाल में गत् दिनों स्थानीय निकायों के चुनावों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। जैसी कि अपेक्षा की जा रही थी, राज्य के अधिकांश नगर निगमों पर ममता बैनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने अपना कब्जा जमा लिया है। यहां तक कि कोलकाता महानगर निगम के चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस […] Read more » West Bengal तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी
राजनीति शुक्र है! ये कौम मुर्दा नहीं…. June 3, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment -आशीष तिवारी देश में लोकतंत्र बेहद मजबूत हो गया है लेकिन लोगों की बातें इस तंत्र में नहीं सुनी जाती। लोग बोलते बोलते थक चुके हैं और अब तो मुर्दई ख़ामोशी ओढ़ कर चुप बैठे हैं। लोकतंत्र का उत्सव मनाया जाता है लेकिन शवों के साथ। कौम सांस लेती तो है लेकिन है मुर्दा। ऐसे में […] Read more » Bal Panchayat बाल पंचायत
राजनीति राजनीति में नैतिकता का बाजारभाव June 2, 2010 / December 23, 2011 by संजय द्विवेदी | 4 Comments on राजनीति में नैतिकता का बाजारभाव -संजय द्विवेदी झारखंड में पिछले दिनो से जो कुछ हो रहा है उसके बाद तो यह मान लीजिए कि राजनीति में नैतिकता की उम्मीदें पालना एक ऐसा सपना है जो कभी पूरा नहीं होगा। झारखंड में एक क्षेत्रीय दल के नेता शिबू सोरेन ने आखिरकार यह साबित कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी और उनके […] Read more » Bhajpa भाजपा
राजनीति झारखंड में भाजपा : बोये पेड़ बबूल का June 2, 2010 / December 23, 2011 by पंकज झा | 2 Comments on झारखंड में भाजपा : बोये पेड़ बबूल का – पंकज झा अब अंततः जब झारखंड में महीनों की छीछालेदर के बाद राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है तो इस लेखक को उस प्रदेश के चुनाव परिणाम आने से पहले की शाम की याद आ रही है. रायपुर का माना विमान स्थल. अगले दिन झारखंड विधानसभा का परिणाम आने वाला है. संयोग से वहां […] Read more » Jharkhand झारखंड
राजनीति बेकाबू माओवादी-घबराई सरकार:फिर कैसे हो समाधान May 31, 2010 / December 23, 2011 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment -तनवीर जाफरी माओवादी अथवा नक्सली हिंसा के विरुद्ध केंद्र सरकार का कुछ राज्य सरकारों के सहयोग से चलाया जाने वाला आप्रेशन ग्रीन हंट जारी है। इस आप्रेशन ग्रीन हंट के परिणाम अप्रत्याशित रूप से जो सामने आ रहे हैं वह आश्चर्यचकित कर देने वाले हैं। आप्रेशन ग्रीन हंट का संचालन करने वाला केंद्रीय गृह मंत्रालय […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद