राजनीति दिग्गी की नजरें 7, रेसकोर्स पर May 17, 2010 / December 23, 2011 by लिमटी खरे | 1 Comment on दिग्गी की नजरें 7, रेसकोर्स पर -लिमटी खरे नई दिल्ली 17 मई। सवा सौ साल पुरानी कांग्रेस में आने वाले दो वर्षों में नेतृत्व परिवर्तन का रोडमेप तैयार होने लगा है। देश पर आधी सदी से ज्यादा शासन करने वाली कांग्रेस में इन दिनों भविष्य में सत्ता की मलाई खाने की गलाकाट स्पर्धा मची हुई है। कांग्रेस का एक बडा वर्ग […] Read more » Digvijay Singh दिग्गी
राजनीति जनमत का रुख मोड देते थे शेखावतजी May 15, 2010 / December 23, 2011 by पंकज झा | Leave a Comment -पंकज झा भैरों सिंह शेखावत जी के निधन ने लोकतंत्र के वास्तविक जनाधार को समेट कर रखने वाले, बिना किसी समझौता के जनमत का रुख अपनी ओर मोड़ लेने वाले, भीड़ की हां में हां मिलाने के बदले, भीड़ से अपनी उचित बात मनवा लेने वाले एक विरले नायक को देश से वंचित कर […] Read more » Bhairosingh Shekhawat भैरोसिंह शेखावत
राजनीति दो सिंहों की लड़ाई में मेमना बनता छत्तीसगढ़ May 14, 2010 / December 23, 2011 by पंकज झा | 7 Comments on दो सिंहों की लड़ाई में मेमना बनता छत्तीसगढ़ – पंकज झा एक लोकोक्ति है ‘जब दो बैल आपस में लड़ते हैं तो नाहक फसल खराब होता है’. शायद सांड के बदले बैलों का कहावत में उपयोग इसलिए किया गया है क्योंकि बैल से यह अपेक्षा की जाती है कि उसके मेहनत का उपयोग पैदावार बढाने में हो. उसके ऊर्जा का अनावश्यक इस्तेमाल करने […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद
राजनीति फिर बेनकाब हुआ भाजपा के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का ढोंग May 14, 2010 / December 23, 2011 by निर्मल रानी | 4 Comments on फिर बेनकाब हुआ भाजपा के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का ढोंग -निर्मल रानी नितिन गडकरी को जब राजनाथ सिंह के स्थान पर भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था उसी समय दो बातें बिल्कुल स्पष्ट हो गई थीं। एक तो यह कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी ऐसे नेता को भाजपा प्रमुख के पद पर आसीन करना चाहता था जोकि संघ की पृष्ठभूमि का हो तथा […] Read more » Nitin Gadkari नितिन गडकरी भाजपा
राजनीति नक्सलवाद: इस नए महाभारत के शिखंडियों को पहचानें-2 May 13, 2010 / December 23, 2011 by पंकज झा | 3 Comments on नक्सलवाद: इस नए महाभारत के शिखंडियों को पहचानें-2 -पंकज झा नक्सलवाद के पैरोकार तथाकथित बुद्धिजीवी किस तरीके से छद्म लबादा ओढे भारतीय लोकतंत्र और समाज व्यवस्था पर चोट कर रहे हैं, इस विषय पर लिखित निम्न लेख हमारी आंखें खोलनेवाला है। इस लेख का पहला भाग आप पढ चुके हैं। प्रस्तुत है अंतिम भाग- संपादक अभी 3-4 महीने पहले लेखिका और नक्सल समर्थक […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति नक्सलवाद: इस नए महाभारत के शिखंडियों को पहचानें May 12, 2010 / December 23, 2011 by पंकज झा | 1 Comment on नक्सलवाद: इस नए महाभारत के शिखंडियों को पहचानें -पंकज झा नक्सलवाद के पैरोकार तथाकथित बुद्धिजीवी किस तरीके से छद्म लबादा ओढे भारतीय लोकतंत्र और समाज व्यवस्था पर चोट कर रहे हैं, इस विषय पर लिखित निम्न लेख हमारी आंखें खोलनेवाला है। पंकजजी ने यह लेख एक पत्रिका के लिए लिखा है। जाहिर है लेख लंबा है। सामान्यतः नेट पर लोग बड़ा पोस्ट पढ़ना […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति क्यों न हो सीबीआई का दुरूपयोग May 11, 2010 / December 23, 2011 by संजय द्विवेदी | 3 Comments on क्यों न हो सीबीआई का दुरूपयोग -संजय द्विवेदी सीबीआई के दुरूपयोग को लेकर भारतीय जनता पार्टी की चिंताएं समझी जा सकती हैं। शायद इसीलिए उसके सबसे बड़े नेता लालकृष्ण आडवानी के नेतृत्व में भाजपा सांसद पिछले दिनों संसद में गांधी जी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करते नजर आए। जाहिर तौर पर भाजपा का यह कदम एक प्रतीकात्मक कदम से ज्यादा […] Read more » CBI सीबीआई का दुरूपयोग
राजनीति लाल दुर्ग की दीवारों में आने लगी दरारें May 11, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on लाल दुर्ग की दीवारों में आने लगी दरारें -अरविन्द कुमार सेन समय: रात के आठ बजे। स्थान: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का माही-मांडवी छात्रावास का भोजनालय। छात्र खाना खा रहे हैं। आइसा, एसएफआई, डीएसयू, पीएसयू और एआईडीएसओ आदि वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्य छात्र भोजनालय में पहुंचते हैं। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए ये छात्र दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमलें को सही ठहराते […] Read more » Communist कम्युनिस्ट जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय
राजनीति मनमोहन-चिदम्बरम को गुलाम बुद्धिजीवियों की तलाश May 11, 2010 / December 23, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 2 Comments on मनमोहन-चिदम्बरम को गुलाम बुद्धिजीवियों की तलाश -जगदीश्वर चतुर्वेदी कांग्रेस पार्टी को गुलाम बुद्धिजीवी अच्छे लगते हैं। बुद्धिजीवियों को पालतू बनाने में कांग्रेस माहिर है। भारत में बौद्धिक उत्थान की संभावनाओं को पंक्चर करने के लिए वह तरह-तरह के हथकंडे़ अपनाती रही है। इसके बावजूद बुद्धिजीवियों का एक समूह ऐसा भी पैदा हुआ है जो कांग्रेस के हाथों बिकने को तैयार नहीं […] Read more » Maoist कांग्रेस बुद्धिजीवी माओवाद
राजनीति मध्यप्रदेश में सुप्रभात : मयंक चतुर्वेदी May 11, 2010 / December 23, 2011 by मयंक चतुर्वेदी | 2 Comments on मध्यप्रदेश में सुप्रभात : मयंक चतुर्वेदी दुनिया में वैसे तो प्रतिदिन सुबह होती है। प्रभात होते ही जीवन गतिशील हो उठता है। चिडिया चहचहाने लगती हैं और प्रत्येक दिशा में सक्रियता नजर आती है। किन्तु भारत के राज्य मध्यप्रदेश में आठ मई का दिन विशेष प्रभात का दिन था। क्योंकि इसी दिन प्रदेश की राजधानी भोपाल में देश की शीर्ष राजनीतिक […] Read more » bjp Madhya Pradesh Prabhat Jha प्रभात झा भाजपा
राजनीति जन्मदिन पर विशेष – कार्ल मार्क्स की लोकप्रियता का रहस्य May 5, 2010 / December 23, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 3 Comments on जन्मदिन पर विशेष – कार्ल मार्क्स की लोकप्रियता का रहस्य ( 5 मई 1818 – 14 मार्च 1883) कार्ल मार्क्स का आज जन्मदिन है। यह ऐसे मनीषी का जन्मदिन है जो आज भी दुनिया के वंचितों का कण्ठहार बना हुआ है। आज भी मार्क्स की लिखी ‘पूंजी‘ दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब है। आज भी पूंजीवाद और शोषण का कोई भी विमर्श मार्क्स […] Read more » Karl Marx कार्ल मार्क्स
राजनीति सुनो जनता कुछ कहती है! May 5, 2010 / December 23, 2011 by पीयूष पंत | Leave a Comment – पीयूष पंत दंतेवाड़ा, लालगढ़, सिंगूर या फिर नियामगिरी- ये हैं कुछ ऐसे नाम जहां जनता अपनी आजीविका के प्रकृति प्रदत्त संसाधनों को देशी-विदेशी कंपनियों की गिद्ध-दृष्टि से बचाए रखने के लिए आर-पार की लउ़ाई लउ़ रही है। एक तरफ आंदोलनरत स्थानीय जनता है, तो दूसरी तरफ है उन्हें उनकी ही ज़मीन, उनके ही जंगलों […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद